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खान सर के पीछे पड़ी लिबरल जमात, ‘सुरेश-अब्दुल’ के बीच का फर्क नहीं आ रहा रास: पुराना Video वायरल, गिरफ्तारी की माँग

एक यूजर यासीर लिखता है, "बिहार पुलिस इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई करो। इसे मुस्लिमों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार होना चाहिए। इस आदमी ने सिर्फ पॉपुलेरिटी के लिए अपना नाम खान रखा हुआ है। ये मेरे समुदाय को बदनाम कर रहा है। "

अपने पढ़ाने के अंदाज और सरनेम के कारण मशहूर हुए खान सर वामपंथियों के निशाने पर आ गए है। कारण है कि उन्होंने समास पढ़ाते-पढ़ाते अब्दुल नाम का जिक्र कर दिया। अब वामपंथी बुद्धिजीवी और कुछ राजनेता चाहते हैं कि उन्हें जेल हो जाए। 

अब इस वीडियो क्लिप में ऐसा है क्या? तो बता दें कि वीडियो में खान सर समाज और द्वंद समास पढ़ा रहे हैं। पीछे हेलीकॉप्टर का बैकग्राउंड हैं। वह कहते हैं, अब्दुल भाई चलिए। कुछ संधि समास में ऐसी होती हैं कि एक ही बात के दो अर्थ होते हैं- उसे द्वंद समास कहते हैं। जैसे सुरेश ने जहाज उड़ाया। इसका मतलब है कि जहाज उड़ाया। लेकिन अगर नाम बदल दें कि अब्दुल ने जहाज उड़ाया तो अंतर हो जाएगा। शब्द वहीं है लेकिन नाम बदल देने पर अर्थ में अंतर आ जाएगा। सुरेश ने जहाज उड़ाया मतलब वो उड़ाया, लेकिन अब्दुल ने जहाज उड़ाया मतलब भड़काया।”

कश्मीरनामा के लेखक अशोक कुमार पांडे ने इस वीडियो क्लिप को देखने के बाद इसे ट्विटर पर शेयर किया है। वह लिखते हैं, “इसे नीचता की हद कहते हैं। ऐसे लोग शिक्षा का धंधा करते हुए समाज में नफरत फैलाने वाले घटिया धंधेबाज हैं। इस आदमी को तुरंत गिरफ्तार होना चाहिए।”

कॉन्ग्रेस की सुप्रिया श्रीनेथ ने रिप्लाई देते हुए कहा, “घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ़्तार करना चाहिए। और जो अट्टहास कर रहे हैं इनकी भद्दी बेहूदा बातें सुन कर उनको सोचना चाहिए – कि क्या बन रहे हैं हम?”

एक यूजर यासीर लिखता है, “बिहार पुलिस इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई करो। इसे मुस्लिमों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार होना चाहिए। इस आदमी ने सिर्फ पॉपुलेरिटी के लिए अपना नाम खान रखा हुआ है। ये मेरे समुदाय को बदनाम कर रहा है। “

एक यूजर लिखा, “केवल कुछ हजार रुपयों के लिए, ये आदमी पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहा है। ये खान नाम और सर नाम पर धब्बा है।”

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ वामपंथी और मुस्लिम समुदाय के लोग खान सर की इस वीडियो क्लिप पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग हैं जिनका कहना है कि ये व्यवहारिक उदाहरण दिया गया है। वो इस तरह की हिम्मत दिखाने के लिए खान सर की तारीफ कर रहे हैं। 

यूट्यूब सर्च और अन्य पड़ताल से पता चलता है कि खान सर की यह वीडियो हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि 1 साल पहले की है। कंधार हाईजैक के बारे में पढ़ाने के दौरान उन्होंने अपनी यह टिप्पणी की थी। यूट्यूब पर देख सकते हैं कि यह क्लिप एक-एक साल पहले भी कई अकॉउंट्स से शेयर हो चुकी है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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