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देश की इंच-इंच ज़मीन से घुसपैठियों को निकाल बाहर करेंगे: अमित शाह का जावेद अली को जवाब

सीमा की सुरक्षा करने वाले फोर्सेज को नियमित चेकिंग करने, चेकपोस्ट लगा कर जायजा लेने और गश्ती में तेज़ी लाने को कहा गया है, ताकि घुसपैठियों को दाखिल होने से रोका जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि सभी घुसपैठियों और अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से निकाला जाएगा। सपा संसद जावेद अली ख़ान के सवाल का जवाब देते हुए शाह ने ये बात कही।

अली ने पूछा था कि क्या एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स) भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है? राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा:

“एनआरसी अभी जो असम के अंदर है, वो असम अकॉर्ड का ही एक भाग है। अगर सबने राष्ट्रपति महोदय का भाषण सुना होगा या भाजपा का घोषणा-पत्र पढ़ा होगा, उन्हें पता होना चाहिए कि हम देश के एक-एक इंच ज़मीन से घुसपैठियों को चिह्नित कर अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अनुसार निर्वासित करने वाले हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को घुसपैठियों के प्रति सख्त रुख के कारण विरोधी अक्सर निशाने पर लेते रहे हैं। सरकार ने मंगलवार (जुलाई 16, 2019) को कहा था कि घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए वह बहुआयामी तरीकों पर काम कर रही है। सीमा पर फेंसिंग कराने, फ्लड लाइट्स लगवाने, सीमा पर अच्छी सड़कें बनवाने और आउटपोस्ट्स स्थापित करने सम्बन्धी कई निर्णय लिए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने बताया कि सीमा की सुरक्षा करने वाले फोर्सेज को नियमित चेकिंग करने, चेकपोस्ट लगा कर जायजा लेने और गश्ती में तेज़ी लाने को कहा गया है, ताकि घुसपैठियों को दाखिल होने से रोका जा सके। भारतीय सीमा पर पहाड़ और नदियाँ होने के कारण घुसपैठिए इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हैं और सुरक्षा बलों को चकमा देने में कामयाब होते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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