Homeदेश-समाजअगरबत्ती बेच कर पैसा कमाते तेज प्रताप यादव, कर्मचारी ने ही ठग लिए 71000...

अगरबत्ती बेच कर पैसा कमाते तेज प्रताप यादव, कर्मचारी ने ही ठग लिए 71000 रुपए

तेज प्रताप यादव ने अगरबत्ती का शोरूम भी पटना में रखा है। विधायक होने का घमंड जरा भी नहीं है। इस शोरूम में वो सेल्समैन की तरह अगरबत्ती के फायदे बताते देखे जा सकते हैं।

तेज प्रताप यादव बिहार विधान सभा के सदस्य हैं। महत्वाकांक्षी हैं। मेहनती हैं। विधायक की सैलरी के साथ-साथ अगरबत्ती भी बेचने का सोचे थे। कुछ एक्स्ट्रा कमा लेते। लेकिन इनके साथ भ्रष्टाचार (कभी इनके पिता और सजायाफ्ता कैदी लालू यादव ने भी भ्रष्टाचार किया था) हो गया। तेज प्रताप यादव की अगरबत्ती कंपनी के ही एक कर्मचारी ने इनसे 71000 रुपए ठग लिए, ऐसा आरोप लगाया गया है।

जिस कर्मचारी पर तेज प्रताप यादव ने 71000 रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, उनका नाम आशीष रंजन है। विधायक तेज प्रताप यादव ने पटना के एसके पुरी थाना को पत्र लिख कर इस बारे में शिकायत की है। तेज प्रताप के अनुसार आशीष रंजन उनकी अगरबत्ती कंपनी में मार्केटिंग का काम देखता है और बिना अनुमति के 71000 रुपए अपने अकाउंट में मँगवा लिए।

साभार: News18

LR Radha Krishna Agarbatti – तेज प्रताप यादव की अगरबत्ती कंपनी का नाम यही है। इस कंपनी में 71000 रुपए का हेरफेर करने का आरोप लगा कर विधायक तेज प्रताप यादव ने आशीष रंजन के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।

कपड़े-गाड़ियों के शोरूम आपने बहुत देखे होंगे। अगरबत्ती का शोरूम शायद न के बराबर। पटना में आप इसे भी देख सकते हैं। विधायक होने का घमंड तेज प्रताप यादव में जरा भी नहीं है। इस शोरूम में सेल्समैन की तरह अगरबत्ती के फायदे बताते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो को आप यहाँ क्लिक कर देख सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -