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सरेंडर करो या गोली खाओ: कश्मीर के ‘भटके’ नौजवानों के लिए सेना की फाइनल वॉर्निंग

"आतंकवाद के सफाये को लेकर हम कृत-संकल्प हैं। इसके लिए बाहर से जो भी कश्मीर में आतंक मचाने आएगा, वो वापस ज़िन्दा नहीं जाएगा, इसकी गारंटी है।"

पुलवामा आतंकी हमले और जैश कमांडर गाजी के ख़ात्मे के बाद मंगलवार (फरवरी 19, 2019) को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद हुए मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर के ‘भटके’ नौजवानों (पत्थरबाज या आतंकी बन गए युवाओं) के लिए भी सख़्त शब्दों के साथ चेतावनी दी गई।

भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिलन्न ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के सफाये को लेकर हम कृत-संकल्प हैं। इसके लिए बाहर से जो भी कश्मीर में आतंक मचाने आएगा, वो वापस ज़िन्दा नहीं जाएगा, इसकी गारंटी है।

लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिलन्न ने कश्मीर की माताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को समझाएँ और गलत रास्ते पर चले गए लड़कों को सरेंडर करने का आग्रह करें। लेकिन अगले ही वाक्य में उनका यह आग्रह स्पष्ट संकेत में बदल गया जब उन्होंने कहा, “सरेंडर करने वालों के लिए सेना कई तरह के अच्छे कार्यक्रम चला रही है। लेकिन आतंकवाद में शामिल होने वालों पर कोई रहमदिली नहीं दिखाई जाएगी।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणि ने बताया कि कश्मीरी युवाओं के आतंकी बनने की घटना पिछले कुछ महीनों में कम हुई है। हालाँकि उन्होंने भी सेना की तरह ही स्पष्ट संदेश दिया कि घाटी में जो भी घुसपैठ करेगा वह जिन्दा नहीं बचेगा।

सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन भी इस प्रेस कॉन्फ्रेस में मौजूद थे। वीरगति को प्राप्त हुए जवानों पर उन्होंने कहा, “जिन परिवार के बेटों ने बलिदान दिया है, वे खुद को अकेले न समझें। आपके लिए हर वक्त हम खड़े हैं।” जुल्फिकार हसन ने देश के विभिन्न हिस्सों में पढ़ने वाले कश्मीरी बच्चों और उनके परिवारों पर भी अपनी बात रखी और CRPF के द्वारा चलाए जा रहे हेल्पलाइन नंबर का भी जिक्र किया।

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलवामा अटैक और उसके बाद हुए मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए सभी जवानों को नमन किया गया। इसमें जानकारी दी गई कि मुठभेड़ में 2 नहीं बल्कि 3 आतंकियों को मार गिराया गया था। 3 में 2 पाकिस्तान के थे जबकि एक स्थानीय आतंकी था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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