Homeसोशल ट्रेंड'इस्लाम में समलैंगिकता हराम है': जानिए क्यों हो रहा है #WhySoProud ट्रेंड

‘इस्लाम में समलैंगिकता हराम है’: जानिए क्यों हो रहा है #WhySoProud ट्रेंड

कुरान के अनुसार, 'लूत के लोग' अल्लाह के 'क्रोध' से नष्ट हो गए थे क्योंकि पुरुष पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते थे। कुछ हदीस संग्रह भी समलैंगिकता और ट्रांसजेंडर कृत्यों की निंदा करते हैं।पुरुष समलैंगिक कृत्यों में मृत्युदंड निर्धारित है। कई इस्लामी देशों में समलैंगिकता के लिए मौत की सजा है।

30 जून प्राइड मंथ के रुप में संपन्न हुआ। इस दौरान इस्लामवादियों ने ट्विटर पर #WhySoProud ट्रेंड कराने के साथ ही समलैंगिकता से जुड़े ट्वीट्स को ये दावा करते हुए ट्रेंड करवाया कि यह कैसे कुरान के खिलाफ है। कुछ लोगों ने कहा कि चूँकि वो अल्लाह के प्रति जवाबदेह हैं, इसलिए उन्हें यह समझने की आवश्यकता है कि इस्लाम में समलैंगिकता हराम है।

कुछ अन्य लोगों ने अपने साथियों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को सिखाएँ कि समलैंगिकता का समर्थन न करें क्योंकि यह ‘सामान्य हो रहा है’।

एक इस्लामवादी ने अपने होमोफोबिक ट्वीट में बच्चों को समलैंगिकों से बचाने के लिए #save_your_children_from_gays हैशटैग भी जोड़ा।

एक इस्लामवादी ने यह भी दावा किया कि एलजीबीटी समुदाय के लोग कुरान में ‘शापित लोग’ हैं।

एक ने यह भी दावा किया कि समलैंगिकता पर संपूर्ण ग्लोबल ‘उम्मा’ में पाप होने पर आम सहमति है।

कुछ लोगों ने अल्लाह की मदद से ‘प्राइड’ को दूर करने की भी कसम खाई है।

समलैंगिकता और इस्लाम

कुरान के अनुसार, ‘लूत के लोग’ अल्लाह के ‘क्रोध’ से नष्ट हो गए थे क्योंकि पुरुष पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते थे। कुछ हदीस संग्रह भी समलैंगिकता और ट्रांसजेंडर कृत्यों की निंदा करते हैं।पुरुष समलैंगिक कृत्यों में मृत्युदंड निर्धारित है। कई इस्लामी देशों में समलैंगिकता के लिए मौत की सजा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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