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परिवार की इच्छा से कश्मीर में ही वीरेंद्र पासवान का अंतिम संस्कार: श्रीनगर मेयर ने बताया- प्रशासन ने दिया पूरा सहयोग

वीरेंद्र पासवान सात बच्चों के पिता हैं। उनकी पाँच बेटियों और दो बेटे हैं। उनके भाई और समुदाय के स्थानीय लोगों ने दाह संस्कार में भाग लिया।

बिहार के भागलपुर के रहने वाले स्ट्रीट वेंडर वीरेंद्र पासवान की मंगलवार (अक्टूबर 5, 2021) को श्रीनगर के लाल बाजार में इस्लामी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उनका अंतिम संस्कार बुधवार (अक्टूबर 6, 2021) को श्रीनगर में किया गया। यह अंतिम संस्कार वीरेंद्र के परिजनों की सहमति से हुई है। बताया गया कि परिवार ने कश्मीर में ही अंतिम संस्कार करने की बात कही, क्योंकि वे उन्हें बिहार के भागलपुर ले जाने में सक्षम नहीं थे।

मृतक और उसके परिवार को भागलपुर ले जाने के लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं करने पर प्रशासन की निंदा की गई। हालाँकि, श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने कहा कि जिला प्रशासन ने वीरेंद्र के परिजनों को उसका पार्थिव शरीर बिहार में उसके पैतृक गाँव में पहुँचाने के लिए पूरी मदद का यकीन दिलाया था। प्रशासन ने उन्हें हवाई जहाज की टिकटें भी नि:शुल्क प्रदान करने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा कि वह उसकी अंत्येष्टि यहीं कश्मीर में करेंगे। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार यहीं पर किया गया।

न्यूज 18 नेटवर्क के संपादक, शालिन्दर वांगू ने कहा कि परिवार ने श्रीनगर में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए इसलिए चुना क्योंकि शव को पटना तक ले जाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वो पटना एयरपोर्ट से भागलपुर तक शव को ले जाने में सक्षम नहीं थे।

वीरेंद्र पासवान सात बच्चों के पिता हैं। उनकी पाँच बेटियों और दो बेटे हैं। उनके भाई और समुदाय के स्थानीय लोगों ने दाह संस्कार में भाग लिया। इस बीच, जिला मैजिस्ट्रेट श्रीनगर मोहम्मद एजाज असद ने दिवंगत वीरेंद्र पासवान की पत्नी पुतुल देवी को 1.25 लाख रुपए की अनुग्रह राशि का चेक तत्काल मदद के लिए प्रदान किया। इसमें 1 लाख रुपए की राशि SDRF के तहत दी गई है और 25 हजार रुपए रेड क्रॉस फंड से दिए गए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज असद ने कहा कि दिवंगत के परिजनों को और भी आर्थिक मदद दी जाएगी। इस संदर्भ में सभी आवश्यक औपचारिकताओं को अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। पासवान की हत्या के तुरंत बाद, दो शिक्षक भी मारे गए, जिनमें से एक हिंदू और दूसरा सिख था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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