Homeदेश-समाजझूठ बोलकर ICU में घुसा ईसाई उपदेशक, मरीज के सामने किया धार्मिक पाठ: विधानसभा...

झूठ बोलकर ICU में घुसा ईसाई उपदेशक, मरीज के सामने किया धार्मिक पाठ: विधानसभा पहुँचा मामला, धर्मांतरण और अवैध चर्च बनाने का आरोप

संपतराव नामदेव धनवाड़े ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में धनवाड़े ने कहा है कि संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी गेले ने झूठा बताया कि वे ICU में भर्ती रोगी के रिश्तेदार हैं। कपल बिना इजाजत के ICU में भी घुस आए थे। सोनाली के माथे पर उन्होंने अपनी अंगुलियाँ फेरीं और एक टैब पर धार्मिक पाठ पढ़कर अंगुली द्वारा सर्जरी करने का नाटक किया।

महाराष्ट्र के अटपडी में ईसाई उपदेशक संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी ने ICU में भर्ती एक मरीज पर कथित रूप से ‘चमत्कार’ का उपयोग कर उसका उपचार करने की कोशिश की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया है। इसको लेकर भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने 30 दिसंबर 2022 को विधानसभा में संजय गेले की संपत्ति की जाँच की माँग की।

वराद अस्पताल की इस घटना के सामने आने के बाद भाजपा विधायक गोपीचंद पाडलकर ने विधानसभा में इस मामले को उठाया। उन्होंने इसे अवैध धर्मांतरण का मामला बताते हुए संजय गेले की संपत्ति की जाँच की माँग की। पाडलकर ने सदन को यह भी बताया कि अटपडी में एक चर्च का अवैध निर्माण हुआ है और अवैध धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही हैं।

गोपीचंद पाडलकर ने कहा, ‘अटपडी में संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी दोनों ही लोगों की अज्ञानता और भोलेपन का फायदा उठा रहे हैं। बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अटपडी में एक अवैध चर्च बनाया है। ईसाई प्रचारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अवैध चर्चों के निर्माण को हटाया जाए।”

भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि गेले परिवार के पास आलीशान होटल, जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनें के साथ-साथ कई शहरों-कस्बों में जमीन है। उन्होंने कहा कि इस संपत्ति के स्रोत की जाँच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसको लेकर लोगों में गुस्सा और अगर कार्रवाई नहीं की गई तो कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है।

भाजपा विधायक गोपीचंद पाडलकर द्वारा उठाए गए सवाल पर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने जवाब दिया। फडणवीस ने गेले परिवार के जरिए कराए जा रहे चर्च और धर्मांतरण गतिविधियों की जाँच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में पहले ही जादू-टोना करने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

यह घटना एक लड़की के इलाज से जुड़ी है। महाराष्ट्र के सांगली जिले के अटपडी शहर के वराद अस्पताल की ICU में एक 18 वर्षीय लड़की सोनाली शिवदास जिरे इलाज के लिए भर्ती थी। इसी बीच संजय और अश्विनी गेले वहाँ जाकर ‘चमत्कार’ के जरिए लड़की को ठीक करने का दिखावा करने लगे। दोनों ने लड़की के सिर पर हाथ रखा और प्रार्थना की थी।

संपतराव नामदेव धनवाड़े ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में धनवाड़े ने कहा है कि संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी गेले ने झूठा बताया कि वे ICU में भर्ती रोगी के रिश्तेदार हैं। कपल बिना इजाजत के ICU में भी घुस आए थे। सोनाली के माथे पर उन्होंने अपनी अंगुलियाँ फेरीं और एक टैब पर धार्मिक पाठ पढ़कर अंगुली द्वारा सर्जरी करने का नाटक किया।

मामला दर्ज होने के बाद अटपदी पुलिस ने बुधवार (28 दिसंबर 2022) को सांगली में ईसाई उपदेशक संजय गेले को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पत्नी अश्विनी अभी फरार है। आरोपी संजय गेले को अटपडी अदालत में पेश किया गया और उसे इस महीने की 31 तारीख तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

तालुका में इस प्रकार के धर्मांतरण कराने और अंधविश्वास फैलाने का मामला पहली बार प्रकाश में आया है। विभिन्न समुदायों और हिंदू संगठनों ने दंपति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की माँग की थी। लोगों ने मार्च निकालकर इस घटना विरोध किया। इसके साथ ही 25 दिसंबर को अटपडी कस्बे को बंद रखा गया।

लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने संजय गेले को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद हिंदू समाज ने 30 दिसंबर (शुक्रवार) को एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में भाजपा विधायक राम सातपुते भी शामिल हुए। लोगों ने संजय गेले की संपत्ति की माँग की। इस मार्च में महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल हुई थीं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -