Homeदेश-समाजचर्च के नए साल के कैलेंडर में रेप आरोपित फ्रैंको मुलक्कल, भड़के लोगों ने...

चर्च के नए साल के कैलेंडर में रेप आरोपित फ्रैंको मुलक्कल, भड़के लोगों ने लगाई आग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर साल चर्च नॉमिनल चार्ज पर अनुयायियों को एक कैलेंडर देता है। लेकिन पिछले दो सालों से बलात्कार आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल की तस्वीर मार्च माह के पेज पर छपी दिखाई देती है। द न्यूज मिनट के अनुसार पिछले साल भी लोगों ने इसके ख़िलाफ़ आवाज उठाई थी और कैलेंडर जलाए थे।

बलात्कार आरोपित होने के बाद भी केरल में रोमन कैथोलिक चर्च के पूर्व पादरी फ्रैंको मुलक्कल (Bishop Franco Mulakkal) को कैलेंडर में लगातार जगह दी जा रही है। त्रिशूर में साल 2021 के मौके पर सायरो मालाबार चर्च द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के सामने आने के बाद कोल्लम में काफी हंगामा हो रहा है। चर्च के कई अनुयायी इस कैलेंडर की कॉपियाँ जला रहे हैं। इस कैलेंडर में बिशप फ्रैंको मुलक्कल की तस्वीर अन्य पादरियों की के साथ लगी दिखाई दे रही है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर साल चर्च नॉमिनल चार्ज पर अनुयायियों को एक कैलेंडर देता है। लेकिन पिछले दो सालों से बलात्कार आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल की तस्वीर मार्च माह के पेज पर छपी दिखाई देती है। द न्यूज मिनट के अनुसार रिजू कंजूकरण ( Riju Kanjookaran) बताते हैं कि पिछले साल भी लोगों ने इसके ख़िलाफ़ आवाज उठाई थी और कैलेंडर जलाए थे, लेकिन इस साल फिर से यही सब हुआ।

एएनआई द्वारा साझा की गई जानकारी में भी बताया गया है कि तिरुवनंतपुरम में केरल कैथॉलिक रिफॉर्म मूवमेंट की ओर से फ्रैंको मुलक्कल की तस्वीर वाले कैलेंडर को सड़कों पर जलाया गया।

उल्लेखनीय है कि चर्च द्वारा बिशप मुलक्कल की तस्वीर कैलेंडर में छापने को लेकर हर जगह गुस्सा देखने को मिल रहा है, मगर चर्च का कहना है कि वह कैलेंडर में फ्रैंको की तस्वीर इसलिए लगाते हैं क्योंकि अभी तक उनके ख़िलाफ़ आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।

बता दें कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर केरल की एक नन का कई बार रेप करने का आरोप है। बिशप को पिछले साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था और पिछले दिनों उसके ख़िलाफ़ आरोप भी तय हुए थे। लेकिन सुनवाई के दौरान उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था और खुद को निर्दोष कहा था।

चर्च प्रशासन द्वारा ऐसे व्यक्ति की तस्वीर कैलेंडर में छापे जाने से सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्वराज की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा लिखती हैं, “जहाँ हिंदुओं को लगातार रेप समर्थक कह कर बदनाम किया जा रहा है, क्योंकि वह कठुआ में सीबीआई जाँच चाहते हैं, वहीं एक चर्च लगातार रेप आरोपित की तस्वीर कैलेंडर पर छाप रहा है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -