Homeराजनीतित्रिपुरा में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण, हरियाणा में पंचायती राज संस्थानों...

त्रिपुरा में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण, हरियाणा में पंचायती राज संस्थानों में 50% तक होगी भागीदारी

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा की सरकारी नौकरियों में अब 33 प्रतिशत आरक्षण माताओं-बहनों को मिलने वाला है। साथ ही महिलाओं को सरकारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स या बाजारों में दुकानें संचालित करने के लिए 50% आरक्षण मिलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज (8 मार्च, 2022) ऐलान किया कि त्रिपुरा में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। त्रिपुरा में बिप्लव देव सरकार के 4 साल पूरे होने पर एक दिवसीय दौरे पर आए अमित शाह ने आज जहाँ माँ त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन कर आशीर्वाद माँगा वहीं अगरतला में एक रैली को भी संबोधित किया। गृहमंत्री शाह ने कहा कि हमारे देश की आजादी को 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। साथ ही खूबसूरत त्रिपुरा को भी बने हुए 50 साल पूरे हो गए हैं।

आज जहाँ गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा वहीं महिलाओं के विकास के लिए भी त्रिपुरा सरकार की कई योजनाओं को जनता के सामने रखा। अमित शाह ने रैली में बिप्लव देव सरकार के विकास कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के हर गरीब के घर में बिजली पहुँचाने का काम भाजपा सरकार ने किया है। हमारी सरकार ने त्रिपुरा में रोड और रेलवे से जुड़ी दर्जनों योजनाओं को पूरा किया है।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की सरकारी नौकरियों में अब 33 प्रतिशत आरक्षण माताओं-बहनों को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स या बाजारों में दुकानें संचालित करने के लिए 50% आरक्षण मिलेगा। महिलाओं द्वारा स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 50% उद्यम पूंजी कोष आरक्षित है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब द्वारा महिला कल्याण की इस पहल से त्रिपुरा में सभी को लाभ होगा।

वहीं आज हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर ने आज 2022-23 का बजट महिलाओं को समर्पित किया। दिवंगत नेता सुषमा स्वराज के नाम पर 5 लाख रुपए के पुरस्कार की घोषणा की और पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित 33% सीटों को 50% तक बढ़ाने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि त्रिपुरा की रैली अमित शाह ने रैली के मंच से विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि 25 साल तक कम्युनिस्टों ने त्रिपुरा में राज किया था। 2015 में जब मैं यहाँ आया था, हर कोई यहाँ त्राहिमाम कर रहा था। उन्होंने कहा, “25 साल तक कम्युनिस्टों ने यहाँ गरीबों के नाम पर राज किया, लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा और अन्य दलों के 39 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। उस समय भाजपा ने तय किया था कि हम त्रिपुरा में एक आंदोलन खड़ा करेंगे।”

गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा, “मुझे आज भी याद है जब पहली बार मैंने इंटीरियर त्रिपुरा में पहली बार चलो पलटाई का नारा दिया तो, लोगों में जो उत्साह दिखा उससे ही हमें पता चल गया था कि यहाँ परिवर्तन होने वाला है। भाजपा सरकार बनने के चार साल बनने के बाद मैं देख रहा हूँ कि जो त्रिपुरा पहले ड्रग्स और नशे के कारोबार से त्रस्त था, वो त्रिपुरा आज आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -