Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'कश्मीर की बर्बादी के पीछे Pak का हाथ, गिलगित-बाल्टिस्तान वालों को बोलने तक की...

‘कश्मीर की बर्बादी के पीछे Pak का हाथ, गिलगित-बाल्टिस्तान वालों को बोलने तक की आज़ादी नहीं’: POK के नेता ने ही इमरान खान को धोया

महमूद कश्मीरी ने कहा कि पाँच फरवरी को मनाए जाने वाले एकजुटता दिवस पाखंड दिवस के तौर पर सेलिब्रेट किया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में पाकिस्तान (Pakistan) ही अशांति फैलाता रहा है, इसको लेकर समय-समय पर आवाजें उठती रही है। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस (JKNIA) के अध्यक्ष महमूद कश्मीरी (Mahmood Kashmiri) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर जमकर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर को बर्बाद करने के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ है।

सामाजिक कार्यकर्ता और ऑवर वॉयस के होस्ट डॉ शब्बीर चौधरी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महमूद कश्मीरी ने कहा कि पाँच फरवरी को मनाए जाने वाले एकजुटता दिवस पाखंड दिवस के तौर पर सेलिब्रेट किया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोग गुलाम हैं, उन्हें बोलने तक की आजादी नहीं है। पाकिस्तान आवाज उठाने पर वहाँ के लोगों पर देशद्रोह का केस ठोंक देता है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि किस तरह की एकजुटता वो कश्मीर के लोगों के साथ दिखा रहे हैं।

कश्मीरी कहते हैं कि पीओके के लोगों को अगर हथियारों के साथ जीवन जीना पड़ रहा है तो इसका अर्थ यह है कि वहाँ कुछ भी ठीक नहीं है। उनका कहना है कि पीओके में लोगों को न तो ठीक से बिजली मिलती है और न ही पानी। मंगला बाँध का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने लोगों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

कश्मीरी ने दो टूक कहा कि कश्मीर विवाद को पाकिस्तान ने ही पैदा किया है। सच बोलने या अपने अधिकारों की माँग करने वालों की आवाज को पाकिस्तान दबा देता है। उन्होंने बलूचिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा ही हाल बलूचिस्तान में भी है। वहाँ भी लोगों की स्वतंत्रता को कुचला जा रहा है। उन्हें पाकिस्तान से दिक्कत है।

गौरतलब है कि महमूद कश्मीरी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ पहले भी आवाज उठाते रहे हैं। साल 2019 में भी उन्होंने पाकिस्तान पर भेदभाव का आरोप लगाया था। एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में उन्हें बोलने तक की इजाजत नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -