Sunday, September 8, 2024
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‘इन गद्दारों की बात सुन कैसे मान लूँ कि इनका खून यहाँ की मिट्टी में शामिल है’

शरजील ने विवादित वीडियो में असम को हिंदुस्तान से परमानेंटली काटने की बात कही थी और साथ ही चिकन नेक इलाके को बंद करने के लिए कहा था। उसका कहना था कि चिकन चेक समुदाय विशेष का इलाका है। इस दौरान अल्लाह हू अकबर के नारे भी लगाए गए थे।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश भर में कई जगहों पर भड़काऊ नारेबाजी और हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम का आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा हमारे संघीय ढाँचे पर प्रहार की तरह है। यह वीडियो अलगाववादी और देश को विभाजित करने के एजेंडे को दिखाती है। वीडियो में शरजील इमाम ने कहा है कि असम को भारत से अलग कर देना चाहिए। शरजील इमाम के इस भड़काऊ बयान पर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के बाद अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर शरजील को गद्दार करार दिया है।

गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “यह कहते हैं सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है। इन गद्दारों की बात सुनकर कैसे मान लूँ कि इनका खून शामिल है, यहाँ की मिट्टी में? कह रहा है असम को काट कर हिंदुस्तान से अलग कर देंगे।”

बता दें कि शरजील ने विवादित वीडियो में असम को हिंदुस्तान से परमानेंटली काटने की बात कही थी और साथ ही चिकन नेक इलाके को बंद करने के लिए कहा था। उसका कहना था कि चिकन नेक समुदाय विशेष का इलाका है। इस दौरान अल्लाह हू अकबर के नारे भी लगाए गए थे। अब बेहद आपत्तिजनक भाषण देकर शरजील इमाम बुरी तरह फँस चुका है। भड़काऊ बयान के मामले में शरजील के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

इससे पहले असम सरकार के मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने कहा था, “दिल्ली में शाहीन बाग विरोध-प्रदर्शन के मुख्य आयोजक शरजील ने कहा है कि असम को शेष भारत से काट दिया जाना चाहिए। असम सरकार ने इस देशद्रोही बयान का संज्ञान लिया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला किया है।”

इससे पहले संबित पात्रा ने शरजील इमाम का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दोस्तों शाहीन बाग की असलियत देखें। पात्रा ने यह सवाल किया है कि क्या यह देशद्रोह नहीं है।” फिर बाद में पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शाहीन बाग की साजिश पूरे विश्व के सामने आ गया है। शाहीन बाग को तौहीन बाग कहना चाहिए। शाहीन बाग में एंटी नेशनल बातें की गईं। असम को भारत से आज़ाद करने की बात कही गई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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