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‘जो कर्म से बड़े होते हैं, उनका आशीर्वाद मिलना ज़रूरी होता है’: सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने PM मोदी के लिए क्यों कहा था ऐसा

तब वयोवृद्ध गायिका ने कहा था, “उम्र में तो बहुत लोग बड़े होते हैं लेकिन जो कर्म से बड़े होते हैं, उनका आशीर्वाद मिलना ज़रूरी होता है।“

सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन से पूरा देश स्तब्ध है और उनके योगदान को याद कर रहा है। 8 दशकों तक अपने सुरों से देश-दुनिया की सेवा करती रहन लता मंगेशकर के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वो अपने लिए इसे काफी सम्मान की बात समझते हैं कि उन्हें हमेशा लता मंगेशकर से प्यार मिला। उन्होंने कहा कि ‘लता दीदी’ के साथ उनकी मुलाकातें हमेशा यादगार बनी रहेंगी। पीएम मोदी ने उनके परिवार से भी बात कर के सांत्वना दी।

क्या आपको पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लता मंगेशकर के बीच हमेशा से मधुर रिश्ते रहे हैं। सितंबर 2019 में अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने सुर साम्राज्ञी से बात करते हुए फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी शेयर की थी। लता मंगेशकर की जन्मदिन के मौके पर उन्होंने एक वाकया सुनाया। दरअसल, पीएम मोदी ने अमेरिका दौरे पर जाने से पहले ही लता मंगेशकर को आगामी जन्मदिन की बधाई दे दी थी क्योंकि जन्मदिन वाले दिन वह फ्लाइट में होते।

तब लता मांगशकार ने फोन कॉल पर पीएम मोदी से कहा था, “मैं यह जान कर काफ़ी ख़ुश हो गई थी कि आपका फोन आने वाला है। बस आपका आशीर्वाद चाहिए।” पीएम मोदी ने लता मंगेशकर को याद दिलाया था कि वह बड़ी हैं, और आशीर्वाद देने का फ़र्ज़ उनका बनता है। इसके जवाब में वयोवृद्ध गायिका ने कहा था, “उम्र में तो बहुत लोग बड़े होते हैं लेकिन जो कर्म से बड़े होते हैं, उनका आशीर्वाद मिलना ज़रूरी होता है।“ इस बातचीत को आप नीचे सुन सकते हैं।

लता मंगेशकर का जन्म 1929 में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर मराठी और कोंकणी भाषा के लोकप्रिय संगीतकार हुआ करते थे। उनके दादा गणेश भट्ट गोवा स्थित मंगेशी मंदिर में पुजारी थे और शिवलिंग के जलाभिषेक की जिम्मेदारी संभालते थे। सुर साम्राज्ञी का जैम मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। मात्र 13 वर्ष की उम्र में हृदय रोग के कारण उनके पिता का निधन हो गया था। 1949 में ‘महल’ फिल्म में ‘आएगा आने वाला’ गाने से उन्होंने शोहरत बटोरी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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