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बछड़ा चुराया, काटा और अपनी बेटी की शादी में परोस दिया: सलीम को 10 साल की सजा, ₹1 लाख का जुर्माना

राजकोट की एक अदालत ने गोकशी के मामले की सुनवाई करते हुए सलीम मकरानी नाम के शख्स को 10 साल की सजा सुनाने के साथ उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

देश में शायद पहली बार ऐसी खबर सुनने में आई है जब गौवंश की हत्या के मामले किसी व्यक्ति को 10 साल की सजा सुनाई गई हो। जी हाँ, ये मामला गुजरात के धोराजी का है। यहाँ राजकोट की एक अदालत ने गोकशी के मामले की सुनवाई करते हुए सलीम मकरानी नाम के शख्स को 10 साल की सजा सुनाने के साथ उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए सलीम पर बछड़ा चुराकर हत्या करने का आरोप था। उसके ख़िलाफ़ इसी साल की शुरुआत में सत्तार कोलिया नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए एफआईआर करवाई थी। इस FIR में शिकायतकर्ता ने सलीम पर बछड़ा चुराने और उसकी हत्या करके अपनी बेटी की शादी के दावत में परोसने का आरोप लगाया था।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की फॉरेंसिक जाँच कराई थी। जाँच में यह पाया गया कि मामला वाकई में गौकशी से जुड़ा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने सलीम के ख़िलाफ़ मिले तमाम सबूतों को कोर्ट में पेश कर दिया। जिसके आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश एचके दवे ने शनिवार (जुलाई 6, 2019) को सलीम मकरानी नाम के आरोपित को गुजरात पशु संरक्षण (संधोधन) अधिनियम 2017 के तहत यह सजा सुनाई

आपको बता दें कि गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने गोकशी को रोकने के लिए इतना सख्त कानून पारित किया है। इस कानून के तहत 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 5 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून साल 2017 में गोवंश की सुरक्षा के लिए विधानसभा में पास किया गया था। संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है, जिसमें गोहत्या में सजा हुई हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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