Homeदेश-समाज'मुझे गोली मरवा सकते हैं लालू यादव': RJD सुप्रीमो के पटना पहुँचने पर बोले...

‘मुझे गोली मरवा सकते हैं लालू यादव’: RJD सुप्रीमो के पटना पहुँचने पर बोले CM नीतीश, की थी ‘विसर्जन’ की बात

"27 अक्टूबर को मैं कुशेश्वर अस्थान और तारापुर उपचुनाव सीटों पर जनता को संबोधित करूँगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्य में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के ‘विसर्जन’ को सुनिश्चित करेंगे।"

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (26 अक्टूबर 2021) को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ”लालू उन्हें गोली मरवा सकते हैं।” दरअसल, नीतीश ने यह प्रतिक्रिया लालू यादव के सोमवार वाले बयान पर दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिल्ली से पटना नीतीश कुमार का विसर्जन करने आए हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने तीखे अंदाज में कहा, ”लालू कुछ और तो कर नहीं सकते हैं मगर उनको गोली जरूर मरवा सकते हैं।”

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव ने सोमवार को कहा, ”मैं अस्वस्थ था और हिरासत में था, जिसकी वजह से मैं दो चुनावों में प्रचार नहीं कर पाया। लेकिन अब उपचुनाव हो रहे हैं और लोगों के प्यार के कारण मैं वापस आने में कामयाब रहा हूँ। इसलिए 27 अक्टूबर को मैं कुशेश्वर स्थान और तारापुर उपचुनाव सीटों पर जनता को संबोधित करूँगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्य में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के ‘विसर्जन’ को सुनिश्चित करेंगे।”

अक्सर विवादित बयान देकर सुर्खियों में बने रहने वाले लालू प्रसाद यादव ने हाल ही में कॉन्ग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्तचरण दास को ‘भकचोन्हर’ करार दिया था। जमानत पर जेल से छूटने के बाद पहली बार बिहार दौरे पर जा रहे लालू यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया था।

गौरतलब है कि इससे पहले लालू यादव ने कॉन्ग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन की बातों को नकार दिया था। उन्होंने कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा था, “अरे, बेकार की बात है। गठबंधन क्या होता है? क्या होता है कॉन्ग्रेस का गठबंधन? हारने के लिए उसे सीट दे देते हम? जमानत जब्त करवाने के लिए? भक्तचरण दास तो ‘भकचोन्हर’ है ही। उसे कुछ पता है क्या? मैं पटना जा रहा हूँ।” लालू यादव पर आरोप लगे हैं कि उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिला है, इसीलिए वो चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।
- विज्ञापन -