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बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर चादर बिछाकर इफ्तार: जानिए हाईवे पर यूट्यूबर सबा इब्राहिम जैसी हरकत करने वालों के लिए है कौन सा कानून, क्या मिल सकती है सजा

इफ्तार के बाद सबा ये कहते हुए भी दिखती हैं कि उन्हें बहुत मजा आया और ये उनका पहला अनुभव था। उनकी इस वीडियो को अब तक 11 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और लगातार इसपर चर्चा जारी है।

नमाज के लिए सड़कों को ब्लॉक करना अब मजहबी तत्वों के लिए सामान्य बात हो गई है, लेकिन इफ्तार के लिए हाईवे पर ही चादर बिछाकर बैठ जाना ये सोशल मीडिया पर नया कारनामा है। इसे करने वाली कोई और नहीं बल्कि मशहूर यूट्यूबर और टीवी एक्टर शोएब इब्राहिम की बहन सबा इब्राहिम हैं।

13 मार्च 2026 को अपलोड किए गए सबा के व्लॉग में उन्होंने रमजान में अपने ससुराल जाने की जर्नी को दिखाया है। इसकी शुरुआत में ही देख सकते हैं कि सबा इब्राहिम और उनके शौहर बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर उतरते हैं और उसके बाद फोटोशूट होता है, फिर वहीं वह एक चादर बिछाकर अपने पूरे परिवार के साथ हाईवे पर बैठकर इफ्तार करते हैं।

इस दौरान उनके साथ उनकी खाला, एक कृष्णा नाम का लड़का और उनका एक साल का बेटा भी था। लेकिन सबा और शौहर को किसी की कोई परवाह नहीं हुई।

इफ्तार के बाद सबा ये कहते हुए भी दिखती हैं कि उन्हें बहुत मजा आया और ये उनका पहला अनुभव था। उनकी इस वीडियो को अब तक 11 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और लगातार इसपर चर्चा जारी है।

वीडियो का प्रभाव

सबा इब्राहिम लॉकडाउन के बाद सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुई हैं और वर्तमान में उनके 30 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। ऐसे में उनकी गतिविधियों का असर बड़ी संख्या में लोगों, खासकर युवाओं पर पड़ सकता है। कई लोग उन्हें फॉलो करते हैं और उनके जीवनशैली से प्रेरित होते हैं। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार व्यवहार दिखाया जाए।

यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि हाईवे पर इस तरह इफ्तार करना किसी मजहबी परंपरा का हिस्सा नहीं है। इसके विपरीत, यह कानून के अनुसार गलत है और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 8-ख जोड़ी जाती है। अब ये धारा क्या है, आइए जानते हैं

क्या है हाईवे अवरोध करने पर कानून

राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 8-ख के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) को क्षति पहुँचाने या उनमें व्यवधान उत्पन्न करने को एक गंभीर दंडनीय अपराध माना गया है।

इस प्रावधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसा कोई कार्य करता है जिससे राजमार्ग में अवरोध हो जाए या उस पर यात्रा करना और संपत्ति का परिवहन असुरक्षित हो जाए, तो उसे पाँच वर्ष तक के कारावास, जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

यह धारा विशेष रूप से राजमार्गों की सुरक्षा के लिए वर्ष 1995 में जोड़ी गई थी जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा विशेष समझौतों के तहत विकसित या अनुरक्षित किया जाता है, ताकि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को शरारती तत्वों और जानबूझकर किए जाने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके अलावा आईपीसी की धारा 341 भी गलत तरीके से लोगों/वाहनों के रास्ता रोकने पर लगाई जाती है।

उदाहरण से समझाएँ तो नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन करना या धरना देना, जिससे और लोगों के लिए रास्ता जाम हो जाए व एम्बुलेंस, बसें या ट्रक न निकल पाएँ, तो यह धारा 8-ख और IPC 341 दोनों के तहत अपराध बन सकता है।

इसी प्रकार हाईवे के बीच लाकर कोई निर्माण सामग्री या फिर अपनी गाड़ी खड़ी करना भी इन धाराओं के तहत दंडनीय है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ट्रक, ट्रैक्टर या अपनी गाड़ी बीच में छोड़ता है तो कानून उस पर एक्शन ले सकता है।

सबा इब्राहिम से जुड़े मामले में भले ही यातायात बाधित नहीं हुआ, लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि उस हाईवे पर गाड़ियाँ आ जा रही थीं। यूट्यूबर ने कुछ व्यूज के लिए न कानून की परवाह की और न ही परिवार की सुरक्षा की। अब लोग इसी कारण से उनपर सवाल उठा रहे हैं।

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