Homeदेश-समाज'अगर यूपी में योगी आदित्यनाथ दोबारा बने CM तो मैं प्रदेश छोड़कर चला जाऊँगा':...

‘अगर यूपी में योगी आदित्यनाथ दोबारा बने CM तो मैं प्रदेश छोड़कर चला जाऊँगा’: मुनव्वर राना ने भारी मन से किया ऐलान

मुनव्वर राना ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी के उतरने के बाद फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन जाती है या यूपी में बीजेपी ध्रुवीकरण करने में सफल हो जाती है और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनते हैं तो वो सूबा छोड़कर कहीं और चले जाएँगे।

मशहूर उर्दू शायर मुनव्वर राना अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। शनिवार (17 जुलाई 2021) को उन्होंने कहा, ”अगर औवेसी की मदद से यूपी में योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बने तो मैं प्रदेश छोड़कर चला जाऊँगा। ये भी मान लूँगा कि ये राज्य मुसलमानों के रहने लायक नहीं है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, मुनव्वर राना ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी के उतरने के बाद फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन जाती है। या यूपी में बीजेपी ध्रुवीकरण करने में सफल हो जाती है और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनते हैं तो वो सूबा छोड़कर कहीं और चले जाएँगे।

शायर ने मीडिया में कहा कि बीजेपी और ओवैसी दोनों ऐसे पहलवान हैं जो सिर्फ जनता को और अन्य सियासी दलों को दिखाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन मामला कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि ये दोनों इसलिए लड़ रहे हैं ताकि वोटों का ध्रुवीकरण हो और मुस्लिम वोट ओवैसी खींच लें, ताकि अन्य सियासी दलों को इसका फायदा ना मिले और बीजेपी आसानी से चुनाव जीत ले जाए। उन्होंने आगे कहा कि अगर मुसलमानों में जरा सी भी अक्ल होगी तो वो ओवैसी को वोट नहीं देंगे।

गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश एटीएस ने अलकायदा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इसको लेकर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए मुनव्वर राना ने इन आतंकियों पर कार्रवाई को चुनावी बताते हुए कहा था कि यह कुछ और नहीं है बल्कि चुनाव की तैयारी में टूथब्रश का इस्तेमाल है। गिरफ्तार आतंकियों को जमीयत उलेमा-ए-हिन्द द्वारा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के प्रश्न पर राना ने AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।

अमेरिका की सैन्य ताकत का जवाब डेटा सेंटर पर हमला? समझिए मिडिल ईस्ट में ईरान की नई युद्ध रणनीति और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा...

AI डेटा सेंटर्स को निशाना बनाकर ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों की तकनीकी, आर्थिक तथा सैन्य ताकत को चुनौती देने की रणनीति अपना रहा है।
- विज्ञापन -