Homeदेश-समाजझारखंड में रामनवमी शोभा यात्रा पर हमले: लोहरदगा और बोकारो में पथराव, वाहन फूँके-मेले...

झारखंड में रामनवमी शोभा यात्रा पर हमले: लोहरदगा और बोकारो में पथराव, वाहन फूँके-मेले में लगाई आग, राजधानी एक्सप्रेस भी बनी निशाना

हिरही, कुजरा, भोक्ता बगीचा आदि गाँवों में अभी तनाव है। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में इंटरनेट पर पाबन्दी लगा दी गई है। लोहरदगा प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है।

झारखंड में रामनवमी के मौके पर 2 अलग-अलग स्थानों पर आगजनी, पत्थरबाजी और हिंसा की खबर है। इन घटनाओं में कई वाहनों को आग लगा दी गई है और ट्रेन पर भी पथराव हुआ। एक स्थान पर पुलिस द्वारा शोभा यात्रा रोकने की भी खबर है। घटनाएँ रविवार (10 अप्रैल 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोहरदगा के सदर थाना क्षेत्र के हिरही गाँव में शोभा यात्रा पर पत्थर फेंके जाने की खबर के बाद आस-पास के गाँवों में तनाव फैल गया। दंगाइयों ने वाहनों में आग लगानी शुरू कर दी। इसी हिंसा की चपेट में सदर इलाके के भोक्ता बगीचे में चल रहा रामनवमी मेला भी आ गया। मेले में कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। वहाँ खड़ी बाइकों, साईकिल और ठेलों में भी आग लगा दी गई।

यह आग पूरे मेला क्षेत्र में फैल गई। इसी दौरान राँची से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी पथराव किया गया। इस आगजनी के विरोध में मेले वाली जगह के पास स्थित 2 अलग-अलग घरों में भी आग लगा दी गई। इस पूरी घटना में 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिरही, कुजरा, भोक्ता बगीचा आदि गाँवों में अभी तनाव है। जानकारी मिली है कि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में इंटरनेट पर पाबन्दी लगा दी गई है। लोहरदगा प्रशासन ने इस घटना के बाद धारा 144 लगा दी है।

धारा 144

भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इस हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने घायल लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की।

बोकारो में पथराव के बाद शोभायात्रा रोकी गई

दूसरी घटना झारखंड के बोकारो की है। यहाँ के बेरमो क्षेत्र में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव की खबर है। पथराव फुसरो के राजाबेड़ा स्थित गंजू मोहल्ले में होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रशासन ने बाइक से निकली शोभा यात्रा को रोक दिया। इससे नाराज हिन्दू संगठन के लोग बाइक उसी जगह छोड़कर चले गए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज पर वामपंथियों का प्रोपेगेंडा: सामने आए Kautilya3, Shahinshah121 व TrangaBellam जैसे नाम, जानें इनका इतिहास

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज में बदलावों को लेकर NPOV रिपोर्ट ने Wikipedia की निष्पक्षता पर खड़े किए सवाल। जानें पूरा मामला।

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।
- विज्ञापन -