दो हिंदू युवतियों को फर्जी नाम से फँसाकर बंधक बनाने वाले इरशाद के निशाने पर थी एक और लड़की, कानपुर पुलिस को मिले चैट: संगठित गिरोह होने का शक

उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो हिंदू युवतियों को फर्जी नाम से फँसाने और उन्हें बंधक बनाकर रखने वाले इरशाद को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दो हिंदू युवतियों को धोखे से शिकार बनाने वाला इरशाद एक और लड़की को फँसाना चाहता था।

जाँच के दौरान उसके मोबाइल से एक तीसरी युवती के साथ हुई चैट भी मिली है। इसके बाद पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि कहीं वह उसे भी अपने जाल में फँसाने की कोशिश तो नहीं कर रहा था। पुलिस को यह भी शक है कि इस मामले के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित आगरा का रहने वाला है और सोशल मीडिया पर अपना नाम विशाल बताकर युवतियों से दोस्ती करता था। पहली शिकायतकर्ता, जो हरदोई की रहने वाली है, उसने आरोप लगाया कि इरशाद ने पहले उससे शादी की और बाद में अपनी असली पहचान सामने आने के बावजूद उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसके साथ मारपीट की गई और बच्चे का खतना कराने का भी दबाव बनाया गया।

कुछ समय पहले इरशाद ने उन्नाव की एक दूसरी हिंदू युवती को भी पत्नी बनाकर घर ले आया। इसके बाद पहली पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दूसरी युवती के परिजन उसे अपने साथ उन्नाव ले गए।

पनकी पुलिस ने बताया कि पहली पत्नी के बयान दर्ज किए जाएँगे। इसके बाद पुलिस की टीम उन्नाव जाकर दूसरी युवती और उसके परिवार से पूछताछ करेगी। साथ ही मोबाइल से मिली चैट के आधार पर तीसरी युवती का पता लगाया जा रहा है। पुलिस आरोपित के संभावित साथियों की भी जाँच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।