Homeराजनीतिकन्हैया चल रहे पीछे: घर में सिलिंडर पर छन रही हैं पूड़ियाँ, वही सिलिंडर...

कन्हैया चल रहे पीछे: घर में सिलिंडर पर छन रही हैं पूड़ियाँ, वही सिलिंडर जिस पर बोला था ‘झूठ’

खबर है कि कन्हैया के घर में जीत की ख़ुशी में सिलिंडर पर पूड़ियाँ छन रही हैं। हालाँकि ताजा रुझानों में कन्हैया कुमार तीसरे स्थान पर चल रहे हैं।

लोकसभा निर्वाचन 2019 परिणाम के रुझान जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं प्रत्याशियों में ख़ुशी का संचार होता जा रहा है। सबसे ज्यादा ख़ुशी कन्हैया कुमार को हो रही है। खबर है कि उनके घर में जीत की ख़ुशी में सिलिंडर पर पूड़ियाँ छन रही हैं। हालाँकि ताजा रुझानों में कन्हैया कुमार तीसरे स्थान पर पीछे चल रहे हैं।

गौरतलब है कि खुद को ‘बेरोजगार’ कहने वाले कन्हैया कुमार अब तक 8,58,650 रुपए की कमाई कर चुके हैं। 2017-18 में कन्हैया कुमार की आय 6,30,360 रुपए थी जबकि 2018-19 में उनकी आय 2,28,290 रुपए की रही। पिछले दो साल में बेरोजगारी के बावजूद 8 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वाले कन्हैया अपने घर में एक गैस सिलिंडर तक नहीं खरीद पाए थे।  

श्रवण कुमार की धरती पर शायद ऐसे ही बेटों को ‘कपूत’ की संज्ञा दी जाती होगी। हालाँकि कन्हैया यह तर्क फिर से दे सकते हैं कि 3-4 दिन में खत्म हो जाने वाले सिलिंडर को वह साल भर में 100 से ज्यादा खरीदें तो कैसे खरीदें। लेकिन अब जब उनके घरवाले निर्वाचन में उनकी संभावित जीत की खुशियाँ मना रहे हैं तो उनके पास सिलिंडर कहाँ से आया यह पूछा जाना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -