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जिस हथियार से किया कन्हैया लाल का सिर कलम, वो शोएब की फैक्ट्री में बना: हैवी मेटल को मशीनों से दिया खास शेप, 1 वार में ही करना चाहते थे ख़त्म

हैवी मेटल से हथियार बनाने का जो कारण सामने आया है, वह काफी भयावह है। दोनों हत्यारे चाहते थे कि हथियार इतना खतरनाक हो कि एक वार में ही कन्हैया लाल की गर्दन अलग हो जाए।

राजस्थान के उदयपुर में हिंदू दर्जी कन्हैया लाल के हत्यारों का मकसद आतंक फैलाना था। हत्यारों ने तय कर रखा था कि हत्या को इस तरह से अंजाम देना है, ताकि देखने वालों में दहशत कायम हो जाए। इसके लिए पत्थर काटने वाले मेटल से गर्दन काटने का हथियार बनाया और फिर हत्याकांड के बाद फैक्ट्री के पास चारे में खंजर को छिपाया था।

बता दें कि कन्हैया लाल की हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया गया है। घटना को अंजाम देने के लिए दो हथियारों का इस्तेमाल किया रया था। उदयपु ATS ने कन्हैया हत्याकांड के आरोपित रियाज और गौस से पूछताछ के बाद दोनों हथियार बरामद कर लिए। यह हथियार उदयपुर के सापेटिया इलाके की फैक्ट्री से बरामद किया गया। रियाज और गौस ने पूछताछ में बताया था कि वे कन्हैया लाल की हत्या करने के बाद उदयपुर के सापेटिया इलाके में गए थे।

यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उदयपुर के सपेटिया इलाके में एक लोहे के कारखाने में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि इसी कारखाने में कन्हैया लाल की हत्या के बाद आरोपितों ने वीडियो बनाया था।

जानकारी के मुताबिक, उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र मे सापेटिया स्थित एसके इंजीनियर्स के यहाँ एनआईए व एसआईटी टीम के अधिकारियों ने छापा मारा है। कन्हैया हत्याकांड के आरोपित रियाज और गौस ने यहीं बैठकर हत्या के बाद वाला वीडियो बनाया था। एसके इंजीनियर्स के मालिक का नाम शोएब बताया गया है। 

दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के मुताबिक शोएब, एक आरोपित रियाज का दोस्त है, वहीं दूसरा आरोपित गौस इसी फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करता है। उसी ने हथियार तैयार करने में मदद की। रियाज भी फैक्ट्री में आता-जाता रहता था, इसलिए उसे इन औजारों के बनाने के बारे में अच्छी तरह से पता था। बताया जा रहा है कि शोएब 6 साल से ये फैक्ट्री चला रहा है। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और शोएब से मामले में पूछताछ की जाएगी।

हालाँकि, हैवी मेटल से हथियार बनाने का जो कारण सामने आया है, वह काफी भयावह है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों हत्यारे चाहते थे कि हथियार इतना खतरनाक हो कि एक वार में ही कन्हैया लाल की गर्दन अलग हो जाए। गौस मोहम्मद ने कटर रिंग से छुरे का रूप दिया और हथियार तैयार किया। बता दें कि इस फैक्ट्री में पत्थर काटने के लिए विभिन्न मशीनों के जरिए हैवी मेटल की रिंग बनाई जाती है। जब मशीन की मदद से उसे तेजी से घुमाया जाता है तो वह पत्थर काटती है। इसी हैवी मेटल से रियाज ने यहाँ मौजूद मशीनों के जरिए खंजरनुमा हथियार तैयार किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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