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यूपी की इस जेल के खाने के सामने होटल भी फेल, मिली 5 स्टार रेटिंग: मशीन से होता है सारा काम, स्वच्छता का विशेष ध्यान, 1100 हैं कैदी

रसोई का आधुनिकीकरण किया गया है और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जेल की रसोई में आटा गूँथने, आलू छीलने, सब्जियाँ काटने और रोटी बनाने के लिए नई और ऑटोमेटिक मशीनें लाई गई हैं।

जेल के खाने को लेकर हमेशा से ही यह धारणा बनी रही है कि कैदियों को मिलने वाला खाना अच्छा नहीं होता है। हालाँकि, उत्तर प्रदेश की फर्रुखाबाद जिले की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में मिलने वाले खाने को बेहतर मानते हुए ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI)’ ने 5 स्टार रेटिंग दी है। इस तरह से यह जेल इस उपलब्धि को हासिल करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला जेल बन गया है।

दरअसल, फर्रुखाबाद जिले की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल की रसोई को आधुनिक किया गया है। इस रसोई में खाना बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इसलिए, अब यहाँ खाना हाथ से नहीं बल्कि मशीनों से तैयार किया जा रहा है।

चूँकि, खाना मशीन से बन रहा है और हाथों का कम से कम उपयोग हो रहा है। इसलिए, साफ-सफाई से लेकर खाने की गुणवत्ता तक बेहतर हो गई है। यही कारण है कि, फतेहगढ़ जेल में कैदियों को गुणवत्तापूर्ण खाना देने और खाद्य सामग्रियों के बेहतर रख-रखाव के लिए ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI)’ ने इसे 5 स्टार सर्टिफाइड कर दिया है।

इस बारे में, जिला मजिस्ट्रेट संजय सिंह का कहना है कि FSSAI से मान्यता मिलने के बाद यह साफ है कि इस जेल के 1100 कैदियों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इस जेल को मार्च, 2022 में FSSAI का लाइसेंस मिला था। इसके बाद, FSSAI के निर्देशों के अनुसार भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में सुधार किया गया है।

जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद ने कहा है कि जेल प्रशासन ने FSSAI के दिशानिर्देशों का ठीक से पालन किया। रसोई का आधुनिकीकरण किया गया है और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जेल की रसोई में आटा गूँथने, आलू छीलने, सब्जियाँ काटने और रोटी बनाने के लिए नई और ऑटोमेटिक मशीनें लाई गई हैं। इसके अलावा, कैदियों के साथ ही जेल के कर्मचारियों ने भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का प्रशिक्षण लिया है। रसोई में काम करने वाला प्रत्येक व्यक्ति हर समय एप्रन, हेड गियर और दस्ताने पहनकर रखता है।

बताया जा रहा है कि पिछले दो सालों में कोरोना महामारी को देखते हुए जेल परिसर में नई रसोई का निर्माण करवाया गया है। इस जेल के 1100 कैदियों के लिए दोनों टाइम का खाना इसी रसोई में बनता है। अभी तक रोटी, सब्जी, दाल आदि बनाने में कैदियों की मदद ली जाती थी और मैनुअली होने की वजह से इसमें काफी समय लगता था। लेकिन, अब यही काम जल्दी हो जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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