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पाकिस्तान के Zoo में ‘कुत्ते’ जैसा ‘शेर’ का हाल, एक भूख से तड़प-तड़प कर मर गया: Video देख भड़के नेटिजन्स

सोशल मीडिया पर मृत शेर की वीडियो भी सामने आई है। इसे देख नेटिजन्स में काफी गुस्सा है। वीडियो में नजर आने वाला शेर बेहद कमजोर दिख रहा है और जमीन पर बेजान पड़ा है।

पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित चिड़ियाघर में जानवरों की भूख से तड़प-तड़प कर मौत हो रही है। सोशल मीडिया पर एक शेर की वीडियो और तस्वीर भी सामने आई है, इसे देख सोशल मीडिया यूजर्स में काफी गुस्सा है। फोटो में नजर आने वाला शेर बेहद कमजोर दिख रहा है और जमीन पर बेजान पड़ा है। देख सकते हैंं कि उसके शरीर के बाल भी झड़ गए हैं और उसकी हड्डियाँ दिख रही है।

कराची मेट्रोपॉलिटियन कॉर्पोरेशन के प्रवक्ता ने शेर की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि शेर टीबी से पीड़ित था और पिछले 13 दिनों से बीमार था। प्रवक्ता ने कहा, “शेर का इलाज डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा था लेकिन वो ठीक नहीं हो पाया। बुधवार को सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई।” प्रवक्ता ने बताया कि शेर 14-15 साल का था और 2012 में अफ्रीका से कराची जू में लाया गया।

प्रवक्ता ने ये भी बताया कि शेर के शव की ऑटोप्सी हुई थी और पता चला कि उसे निमोनिया था और फेफड़ों ने भी काम करना बंद कर दिया था। कराची के प्रशासक बैरिस्टर मुर्तजा वहाब ने शेर की मौत पर रिपोर्ट माँगी है। घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, वहाब ने बताया कि सफेद शेर एक दुर्लभ नस्ल था, और शेर की मौत का कारण सामने आने के बाद अगर कोई लापरवाही पाई जाती है तो चिड़ियाघर प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस फोटो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स में काफी गुस्सा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या इमरान सरकार के पास इतने भी पैसे नहीं है कि वो चिड़ियाघर में रखे गए जानवरों का पेट भर सके। इसी लिस्ट में पाकिस्तानी हस्तियों के भी नाम है। जैसे एहसान खान, अरीबा हबीब, शनेरा अकरम और फातिमा भुट्टो- इन सब लोगों ने शेर की तस्वीर देख कर अपना गुस्सा जाहिर किया है। सोशल मीडिया का दावा है कि फंड न मिलने के कारण कॉन्ट्रैक्टर ने जानवरों को खाना देने से मना कर दिया था।

किसी ने इस फोटो को देख पूछा कि आखिर धरती पर हो क्या है तो किसी ने कहा कि ये सब कितना भयंकर है। एहसान खान ने लिखा, “हदीस कहता है कि पैगंबर मोहम्मद ने कहा था ‘एक जानवर के साथ किया गया एक अच्छा काम एक इंसान के लिए किए गए अच्छे काम के समान है, जबकि एक जानवर के साथ क्रूरता का कार्य उतना ही बुरा है जितना कि एक इंसान के साथ किया गया’।”

फातिमा भुट्टो ने इसे बेहद क्रूर और अपमानजनक कहा है। उन्होंने लिखा कि ये लोग भी जीव हैं। वह पूछती हैं कि आखिर जानवरों को खाना देने का कॉन्ट्रैक्ट किसे दिया गया था। भुट्टो ने तो जू चिड़ियाघर के साथ अपने बुरे अनुभव भी बताए हैं। उन्होंने कहा कि कम बजट और कम समर्थन मिलने के कारण जू के ऐसे हाल हैं। ये सब बहुत क्रूर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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