Homeराजनीतिशाह फै़सल - 'पसंद हैं पाकिस्तानी PM इमरान और दिल्ली CM केजरीवाल'

शाह फै़सल – ‘पसंद हैं पाकिस्तानी PM इमरान और दिल्ली CM केजरीवाल’

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह ने इस्तीफ़ा देने के बाद उनका स्वागत भी किया है। हालाँकि, फैस़ल का कहना है कि वो हो सकता है आने वाले चुनावों में भाग लें, लेकिन किसी भी राजनैतिक पार्टी से जुड़ने से उन्होंने साफ़ मना किया है।

जम्मू-कश्मीर कैडर IAS अफ़सर शाह फै़सल ने 9 जनवरी को अपने पद से इस्तीफ़ा देते हुए इस बात का हवाला दिया था कि भारत समेत कश्मीर में ‘हिन्दुत्ववादी तत्वों’ में ख़तरनाक वृद्धि हो रही है और हर जगह समुदाय विशेष के लोगों को मारा जा रहा है।

उसी फै़सल ने आज अपने पसंदीदा व्यक्तियों की बात करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और दिल्ली के मुख्यमंत्री में अरविंद केज़रीवाल का नाम लेकर कहा है कि वो उनसे अत्यंत प्रभावित हैं।

उनका कहना है – “मैं सच में इमरान खान और केज़रीवाल से बहुत ज्यादा प्रभावित हूँ, लेकिन हम बेहद तनावग्रस्त क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जहाँ पर कार्य करना इतना भी आसान नहीं होता है। इस जगह ने अपनी लेजिटिमेसी को बीते कुछ सालों में खो दिया है।”

ये पहली बार नहीं हैं, कि शाह फै़सल ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की तारीफ़ में बात कही हो। इससे पहले, जब पिछले साल इमरान खान को सत्ता की कुर्सी मिली थी, तब भी फै़सल ने भारत पर आरोप लगाया था, कि नए प्रधानमंत्री के सुलह करने की कोशिशों पर भी भारत उलझा हुआ है।

बता दें कि पिछले साल भारत को ‘रेपिस्तान’ कहने वाले इस पूर्व आईएएस अधिकारी पर विभागीय जाँच बैठी थी। जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक विभाग ने देश की छवि को धूमिल करने पर और आईएएस के पद पर रहकर, शिष्टाचार को बनाए रखने में असफल होने के आरोप में इस जाँच को बिठाया था। जिसके बाद फै़सल ने इस जाँच का और विभाग द्वारा भेजे गए ख़त का बुहत ही बेशर्मी के साथ मजाक उड़ाया।

फिलहाल, अनुमान लगाया जा रहा है कि फै़सल राजनीति की तरफ़ अपना रुख़ करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह ने इस्तीफ़ा देने के बाद उनका स्वागत भी किया है। हालाँकि, फैस़ल का कहना है कि वो हो सकता है आने वाले चुनावों में भाग लें, लेकिन किसी भी राजनैतिक पार्टी से जुड़ने से उन्होंने साफ़ मना किया है।

साथ ही उनका ये भी कहना है कि कश्मीर के लोगों द्वारा ही उनके आगे के भविष्य का निर्धारण होगा। बता दें कि फै़सल के इस्तीफे के बाद हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फ़ारूक़ ने ट्वीट के माध्यम से फ़ैसल का स्वागत करते हुए कहा था कि देश भर में मारे जा रहे मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शन के तौर पर उनका इस्तीफ़ा स्वागत योग्य है। जिस पर शाह फै़सल ने उन्हें उनकी अमूल्य सलाह के लिए शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि वो उम्मीद करते हैं, उनमें वो ताक़त और लड़ने का जज़्बा रहे ताकि फै़सल भी उसी दिशा में काम कर पाएँ जिधर उमर फ़ारूक़ हैं।

ट्वीट का स्क्रीनशॉट, बड़ा इमेज देखने के लिए
क्लिक करें
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -