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जिगोलो बनाने के नाम पर 4000 युवाओं से लाखों की ठगी: राजस्थान के रहने वाले दोनों आरोपित गिरफ्तार, एस्कॉर्ट सर्विस का देते थे झाँसा

शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन नौकरी की तलाश करते हुए वह एक वेबसाइट पर पहुँच गया। वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर उसने संपर्क किया। जिस व्यक्ति ने कॉल उठाया, उसने उसे जिगोलो बनाने के लिए ट्रेनिंग देने की बात कही। इसके लिए शख्स से बतौर रजिस्ट्रेशन फीस 2499 रुपए लिए गए। इसके बाद उनसे एडवांस कमीशन, पासकोड और मसाज किट देने के नाम पर 39,190 ऐंठ लिए गए।

दिल्ली (Delhi) में जिगोलो (Gigolo) बनाने का झाँसा देकर हजारों युवाओं के साथ ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को जिगोलो और एस्कॉर्ट्स सर्विस में नौकरी का झाँसा देकर लाखों की ठगी की है। बता दें जिगोलो का अर्थ पुरुष वेश्यावृत्ति (Male prostitution) है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नौकरी की तलाश कर रहे 4000 युवकों से लाखों रुपए की ठगी की गई है। इनमें से ज्यादातर पीड़ित समाज के डर और शर्म के मारे चुप रहे, जबकि कुछ ने हिम्मत करके पुलिस में शिकायत दी। एसएचओ साइबर थाना रमन कुमार सिंह की टीम ने राजस्थान के जयपुर से 2 मुख्य आरोपितों कुलदीप चारन और श्याम लाल को गिरफ्तार किया है।

कुलदीप पहले होटलों में रूम ब्वॉय का काम करता था, जबकि दूसरा आरोपित श्याम लाल होटल के रिसेप्शन पर काम करता था। दोनों हिंदी के साथ-साथ फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलते हैं। कुलदीप महिला की आवाज में बात कर सकता है। युवाओं को झाँसे में लेने के लिए कुलदीप महिला की आवाज में बात करता था। ठगी की रकम वसूलने के लिए इन लोगों ने दर्जनभर बैंक में खाते खुलवा रखे थे।

कैसे खुला मामला ?

पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के नरेला के रहने वाले एक शख्स ने साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन नौकरी की तलाश करते हुए वह एक वेबसाइट पर पहुँच गया। वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर उसने संपर्क किया।

जिस व्यक्ति ने कॉल उठाया, उसने उसे जिगोलो बनाने के लिए ट्रेनिंग देने की बात कही। इसके लिए शख्स से बतौर रजिस्ट्रेशन फीस 2499 रुपए लिए गए। इसके बाद उनसे एडवांस कमीशन, पासकोड और मसाज किट देने के नाम पर 39,190 ऐंठ लिए गए।

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने टीम बनाकर दिए गए फोन नंबर और वेबसाइट को खंगालना शुरू किया। साइबर पुलिस की टीम ने डोमेन नेम और सर्वर स्पेस, कॉल डिटेल और मनी ट्रेल की जाँच की। इसके बाद लोकल इंटेलिजेंस और रेकी के जरिए पहले कुलदीप और फिर दूसरे आरोपित श्याम लाल को गिरफ्तार किया गया।

इन दोनों आरोपितों के पास से पुलिस ने एक डेस्कटॉप, एक लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, एक हार्ड-डिस्क, 2 एसडी कार्ड, 18 सिम कार्ड, 11 बैंक खाते, 21 एटीएम कार्ड और चेकबुक बरामद किए गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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