Homeराजनीति'मुझे राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए अभी तक न्योता नहीं मिला, हमें...

‘मुझे राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए अभी तक न्योता नहीं मिला, हमें भी भगवान राम का आशीर्वाद चाहिए’

ऐसे में सीएम केजरीवाल के इस आरोप पर कि उन्हें भूमि पूजन के लिए आमंत्रण नहीं मिला, पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने करार जवाब दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा कि जब वह मस्जिद के मौलवियों को 18000 रुपए देने लगे तब उन्होंने मंदिर के पुजारियों के बारे में क्यों नहीं सोचा।

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार (जुलाई 23, 2020) को यह बताया कि उन्हें अभी तक 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर भूमि पूजन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम को सभी नागरिकों और दिल्ली के लोगों को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए आशीर्वाद देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मुझे अभी तक आमंत्रित नहीं किया गया है। भगवान राम को हमें और दिल्लीवासियों को आशीर्वाद देना चाहिए। हम भगवान राम से हमें इस महामारी से बचाने के लिए प्रार्थना करेंगे।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए 5 अगस्त को अयोध्या जाएँगे। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद होंगे और सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई नेता शामिल होंगे।

मुमकिन है कि राम मंदिर के लिए इस पूरे मामले को आंदोलन में तब्दील करने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री लाल कृष्ण आडवाड़ी भी इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हों।

ऐसे में सीएम केजरीवाल के इस आरोप पर कि उन्हें भूमि पूजन के लिए आमंत्रण नहीं मिला, पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने करार जवाब दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा कि जब वह मस्जिद के मौलवियों को 18000 रुपए देने लगे तब उन्होंने मंदिर के पुजारियों के बारे में क्यों नहीं सोचा।

वे अरविंद केजरीवाल के आरोप के जवाब में ट्वीट करते हुए लिखती हैं, “जब आप मस्जिद के मौलवियों को 18000 रुपए देने लगे तब आपने क्या मंदिर के उन गरीब पुजारियों के बारे में नहीं सोचा। राज धर्म और राम राज्य सभी से समान तरीके से पेश आने के लिए कहता है, वो भी बिना भेदभाव।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -