इजरायल ने तबाह की हिज्बुल्लाह की लंबी सुरंग, दक्षिणी लेबनान पर गिराए बम: शांति समझौते के तीसरे दिन हमला, Video भी आया सामने

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर रविवार (28 जून 2026) को भयानक हमला किया। इस दौरान इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ी सुरंग को नष्ट कर दिया। लेबनान के सरकारी मीडिया ने इलाके में हमलों की खबर दी है। इस बीच ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह का कहना है कि उसे इन हमलों का जवाब देने का अधिकार है।

ये घटनाएँ तब हुईं जब शुक्रवार (26 जून 2026) को अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजरायल के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना और हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करना था।

लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) ने इजरायल के कई हमलों की जानकारी दी। इनमें दक्षिणी शहर नबातीह पर हुआ हमला भी शामिल है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण में इजरायली ग्रेनेड से दो लोग घायल हो गए।

वहीं इजरायली सरकार ने कहा है कि हमले का मकसद लंब सुरंग को खत्म करना था। ये सुरंग 200 मीटर से अधिक लंबी और 25 मीटर से ज्यादा गहरी है। इस सुरंग में सैकड़ों हथियार और कई मिसाइल लॉन्चर थे, जिनका मकसद इजराइल पर हमला करना और वहाँ के नागरिकों को निशाना बनाना था।

इजरायल ने यहाँ तक कहा है कि उसने हमले से पहले लेबनान और अमेरिका को बता दिया था। इजरायल के प्रवक्ता ने कहा, “इस इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने से पहले अमेरिका और लेबनान में अमेरिकी प्रतिनिधि को इसकी जानकारी दे दी थी।”

लेबनान के मजदल जौन गाँव के पास हुए धमाके का धुआँ 10 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। तटीय शहर टायर में मौजूद AFP के एक रिपोर्टर ने धुआँ को देखा। उन्होंने बताया कि टायर के दक्षिण में बसे कस्बों के लोग लेबनान की मीडिया में आई उन खबरों के बाद वहाँ से चले गए, जिनमें कहा गया था कि इजरायल धमाका कर सकता है।

रविवार को हुए हमलों के जवाब में हिज्बुल्लाह ने कहा, “हम फिर से कहते हैं कि दुश्मन ने जो किया है, वह उस सीजफायर का खुला उल्लंघन है, जिसका उसने अब तक पालन किया था। हम इन उल्लंघनों पर नजर रख रहे हैं और अपने देश और लोगों की रक्षा करने का अधिकार हमें है।”