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अंकित शर्मा के परिवार को नहीं मिला ₹1 करोड़, कपिल मिश्रा ने भेजे 3 लाख रुपए: CM केजरीवाल पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए बतौर सहायता देने की घोषणा की थी। अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 23, 2020 को हुई थी, जबकि सीएम केजरीवाल ने मार्च 2, 2020 को मुआवजे की घोषणा की थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने हिन्दू-विरोधी दंगों में मारे गए अंकित शर्मा के परिवार के लिए घोषित किया गया 1 करोड़ रुपए का मुआवजा अब तक उन्हें नहीं दिया है। पीड़ित परिवार मुआवजे के इंतजार में है। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने अंकित शर्मा के पिता से बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने जानकारी दी कि अब तक दिल्ली सरकार द्वारा घोषित मुआवजे की राशि नहीं दी गई है। इसके बाद कपिल मिश्रा ने दिवंगत अंकित के परिवार को 3 लाख रुपए की सहायता भेजी।

अंकित शर्मा की बेरहमी से हुई थी हत्या

बता दें कि आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद (अब निलंबित) ताहिर हुसैन ने अपने गुंडों के साथ मिल कर जम कर दंगे किए थे। इसी दौरान उसके गुंडों ने अंकित शर्मा को पकड़ कर ले जाकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। उनके शरीर पर घाव के कई निशान मिले थे। उनकी हत्या एकदम वीभत्स तरीके से की गई थी। वो दोनों पक्षों को समझाने गए थे, लेकिन उलटा उनकी ही हत्या कर दी गई थी। ये घटना चाँदबाग़ में हुई थी। उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए बतौर सहायता देने की घोषणा की थी। अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 23, 2020 को हुई थी, जबकि सीएम केजरीवाल ने मार्च 2, 2020 को मुआवजे की घोषणा की थी। अंकित शर्मा आईबी में कार्यरत थे। जिस दिन ये घटना हुई, उस दिन भी वो ड्यूटी से ही लौटे थे। ताहिर हुसैन पर फ़िलहाल यूएपीए के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद उससे पूछताछ भी हो चुकी है।

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगे: साज़िशकर्ताओं पर नकेल कस रही पुलिस

जहाँ तक दिल्ली दंगों की बात है, अब तक पुलिस ने 72 एफआईआर दर्ज किए हैं। कॉन्ग्रेस नेता इशरत जहाँ और उनके समर्थक खालिद सैफी को भी गिरफ़्तार कर लिया है। जामिया के मीरान हैदर और सफूरा ज़रगर को भी गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों नॉर्थ-ईस्ट हिन्दू-विरोधी दंगों की साज़िश रचने में शामिल थे। जेएनयू के छात्र रहे उमर खालिद व दो अन्य के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है।

अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या की बाद जनाक्रोश को थामने के लिए मुआवजे की घोषणा करने वाले अरविन्द केजरीवाल से अब सवाल पूछे जा रहे हैं। अभी तक दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवार को मुआवजा न मिलने का कोई कारण स्पष्ट नहीं दिया है।

बता दें कि अंकित शर्मा को मारने से पहले उनके ऊपर काला कपड़ा डाला गया था। इसके बाद उन्हें खींचकर आम आदमी पार्टी नेता तरीक हुसैन के घर की ओर ले जाया गया था। यही नहीं, उनकी हत्या करने से पहले उनके कपड़े भी निकाल लिए गए थे। अंकित पर काला कपड़ा डाल कर उन्हें ताहिर हुसैन के घर की तरफ ले जाया गया था और फिर कपड़े उतारकर चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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