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धर्मान्तरण का ‘ईसाई’ आतंक: यूपी के मऊ में तीन पादरी गिरफ्तार, बीमारी ठीक होने के नाम पर किया सहमत

इस गाँव में मंगलवार को एक कार्यक्रम होना था जिसमें बपतिस्मा की रस्म से करीब 20 लोगों को ईसाई धर्म में धर्मान्तरित करने की योजना थी।

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में लोगों की इच्छा के विरुद्ध लालच देकर धर्म परिवर्तन करने के मामले में पुलिस ने तीन पादरियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस इलाके में बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करने का यह काम काफी लम्बे समय चला आ रहा था। इन पादरियों पर आरोप है कि यह ग्रामीण लोगों के बीच अंध-विश्वास फ़ैलाते हुए बहला-फुसलाकर उनका धर्म-परिवर्तन करवाते थे।

घटना मंगलवार की है जहाँ मऊ के दरौरा गाँव में यह पादरी अंधविश्वास फैलाकर गाँव देहात के लोगों को ईसाई बनाने में लगे थे। विहिप कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहाँ मौजूद तीनों ईसाई प्रचारकों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उनके पास से धर्मान्तरण में प्रयुक्त होने वाली कई सामग्रियाँ भी बरामद हुईं। सरकार की सख्ती के चलते कुछ समय तक धर्मान्तरण के काम बंद थे मगर एक बार फिर धर्मंतारण की यह घटना सामने आई है।

इस मामले में पुलिस ने जिन पादरियों को गिरफ्तार किया उनके कपिलदेव राम, अजय कुमार और ओम प्रकाश हैं। इनमें कपिलदेव राम के घर मिशनरी के ईसाई धर्म प्रचारक लोगों का आना जाना हुआ करता था। उसके घर का उपयोग एक चर्च के रूप में हुआ करता था जहाँ हर रविवार को सभा प्रार्थना करने जुटते थे। मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पादरी दरअसल गाँव के लोगों को गिरजाघर ले जाकर उनका धर्मांतरण करने का काम करते थे।

बता दें कि इस गाँव में मंगलवार को एक कार्यक्रम होना था जिसमें बपतिस्मा की रस्म से करीब 20 लोगों को ईसाई धर्म में धर्मान्तरित करने की योजना थी। उस दिन सुबह से कपिलदेव राम के घर पर भीड़भाड़ थी। दोपहर के वक्त जैसे ही धर्मान्तरण की प्रक्रिया शुरू हुई, तो इसकी सूचना विहिप कार्यकर्ता आशुतोष पाण्डेय को मिल गई। इसके बाद कई हिन्दूवादी संगठन इसको लेकर सक्रिय हो गए। उन्होंने धर्मान्तरण करवा रहे लोगों को धर दबोचा। फिलहाल इस मामले की जाँच में जुटी पुलिस इलाके के सभी लोगों से पूछताछ कर रही है।

एक स्थानीय निवासी के अनुसार वह अपने परिवार के एक सदस्य को लेकर बीमारी ठीक करवाने के लिए इन पादरियों की धर्मपरिवर्तन सभा में गया था। जहाँ कुछ ग्रामीणों ने उससे कहा कि धर्मपरिवर्तन के बाद एक शीशी से पवित्र जल पिलाने से उसके परिजन की बीमारी दूर हो जाएगी। उस व्यक्ति ने आगे बताया कि वहाँ पर एक धार्मिक किताब रखी थी जिसमें बीमारी ठीक करने के लिए धर्मान्तरण के कई किस्से भी लिखे हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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