ये घटनाएँ तब हुईं जब शुक्रवार (26 जून 2026) को अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजरायल के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना और हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करना था।
लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने इजरायल के कई हमलों की जानकारी दी। इनमें दक्षिणी शहर नबातीह पर हुआ हमला भी शामिल है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण में इजरायली ग्रेनेड से दो लोग घायल हो गए।
वहीं इजरायली सरकार ने कहा है कि हमले का मकसद लंब सुरंग को खत्म करना था। ये सुरंग 200 मीटर से अधिक लंबी और 25 मीटर से ज्यादा गहरी है। इस सुरंग में सैकड़ों हथियार और कई मिसाइल लॉन्चर थे, जिनका मकसद इजराइल पर हमला करना और वहाँ के नागरिकों को निशाना बनाना था।
The IDF just destroyed the largest Hezbollah tunnel uncovered in Lebanon so far. The explosion was so massive it registered as an earthquake in the region. pic.twitter.com/AH62wknFIL
— Uri Kurlianchik (@VerminusM) June 28, 2026
इजरायल ने यहाँ तक कहा है कि उसने हमले से पहले लेबनान और अमेरिका को बता दिया था। इजरायल के प्रवक्ता ने कहा, “इस इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने से पहले अमेरिका और लेबनान में अमेरिकी प्रतिनिधि को इसकी जानकारी दे दी थी।”
लेबनान के मजदल जौन गाँव के पास हुए धमाके का धुआँ 10 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। तटीय शहर टायर में मौजूद AFP के एक रिपोर्टर ने धुआँ को देखा। उन्होंने बताया कि टायर के दक्षिण में बसे कस्बों के लोग लेबनान की मीडिया में आई उन खबरों के बाद वहाँ से चले गए, जिनमें कहा गया था कि इजरायल धमाका कर सकता है।
रविवार को हुए हमलों के जवाब में हिज्बुल्लाह ने कहा, “हम फिर से कहते हैं कि दुश्मन ने जो किया है, वह उस सीजफायर का खुला उल्लंघन है, जिसका उसने अब तक पालन किया था। हम इन उल्लंघनों पर नजर रख रहे हैं और अपने देश और लोगों की रक्षा करने का अधिकार हमें है।”

