Homeराजनीतिजब तेरा बाप सर झुकाकर अंग्रेजों के तलवे चाट रहा था, तब मेरा बाप…...

जब तेरा बाप सर झुकाकर अंग्रेजों के तलवे चाट रहा था, तब मेरा बाप… : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री का विवादित बयान

“मैं दिल्ली के तख्त से पूछता हूँ, अब तू माँगेगा मुझसे सबूत मेरे देशवासी होने का, तो सुन, जब तेरा बाप सर झुकाकर अंग्रेजों के तलवे चाट रहा था, तब मेरा बाप फाँसी के तख्त को चूमके इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहा था।”

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर दिल्ली समेत देश के कई शहरों में लगातार विरोध हो रहा है। CAA और NRC को लेकर कई नेताओं के समर्थन और विरोध में बयान सामने आ रहे हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस नेता (NCP) और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने CAA और NRC को लेकर विवादित बयान दिया है।

एनसीपी नेता ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा, “मैं दिल्ली के तख्त से पूछता हूँ, अब तू माँगेगा मुझसे सबूत मेरे देशवासी होने का, तो सुन, जब तेरा बाप सर झुकाकर अंग्रेजों के तलवे चाट रहा था, तब मेरा बाप फाँसी के तख्त को चूमके इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहा था।”

जितेंद्र के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एनसीपी नेता के इस बयान की जमकर आलोचना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि विपक्षी पार्टियाँ इस कानून को वापस लेने की माँग कर रही है। साथ ही जहाँ-जहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार है, उन राज्यों में इसे लागू नहीं करने का ऐलान किया है। हालाँकि, यह असंवैधानिक है और इस बात को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी माना है।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने संशोधित नागरिकता कानून को राज्य में लागू नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “महाराष्ट्र में हमारी सरकार है। कई मुस्लिम भाइयों ने कहा था कि बीजेपी उनके लिए सबसे बड़ी दुश्मन है और इसलिए बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कॉन्ग्रेस को सत्ता में आना होगा। इसी कारण से हमने महाराष्ट्र में सरकार बनाई। जब तक महाराष्ट्र में हमारी सरकार है, हम महाराष्ट्र में सीएए लागू नहीं करेंगे।”

वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है, लेकिन उसे लागू करने का जिम्मा पूरी तरह राज्य सरकार के पास होता है। देशमुख ने कहा था, “महाराष्ट्र में हमारी सरकार है और केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है लेकिन इसे लागू करना या नहीं करना राज्य सरकार के हाथ में होता है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -