HomeराजनीतिBSP MLA, उसकी पत्नी पर ₹754.24 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज, सड़क बनाने...

BSP MLA, उसकी पत्नी पर ₹754.24 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज, सड़क बनाने के नाम पर लेते थे कर्जा

इनकी कंपनी सड़कों के निर्माण, पुल और ओवर ब्रिज बनाने का काम करती है। कंपनी ने इसी तरह के काम के नाम पर बैंक से क्रेडिट लिया था।

CBI ने सोमवार (अक्टूबर 20, 2020) को बैंक ऑफ इंडिया से धोखाधड़ी मामले में BSP MLA विनय शंकर तिवारी और उनकी पत्नी रीता तिवारी पर केस दर्ज किया है। पूरा मामला ₹754.24 करोड़ की फ्रॉड से जुड़ा है।

गोरखपुर के चिल्लूपुर से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और उनकी पत्नी रीता तिवारी समेत गंगोत्री एंटरप्राइसेज व उसके निदेशक अजीत पांडे पर भी मामला दर्ज हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने सोमवार को अपनी जाँच हेतु छापेमारी की थी। उन्होंने गंगोत्री एंटरप्राइसेज के लखनऊ वाले दफ्तर और तिवारी के आवास पर भी अपनी छानबीन की थी। इसके अलावा नोएडा में भी छापा मारा गया।

सीबीआई टीम को छानबीन में कई अहम दस्तावेज हाथ लगे। इनमें कुछ फर्जी भी बताए जा रहे हैं। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि बैंक आफ इंडिया की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी कि गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड के अधिकारियों ने बैंक को 753.24 करोड़ का नुकसान पहुँचाया। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे बैंक से क्रेडिट लिया और फिर उस पैसे का इस्तेमाल दूसरी जगह किया गया।

प्रवक्ता ने बताया था कि उक्त कंपनी के महानगर स्थित कार्पोरेट ऑफिस है। यह कंपनी सड़कों के निर्माण, पुल और ओवर ब्रिज बनाने का काम करती है। कंपनी ने इसी तरह के काम के नाम पर बैंक से क्रेडिट लिया था।

बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों का हवाला देकर कहा जा रहा है कि इन पैसों को दूसरी कंपनी में डायवर्ट कर हेराफेरी की गई। इस धोखाधड़ी में गंगोत्री इंटरप्राइजेज के अलावा रायल एंपायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड व कंदर्प होटर इंटरप्राइजेज भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि चिल्लूपुर से विधायक विनय कुमार तिवारी गोरखपुर के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं। एक समय में हरिशंकर की पूरे प्रदेश में तूती बोलती थी। 6 बार चिल्लूपुर से विधायक बनने वाले हरिशंकर तिवारी का प्रदेश में इतना नाम था कि विधानसभा सीट का नाम ही तिवारी हो गया था। साल 2017 में हरिशंकर के बेटे विनयशंकर ने इस सीट को अपने नाम अर्जित किया था और इसके बाद अब उनकी सच्चाई उजागर हुई है।

इस मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में विनय शंकर तिवारी के अलावा उनकी पत्नी रीता तिवारी और अजीत पांडेय को भी नामजद किया गया है। रीता तिवारी रायल एम्पायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -