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‘कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा’: अपने नए ‘कॉमेडी’ शो में कुणाल कामरा की सुप्रीम कोर्ट पर अपमानजनक टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से पहले कामरा ने कहा कि उनके मन में शीर्ष न्यायालय से अधिक सम्मान शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट के लिए है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 'ब्राह्मण बनिया' का मामला है और यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

कॉमेडियन का ढोंग करने वाले प्रोपेगेंडानिस्ट कुणाल कामरा (Kunal Kamra) ने अपने नए ‘कॉमेडी’ शो ‘बी लाइक’ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर अपमानजनक टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ अवमानना चल रहे केस को लेकर कामरा ने कहा, “प्रिय सुप्रीम कोर्ट! कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा।”

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से पहले कामरा ने कहा कि उनके मन में शीर्ष न्यायालय से अधिक सम्मान शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट के लिए है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ‘ब्राह्मण बनिया’ का मामला है और यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

कामरा ने कहा, “देश का सर्वोच्च न्यायालय, जिसे मैं भी नहीं मानता… मैं एक शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट का अधिक सम्मान करता हूँ … कम से कम यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करता है। देश का सर्वोच्च न्यायालय ‘ब्राह्मण-बनिया’ का मामला है। मैं इसका सम्मान नहीं करता।”

सुप्रीम कोर्ट ने कुणाल कामरा के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही शुरू की

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में कुणाल कामरा को एक लिबरल ‘हीरो’ या ‘शहीद’ बनने की कोशिश में न्यायपालिका के खिलाफ अवमानना वाली ​​टिप्पणी करने के बाद कार्रवाई को लेकर एक नोटिस जारी किया था। अपने एक ट्वीट में उन्होंने तत्कालीन सीजेआई अरविंद बोबडे को अपनी मध्यमा उंगली दिखाई थी और दूसरे ट्वीट में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भगवा रंग में रंगते हुए आरोप लगाया था कि यह एनडीए सरकार की कठपुतली बन गई है।

पहले ट्वीट में कामरा ने सुप्रीम कोर्ट की तुलना सुप्रीम जोक से की। अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जिस गति से सुप्रीम कोर्ट ‘राष्ट्रीय हितों’ के मामलों में काम करता है, अब समय आ गया है कि हम महात्मा गाँधी की तस्वीर को हरीश साल्वे की तस्वीर से बदल दें।”

अपने तीसरे ट्वीट में उन्होंने जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की तुलना ‘प्रथम श्रेणी के यात्रियों को शैंपेन परोसने वाले फ्लाइट अटेंडेंट’ से की, जो तेज सेवा देता है। जबकि आम लोगों को यह नहीं पता था कि वे कभी सवार होंगे या बैठे होंगे, सेवा की तो बात ही छोड़िए।” आखिरी ट्वीट में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट या उसके जजों का जिक्र करते हुए वकीलों को उनके लिए ‘माननीय’ का इस्तेमाल बंद करने के लिए उकसाया। उन्होंने कहा, “यहाँ सम्मान ने बहुत पहले साथ छोड़ दिया है।”

कामरा ने सुप्रीम कोर्ट की इमारत की एक मॉर्फ्ड तस्वीर भी पोस्ट की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के प्रवेश द्वार पर बीजेपी का झंडा फहराया गया था। मुंबई के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा कि अगर अदालत ने कामरा द्वारा दिए गए अपमानजनक बयानों पर कार्रवाई नहीं की तो उनके लाखों अनुयायी उन्हीं के रास्ते पर चलेंगे और जब फैसला उनके पक्ष में नहीं होगा तो इसी तरह के आरोप लगाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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