Homeदेश-समाजछत्तीसगढ़: सड़कों के अभाव में एंबुलेंस नहीं पहुँची गाँव, स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिला को...

छत्तीसगढ़: सड़कों के अभाव में एंबुलेंस नहीं पहुँची गाँव, स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिला को टोकरी में बैठाकर पहुँचाया अस्पताल

गर्भवती महिला की नाजुक हालत देखते हुए 7 जुलाई को उसके पति ने महतारी एक्प्रेस को फोन लगाया। इसके बाद 102 नंबर से दो स्वास्थ्यकर्मी आए। उन दोनों ने ग्रामीणों की मदद से टोकरी और रस्सियों से एक डोला बनाया और महिला को उसमें बैठाकर 3 km तक चलकर उसे गाड़ी तक लाए। इसके बाद वे उसे लेकर अस्पताल पहुँचे। यहाँ उन्होंने उसकी डिलीवरी करवाई।

छत्तीसगढ़ के कोंडागाँव के मोहनबेड़ा ग्राम से एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ स्वास्थ्यकर्मी एक गर्भवती महिला को टोकरी में बैठाकर डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर जाते दिख रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, गाँव की सड़कों के कारण एंबुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकती थी। इसलिए महिला को टोकरी में बैठाकर अस्पताल तक ले जाया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, गर्भवती महिला की नाजुक हालत देखते हुए 7 जुलाई को उसके पति ने महतारी एक्प्रेस को फोन लगाया। इसके बाद 102 नंबर से दो स्वास्थ्यकर्मी आए।

मगर, गाँव तक का रास्ता खराब होने के कारण आगे जाना संभव नहीं हुआ। दोनों इस दौरान लगभग 3 किलोमीटर चले। वहाँ के हालात देखते हुए उन्होंने गाँव वालों से मदद माँगी।

फिर, उन दोनों ने ग्रामीणों की मदद से टोकरी और रस्सियों से एक डोला बनाया और महिला को उसमें बैठाकर 3 km तक चलकर उसे गाड़ी तक लाए। इसके बाद वे उसे लेकर अस्पताल पहुँचे। यहाँ उन्होंने उसकी डिलीवरी करवाई।

कोंडागाँव के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी टीआर कंवर ने बताया कि उन्होंने 102 नंबर पर एंबुलेंस को कॉल किया था। लेकिन एंबुलेंस वहाँ तक नहीं पहुँच पाई। वह रिमोट एरिया है। सड़क की अनुपलब्धता के कारण वाहन वहाँ नहीं जा सकते। डिलीवरी जिला अस्पताल में हो चुकी है। बच्चा और माँ दोनों सुरक्षित हैं।

गौरतलब है कि इस घटना के सामने आने के बाद जहाँ स्वास्थ्यकर्मियों को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की। वहीं गाँव में सड़कों के अभाव को देखकर लोग सरकार की आलोचना कर रहे हैं। और कुछ का कहना है कि छत्तीसगढ़ में गावों का विकास तभी हो पाएगा, जब वहाँ नक्सलियों का समूल विनाश होगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

गाजियाबाद के सीवर प्लांट में पोलियो वायरस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, किसी बच्चे में संक्रमण नहीं: जानिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कैसे बढ़ाई...

गाजियाबाद के सीवर में पोलियो वायरस मिला। यह वायरस पोलियो वैक्सीन के कमजोर अंश से विकसित होता है जो कमजोर टीकाकरण वाले इलाकों में फैलता है।
- विज्ञापन -