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बंगाल में तस्करों से ₹35.3 करोड़ की देवी पार्वती, मनसा, भगवान विष्णु और सूर्य सहित 25 प्राचीन मूर्तियाँ बरामद

23 अगस्त की रात, पश्चिम बंगाल के आयुक्तालय (निवारक) के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक ट्रक को कालियागंज सीमा के पास रोका। जब ट्रक की तलाशी ले गई तो उसमें अधिकारियों को धान के नीचे छिपी यह बेशकीमती मूर्तियाँ मिलीं।

पश्चिम बंगाल कस्टम की प्रीवेंटिव यूनिट की टीम ने 25 प्राचीन मूर्तियों को जब्त किया है, उनकी कीमत 35.3 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसमे हिंदू देवी-देवता के साथ जैन धर्म से जुड़ी मूर्ति भी पाई गई हैं।

जानकारी के मुताबिक 23 अगस्त की रात, पश्चिम बंगाल के आयुक्तालय (निवारक) के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक ट्रक को कालियागंज सीमा के पास रोका। जब ट्रक की तलाशी ले गई तो उसमें अधिकारियों को धान के नीचे छिपी यह बेशकीमती मूर्तियाँ मिलीं।

बता दें जब्त की गई 25 प्राचीन मूर्तियों में, देवी पार्वती, मनसा देवी, भगवान विष्णु और भगवान सूर्य की सात पत्थर की मूर्तियाँ थीं। हिंदू और जैन मंदिरों में धातु की मूर्तियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कांस्य और ऑक्टो मिश्र धातु से बनी सात धातु की मूर्तियाँ और अन्य 11 टेराकोटा मूर्तियों के अलावा सभी जब्त किए गए प्राचीन वस्तुएँ 9 वीं शताब्दी ईस्वी से 16वीं शताब्दी तक की है।

ट्रक से मूर्तियों को जब्त कर लिया गया है। वहीं मूर्तियों को नॉर्थ बंगाल विश्वविधालय के अक्षय पुरातत्व म्यूजियम को सौंप दिया गया है। जहाँ अक्षय कुमार मैत्रेय विरासत संग्रहालय के विशेषज्ञों की मदद से इनकी कीमत की पहचान की गई है। विशेषज्ञों की मदद से कस्टम अधिकारियों को पता चला कि इनकी कीमत 35.3 करोड़ रुपए है।

पश्चिम बंगाल के कस्टम अधिकारियों ने इसके पहले भी 11 करोड़ की 7 मूर्तियाँ बरामद की थी। सीमा से मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी को लेकर कस्टम ने जाँच तेज कर दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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