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प्रयागराज की शाही मस्जिद पर बुलडोजर चलने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल, जानें क्या है पूरा मामला

प्रयागराज के हंडिया तहसील में ग्रांट ट्रंक रोड (GT Road) के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस रोड पर सैदाबाद बाजार में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर शाही मस्जिद नाम की एक अवैध मस्जिद स्थित थी। इसे शेरशाह सूरी द्वारा बनवाया हुआ बताया जाता है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राजमार्ग के चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले सैदाबाद शाही मस्जिद को गिरा दिया गया है। यह अवैध मस्जिद लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर बनी थी। कहा जाता है कि इसे अफगान आक्रांता शेरशाह सूरी ने बनवाया था। मस्जिद गिराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ट्विटर पर वायरल इस वीडियो पर KalRudra3 नाम के हैंडल ने लिखा, “योगी बाबा के राज्य में, सैदाबाद प्रयागराज (उ.प्र.) मस्जिद पर पाकिस्तान का झंडा लहराने पर बाबा ने मस्जिद ही उखड़वा दी।”

कनिष्का नाम के यूजर ने लिखा, “यह कोर्ट द्वारा सच्चा सेक्युलरिज्म है। कोर्ट ने प्रयागराज के मुसलमानों को ”हराम” से बचाया। अवैध संपत्तियों पर बनी मस्जिदों को इस्लाम में “हराम” के रूप में परिभाषित किया गया है।”

विनम्र त्रिपाठी नाम के यूजर ने लिखा, “जय हो #योगी बाबा !! हालाँकि यह कोर्ट का आदेश है, लेकिन यह योगी बाबा का प्रशासन है, जो ऐसे आदेशों को पूरा करने में सक्षम है।”

आयुष जैन ने लिखा, “अहा..सुंदर दृश्य। अवैध अतिक्रमणों पर ऐसे ही बुलडोजर चलते रहना चाहिए।”

बता दें कि प्रयागराज के हंडिया तहसील में ग्रांट ट्रंक रोड (GT Road) के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस रोड पर सैदाबाद बाजार में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर शाही मस्जिद नाम की एक अवैध मस्जिद स्थित थी। इसे शेरशाह सूरी द्वारा बनवाया हुआ बताया जाता है।

इस मस्जिद को कड़ी प्रशासनिक सुरक्षा बल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 9 जनवरी 2023 को ध्वस्त कर दिया गया। शाही मस्जिद को गिराने से पहले अधिकारियों ने मस्जिद प्रशासन को नोटिस दिया था। हालाँकि, मस्जिद को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने आखिरकार हाईकोर्ट में की शरण ली थी।

इसको लेकर हंडिया के SDM रमेश चंद्र मौर्य ने कहा, “लोक निर्माण विभाग की भूमि पर मस्जिद स्थापित थी। हाईकोर्ट और दिवानी कोर्ट से इन्हें कोई रीलिफ नहीं मिली। मस्जिद की इंतजामिया कमिटी से हमने दो-तीन राउंड वार्ता की है।इसके अनुसार, इंतजामिया कमिटी के लोगों द्वारा स्वयं मस्जिद को हटाने का काम किया जा रहा है।”

मस्जिद के इमाम मोहम्मद बाबुल हुसैन ने बताया था कि वे लोग हाईकोर्ट गए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा था कि मामला सिविल कोर्ट का है। इसके बाद वे लोग सिविल कोर्ट गए। वहाँ स्टे को खारिज कर दिया गया। इसके बाद वे लोग लोअर कोर्ट मे गए जहाँ सुनवाई हुई l इस बीच 9 जनवरी 2023 को मस्जिद को गिरा दिया गया। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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