ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत को लेकर दुनिया में बवाल मचा हुआ है। भारत में भी यूपी, जम्मू कश्मीर समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच यूपी के दो बच्चों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बच्चों का कहना है कि उसने ईरान के सुप्रीम लीडर खोमेनेई की मौत पर जमकर आँसू बहाए। बातचीत में बच्चे की पीएम मोदी से नफरत भी सामने आ गई। उसका कहना है कि पीएम मोदी जिए या मरे, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
खामेनेई के समर्थन में कट्टरपंथी सोच किस तरह से बच्चों का इस्तेमाल कर रही है और उसे कट्टरपंथ के राह पर आगे बढ़ा रही है इसका उदाहरण है ये एक वीडियो..
20 साल जेल काटने को तैयार है बच्चा
बच्चे में नफरत का बीज इतना बोया गया है कि वह इजरायल को खत्म करने के लिए चाकू मारने तक तैयार है। हालाँकि उसे पता है कि किसी की हत्या करने पर उम्रकैद हो सकती है। इसलिए वह कहता है कि वह 20 साल जेल काटने को तैयार है। बच्चे को ये नहीं पता कि इजरालय में मारना किसे है। वह एक बार भी इजरायली पीएम का नाम नहीं बता पा रहा, लेकिन मर्डर करने को तैयार है। इजरालय को मारने में बच्चों की भी जान चली जाएगी, इसका भी उसे कोई गम नहीं है। ये तो बस इजरायल को मारना चाहता है। सीने में चाकू घोपना चाहता है, भले ही उसे 20 साल की सजा ही क्यों न हो जाए।
बच्चे को फिलिस्तीन से भी प्यार है। वहाँ हुए हमले का दुख है। लेकिन भारत में कोई घटना घट जाए तो उसका उसे फर्क नहीं पड़ेगा। बच्चा का कहना है कि यहाँ तो घटना घटते ही रहता है।
इजरायल को मारना चाहिए क्योंकि उन्होंने हमारे खामेनेई साहब को मारा है।
ईरानी नेता खामेनेई को बच्चा अपना ‘रहबर’ कहता है। खोमेनेई के मौत पर बच्चा कह रहा है कि उसके सर पर से साया उठ गया, वह बहुत रोया। भारत में रह रहे इन बच्चों को खोमेनेई की मौत पर बहुत रोना आया। माता-पिता के रहते हुए भी बच्चा कह रहा है कि उसके ‘सर से साया’ उठ गया। आखिर बच्चों को ये ‘ज्ञान’ कौन दे रहा है कि उनका ‘रखवाला’ खोमेनेई था, जिसके मरते ही उनके ‘सर से साया’ हट गया। इस सोच ने ही बच्चे में इजरायल को मिटाने का ‘जज्बा’ पैदा किया है। वह हर हाल में इजरायल को खत्म कर देना चाहता है।
इजरायल ने फिलिस्तीन पर हमला किया। इसलिए इजरायल को मारना चाहिए। बच्चों का कहना है कि हमारे खामेनेई साहब को मार दिया, इसलिए नफरत है इजरायल से।
अपने देश में तो कोई घटना घट जाए तो इन बच्चों को फर्क नहीं पड़ता। इन्हें तो खामेनेई की मौत से फर्क पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बच्चों के दिमाग में कितना जहर भरा गया है। इसका भी पता इस वीडियो से चल रहा है। बच्चे कह रहे हैं कि पीएम मोदी पहले खामेनेई साहब के पास गए और उनसे सबकुछ पता कर लिया और इजरायल को बता दिया, इसलिए खामेनेई के बारे में इजरायल को सबकुछ पता चल गया।
मोदी जिए या मरे मुझे क्यों रोना आएगा- बच्चा
कट्टरपंथियों ने पीएम मोदी को लेकर बच्चे के मन में इतनी नफरत पैदा कर दी है कि पीएम मोदी के साथ कोई ऊँच-नीच होने पर उसे कोई अफसोस नहीं होगा। क्योंकि ये बच्चा अप्रत्यक्ष तौर पर पीएम मोदी को भी खामेनेई की मौत का जिम्मेदार मानता है।
बच्चा कह रहा है कि खामेनेई साहब का घर, दफ्तर से लेकर उनके बेडरूम तक पीएम मोदी ने देखा है और उन्होंने ही इजरायल को सबकुछ बता दिया। इसलिए इजरायल ने घर-दफ्तर पर हमला किया।
कट्टरपंथियों ने पीएम मोदी के खिलाफ कितना जहर बच्चे के मन में डाला है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बच्चे को ये नहीं पता कि इजरायल को खामेनेई और ईरान के बारे में पता लगाने के लिए किसी की जरूरत नहीं है। मोसाद से लेकर सीआईए तक उसे पल-पल की जानकारी देती हैं। अब तो AI का जमाना है, जो सटीक निशाना लगाने से लेकर दुश्मन को भीड़ में भी पता लगा लेने की क्षमता रखता है। बताया भी जा रहा है कि ईरान युद्ध में इजरायल और अमेरिका ने AI क्लाउड का इस्तेमाल किया। इसलिए सटीक हमले किए गए और एक साथ 40 ईरानी टॉपमोस्ट नेताओं और सेना के अधिकारियों को उड़ा दिया।
बच्चे को साइंस और टेक्नोलॉजी की बातें नहीं बताई जा रही, बस पीएम मोदी के खिलाफ मन में जहर भरा जा रहा है। बच्चे को पता है कि पीएम मोदी इजरायल गए थे। बच्चे को ये पता है कि पीएम मोदी ईरान का दौरा भी पहले कर चुके हैं। इसको लेकर वह कहता है कि पीएम मोदी इजरालय से मिले हुए हैं।
उन्होंने खोमेनेई के घर-दफ्तर से लेकर बेडरूम तक की जानकारी दी, इसलिए इजरायल ने हमला किया। बच्चे को अगर इजरायल दौरे में होने वाले समझौतों और देश के फायदे की बात बताई गई होती, तो शायद वह ऐसी बातें नहीं करता। आखिर देश और पीएम मोदी को लेकर बच्चे के मन में ऐसी नफरत कहाँ से आ रही है।


