Homeदेश-समाजदुर्गा विसर्जन के वक्त दो पक्षों में पथराव, लाठी-डंडे भी चले: छत्तीसगढ़ पुलिस पर...

दुर्गा विसर्जन के वक्त दो पक्षों में पथराव, लाठी-डंडे भी चले: छत्तीसगढ़ पुलिस पर मौके से गायब होने के आरोप, सफाई में कहा- हमने पूरी रात ड्यूटी की

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे ये लोग लाठी, डंडे व रॉड लेकर तोड़फोड़ और पथराव कर रहे हैं। युवकों की भीड़ डीजे और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ करती हुई दिख रही है। वहीं पुलिस का आसपास नामोंनिशान नहीं है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) से दुर्गा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव की खबर सामने आई है। पत्थरबाजी में दोनों पक्ष के कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान दोनों तरफ से विसर्जन में लगे वाहनों और डीजे पर जमकर तोड़फोड़ की गई। डीजे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे ये लोग लाठी, डंडे व रॉड लेकर तोड़फोड़ और पथराव कर रहे हैं। युवकों की भीड़ डीजे और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ करती हुई दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कहा रहा है कि यह पथराव काफी देर चला। उस वक्त पुलिस यहाँ से गायब रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर वर्ष दशहरे (Dussehra) के दूसरे दिन बिलासपुर में झाँकी निकालकर माँ दुर्गा का विसर्जन किया जाता है। गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) रात को भी शहर के गोल बाजार से लेकर पचरी घाट तक विसर्जन की तैयारियाँ की गई थी। साथ ही देवकीनंदन चौक से लेकर जूना बिलासपुर तक जगह-जगह झाँकियाँ सजाई हुई थी। झाँकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचे थे। लेकिन दुर्गा विसर्जन के दौरान शनिचरी बाजार और कुदुदंड दुर्गोत्सव समिति के लोगों के बीच शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) सुबह करीब 4 बजे मामूली विवाद मारपीट बदल गया।

इसके बाद करीब 6 बजे फिर से दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी की गई। यही नहीं दोनों पक्षों ने लाठी और रॉड से भी एक-दूसरे पर हमला किया। दोनों गुटों के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि जिस समय दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ उस वक्त पुलिस वहाँ से गायब थी। जबकि पुलिस अफसर यहाँ पूरी रात ड्यूटी करने का दावा कर रहे हैं। एडिशनल SP सिटी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि जब यह घटना हुई, उससे कुछ देर पहले ही वह वहाँ से निकले थे। तब सब कुछ ठीक था। जब वे थाने में आकर बैठे थे, तभी उन्हें इस घटना की सूचना मिली।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम-कृष्ण-शिव भी हैं, लेकिन सबसे ऊपर स्वामीनारायण: समझिए- BAPS की शुरुआत से बड़ा बनने की पूरी कहानी

BAPS के मंदिरों में राम, कृष्ण, शिव, पार्वती, गणेश और हनुमान की मूर्तियाँ भी होती हैं लेकिन वो सब मूर्तियाँ स्वामी स्वामीनारायण से छोटी होती हैं। आखिर क्या है इनकी मान्यता?

EC में कैसे आए 3 कमिश्नर? जब राजीव गांधी से भिड़े CEC शास्त्री, तो बदल दिया गया चुनाव आयोग का पूरा गेम

चुनाव आयोग में तीन कमिश्नर्स की व्यवस्था कैसे शुरू हुई? राजीव गाँधी, आरवीएस शास्त्री और टीएन शेषन से जुड़ी पूरी कहानी समझिए।
- विज्ञापन -