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कॉन्ग्रेस ने कैप्टन अमरिंद सिंह की पत्नी और पटियाला से सांसद परनीत कौर को किया सस्पेंड, पार्टी विरोधी गतिविधियों का लगाया आरोप

हाल ही में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि परनीत कौर कॉन्ग्रेस का हिस्सा नहीं हैं। कुछ तकनीकी कारणों और लोकसभा सदस्या रद्द होने के डर से वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा था कि परनीत कौर में अगर थोड़ा सा भी अत्मसम्मान बचा है तो उन्हें खुद पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

कॉन्ग्रेस (Congress) छोड़कर कर भाजपा (BJP) में शामिल हुए पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की पत्नी परनीत कौर (Preneet Kaur) को कॉन्ग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया है। कॉन्ग्रेस ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है।

पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर परनीत कौर की शिकायत की थी। चिट्ठी में कहा गया था कि पटियाला से कॉन्ग्रेस की लोकसभा सांसद परनीत कौर भाजपा की मदद करने के लिए पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पंजाब के कई वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं को भी लगता है कि परनीत कौर ऐसा कर रही हैं। शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी की अनुशासनात्मक समिति को भेजा गया था। इसके बाद समिति ने यह निर्णय लिया है।

पार्टी ने परनीत कौर को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब भी माँगा है। पार्टी ने परनीत कौर ने पार्टी से सस्पेंड करते हुए कहा कि वे तीन दिन में जवाब दें कि उन्हें क्यों ना पार्टी से निकाला जाए।

निलंबन के बारे में बोलते हुए अनुशासनात्मक समिति के सदस्य तारिक अनवर ने कहा, “पार्टी को परनीत कौर के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। पार्टी की अनुशासन समिति ने उन्हें निलंबित करने का फैसला किया। उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है।”

बता दें कि अमरिंदर सिंह के कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद वह कॉन्ग्रेस के भीतर निशाने पर थीं। परनीत कौर के कई करीबी भी भाजपा में शामिल हो गए थे। इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा कैंडिडेट के लिए चुनाव प्रचार किया था। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेताओं ने परनीत को भी पार्टी से बाहर निकालने की सलाह दी थी।

हाल ही में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि परनीत कौर कॉन्ग्रेस का हिस्सा नहीं हैं। कुछ तकनीकी कारणों और लोकसभा सदस्या रद्द होने के डर से वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा था कि परनीत कौर में अगर थोड़ा सा भी अत्मसम्मान बचा है तो उन्हें खुद पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

परनीत कौर चौथी बार लोकसभा सदस्य बनी हैं। साल 1999 में उन्होंने पटियाला से पहली बार चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसके बाद वह 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। वह मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहीं।

साल 2014 के लोकसभा चुनावों में परनीत कौर आम आदमी पार्टी (AAP) के धर्मवीर गाँधी से चुनाव हार गईं। इसके बाद वे साल 2019 के लोकसभा चुनावों में एक बार फिर जीतकर लोकसभा पहुँची हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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