Homeराजनीतिअजय मिश्रा टेनी दिल्ली तलब, बेटे आशीष से जुड़े सवाल पर पत्रकार पर भड़के,...

अजय मिश्रा टेनी दिल्ली तलब, बेटे आशीष से जुड़े सवाल पर पत्रकार पर भड़के, कहा- ‘तुम चोरों ने एक निर्दोष को फँसा दिया’

“सब पत्रकार चोर हैं। तुम ही मीडिया वालों के चलते आज एक निर्दोष आदमी जेल में बंद है। तुम चोरों ने एक निर्दोष को फँसा दिया है। शर्म नहीं आती है? कितने गंदे लोग हैं! क्या जानना चाहते हो? एसआईटी से नहीं पूछे?”

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर सवालों के घेरे में आए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को आज दिल्ली तलब किया गया है। बुधवार (15 दिसंबर 2021) शाम चार बजे वो लखनऊ एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इसी बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। यहाँ वह पत्रकारों पर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक समाचार चैनल के पत्रकार ने मंत्री से जब बेटे आशीष को लेकर सवाल पूछा तो वह बुरी तरह से नाराज हो गए।

अजय मिश्रा पत्रकार से बोले कि क्या बात है? पत्रकार ने जब फिर सवाल दोहराया तो गुस्साते हुए बोले, “बेवकूफी के सवाल मत करो, दिमाग खराब है क्या बे।” लोगों ने उनको समझाने की कोशिश की तो वह पास में एक खड़े एक और पत्रकार का मोबाइल पकड़कर गुस्साते हुए बोले, “बंद करो इसे।” टेनी लखीमपुर के ओयल में मदर चाइल्ड केयर के ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने पहुँचे थे।

वीडियो में वह मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कह रहे हैं, “सब पत्रकार चोर हैं। तुम ही मीडिया वालों के चलते आज एक निर्दोष आदमी जेल में बंद है। तुम चोरों ने एक निर्दोष को फँसा दिया है। शर्म नहीं आती है? कितने गंदे लोग हैं! क्या जानना चाहते हो? एसआईटी से नहीं पूछे?”

बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जाँच कर रही यूपी पुलिस की एसआईटी ने कोर्ट से कहा है कि 4 किसानों और एक पत्रकार की हत्या की घटना एक ‘सोची-समझी साजिश’ थी। इसके साथ ही उन्होंने मामले में अधिक गंभीर आरोपों को शामिल किए जाने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का पुत्र आशीष मिश्रा इस मामले के 13 आरोपितों में शामिल है। एसआईटी के आवेदन पर दलीलों को सुनने के बाद लखीमपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) चिंता राम ने 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले की पड़ताल कर रही SIT को मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की मंगलवार (14 दिसंबर 2021) को इजाजत दे दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -