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रामचंद्र गुहा हिरासत में: CAA के ख़िलाफ़ करने गए थे प्रदर्शन, पुलिस ने धर लिया

पुलिस हिरासत में लिए जाने से रामचंद्र गुहा काफ़ी नाराज़ भी नज़र आए। वामदलों और मुस्लिम संगठनों ने कलबुर्गी में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने गुहा समेत 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ देशभर में जगह-जगह लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इस क़ानून के विरोध में वामदलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया था। इसी विरोध-प्रदर्शन में पहुँचे इतिहासकार रामचंद्र गुहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गुहा को कर्नाटक के बेंगलुरु में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।

पुलिस हिरासत में लिए जाने से रामचंद्र गुहा काफ़ी नाराज़ भी नज़र आए। बता दें कि नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विपक्ष और मुस्लिम संगठनों द्वारा बुलाए गए एक दिन के बंद को लेकर बेंगलुरु में तीन दिनों के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है। वामदलों और मुस्लिम संगठनों ने कलबुर्गी में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।

ग़ौरतलब है कि नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दक्षिण कन्नड़ ज़िले में 21 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। दक्षिण कन्नड़ ज़िले के उपायुक्त सिंधू बी रूपेश ने क़ानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पूरे ज़िले में ही निषेधाज्ञा लागू कर दी।

जानकारी के अनुसार, मंगलुरु शहर के पुलिस उपायुक्त पी एस हर्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कमिश्नरी क्षेत्र में ही 18 दिसंबर से 20 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ संगठनों ने बृहस्पतिवार (19 दिसंबर) और शुक्रवार (20 दिसंबर) को संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का आह्वान किया है।

हाल ही में सम्पन्न हुए एक कार्यक्रम के दौरान रामचंद्र गुहा ने कहा था कि हिन्दुत्व देश को नुक़सान पहुँचा रहा है और यह देश को बर्बाद करके रख देगा। इसके अलावा, उन्होंने असहिष्णुता के मसले पर देश के प्रबुद्ध लोगों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक खुला पत्र भी लिखा था। इसके बाद गुहा ने गो हत्या के बढ़ते मामलों पर विरोध जताने के लिए बीफ़ खाते हुए अपनी एक फ़ोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक तौर पर पोस्ट की थी।

बता दें कि एक समय रामचंद्र गुहा ने कॉन्ग्रेस को देश में विद्यमान तमाम समस्याओं के लिए ज़िम्मेवार ठहराया था। उन्होंने ‘इंडिया आफ़्टर गाँधी’ और ‘इंडिया बिफोर गाँधी’ किताबें भी लिखीं हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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