Homeराजनीतिमातोश्री कोई मस्जिद है क्या: राज ठाकरे ने उद्धव सरकार पर फिर साधा निशाना,...

मातोश्री कोई मस्जिद है क्या: राज ठाकरे ने उद्धव सरकार पर फिर साधा निशाना, केंद्र को कहा- ‘UCC लाएँ, औरंगाबाद का भी बदला जाए नाम’

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने रैली संबोधित करते हुए कहा, "हमारे कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा पढ़ी तो उन पर कार्रवाई हुई। मातोश्री के आगे राणा दम्पति ने हनुमान चालीसा पढ़ी तो उन्हें गिरफ्तार करवा दिया गया। मातोश्री मस्जिद है क्या? क्या शिवसैनिकों ने इसी दिन के लिए वोट दिया था ?"

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ और ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ जल्द से जल्द लाने की माँग की है। इसी के साथ उन्होंने औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर किए जाने की भी आवाज उठाई है। राज ठाकरे ने यह बयान अपनी पुणे यात्रा के दौरान 22 मई 2022 (रविवार) को दिया है।

राज ठाकरे ने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा पढ़ी तो उन पर कार्रवाई हुई। मातोश्री के आगे राणा दम्पति ने हनुमान चालीसा पढ़ी तो उन्हें गिरफ्तार करवा दिया गया। मातोश्री मस्जिद है क्या? क्या शिवसैनिकों ने इसी दिन के लिए वोट दिया था ?”

राज ठाकरे ने शरद पवार पर आरोप हुए कहा कि वो औरंगजेब को संत मानते हैं। महाराष्ट्र में हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने के लिए AIMIM का उपयोग किया जा रहा। जो छत्रपति शिवाजी के शत्रु औरंगजेब की कब्र पर फूल चढ़ा रहे हैं उन्हें शर्म नहीं आ रही है। किसी के कुछ कहने और करने से इतिहास नहीं बदलने वाला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज ठाकरे ने यह बयान पुणे के गणेश कला केंद्र में आयोजित के रैली में दिया। इस रैली में उन्होंने अपनी प्रस्तावित अयोध्या रैली की भी चर्चा की। उन्होने कहा, “मैंने अपनी अयोध्या यात्रा के निरस्त होने का ट्वीट 2 दिन पहले किया था। अयोध्या यात्रा का बयान मैंने जानबूझ कर दिया था। इस यात्रा पर मैं लोगों का रिएक्शन देखना चाहता था। कुछ लोग मेरी अयोध्या यात्रा के खिलाफ हैं। वो अपने जाल में फँसाना चाहते थे। लेकिन मैंने किसी को भी विवाद खड़ा करने का मौक़ा नहीं देना चाहता।”

राज ठाकरे ने आगे कहा, “मैं अपने फैसले पर किसी भी आलोचना को झेलने के लिए खुद को तैयार किया हूँ। लेकिन मैं अपने कार्यकर्ताओं को किसी संकट में नहीं डालना चाहता। शायद मेरी यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में कोई अनहोनी हो जाए और उसमें UP का प्रशासन मेरे कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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