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महाराष्ट्र में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी के कारण 10 संक्रमितों की तड़पकर मौत, BJP नेता ने ठाकरे सरकार को बताया जिम्मेदार

“नालासोपाड़ा के विनायक अस्पताल में 7 कोविड मरीज आज ऑक्सीजन सप्लाई की कमी के कारण मरे। ठाकरे सरकार इन मौतों के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे को फौरन इस्तीफा देना चाहिए।”

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण अब पूरी तरह बेकाबू हो गया है। प्रशासन की लापरवाहियों के बीच एक दिन में वहाँ 51 हजार से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए। वहीं राज्य में मरने वालों की संख्या 58 हजार के पार हो गई। इसी बीच भाजपा नेता किरीट सोमैया ने 7 मरीजों की मौत का आरोप ठाकरे सरकार पर मढ़ा। साथ ही कोविड संक्रमितों की मौत को ठाकरे सरकार द्वारा की गई हत्या बताया।

किरीट सोमैया ने अपने ट्वीट में लिखा, “नालासोपाड़ा के विनायक अस्पताल में 7 कोविड मरीज आज ऑक्सीजन सप्लाई की कमी के कारण मरे। ठाकरे सरकार इन मौतों के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे को फौरन इस्तीफा देना चाहिए।”

बता दें कि नालासोपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 9 लोगों की मौत कथिततौर पर ऑक्सीजन कमी के कारण हुई, जिसके बाद कई लोग अस्पताल के बाहर विरोध करने गए। लेकिन वहाँ अस्पताल प्रशासन अपनी ढिलाई मानने को तैयार नहीं हुआ। अस्पताल ने बताया कि जितनी मौतें हुईं वह या तो मरीज की उम्र या उसकी तबीयत बिगड़ने के कारण हुई, ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी।

नालासोपाड़ा के विनायक अस्पताल के अलावा वसई विधानसभा क्षेत्र में भी कुल 10 लोगों की मौत का कारण ऑक्सीजन में कमी बताया जा रहा है। यहाँ 7 हजार संक्रमित केस हैं। इनमें से 3,000 को ऑक्सीजन की जरूरत है। पिछले 2 दिन में यहाँ 10 लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई।

इस बारे में वसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक हीरेंद्र ठाकुर के बेटे व नालासोपाड़ा के विधायक, क्षितिज ठाकुर ने भी ट्वीट किया। उन्होंने वसई में ऑक्सीजन की स्थिति साफ करते हुए पीएम मोदी, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 3 जान उनके क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण जा चुकी हैं। इसलिए वसई तालुके में ऑक्सीजन दी जाए ताकि लोगों की जान बच पाए।

इसके अलावा आप की स्थानीय ईकाई ने भी वसई में ऑक्सीजन सप्लाई में कमी पर बात रखी। वहीं निगम में विपक्षी नेता प्रवीण डारेकर ने इसे गंभीर विषय करार देते हुए कहा कि सरकार सिर्फ़ लॉकडाउन पर ध्यान दे रही है। हाँ, प्रतिबंधों की जरूरत है, लेकिन ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटीलेटर, इंजेक्शन भी उतने ही जरूरी है। गुडी पर्व पर ये अच्छी खबर नहीं है।

मालूम हो कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही हैं। सोमवार को वहाँ 51, 751 नए मरीज दर्ज किए गए। वहीं 258 लोगों की मौत भी हुई। एक दिन पहले की बात करें तो राज्य में 63, 294 मामले आए थे। अब तक राज्य कुल संक्रमण केसों की संख्या 34 लाख 58 हजार 996 हो गई है। वहीं मृतकों का आँकड़ा भी 58, 245 पहुँच गया है। महाराष्ट्र सरकार, राज्य में लॉकडाउन के मद्देनजर बुधवार को फैसला ले सकती है। फिलहाल के लिए राज्य में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएँ टाल दी गई हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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