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41 दिन में 34 बार अपने शौहर से जेल में मिली मुख्तार अंसारी की बहू, मदद करता था सपा नेता फराज खान: जेल अधिकारियों से सेटिंग का काम भी देखता था, मददगारों की लंबी चेन

डीआईजी विपिन मिश्रा ने यह भी कहा है कि फराज खान जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को नगद पैसे व गिफ्ट देने से लेकर हर मामले में संलिप्त रहा है।

चित्रकूट जेल में नियमों को ताक पर रख अपने विधायक पति अब्बास अंसारी से मिलने वाली निकहत अंसारी ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। निकहत के खुलासे के आधार पर पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया। फराज, निकहत का सबसे बड़ा सहयोगी था। निकहत को घर दिलवाने से लेकर जेल अधिकारियों से साठ-गाँठ करने में उसकी अहम भूमिका रही है।

दरअसल, पुलिस को निकहत अंसारी की 3 दिनों की रिमांड मिली थी। इस दौरान हुई पूछताछ के आधार पर ही पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया है। फराज की गिरफ्तारी को लेकर चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी विपिन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि फराज खान की गिरफ्तारी के साथ ही उसके अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पूरे मामले में निकहत व उसके परिजनों की मदद करने वाले लोगों की लंबी चैन है। इसमें चित्रकूट ही नहीं, बल्कि अगल-बगल के कुछ जिलों के लोग भी शामिल हैं।

डीआईजी विपिन मिश्रा ने यह भी कहा है कि फराज खान जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को नगद पैसे व गिफ्ट देने से लेकर हर मामले में संलिप्त रहा है। पुलिस को फराज और जेल अधिकारियों के बीच हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन फंडिंग के भी सबूत मिले हैं। निकहत अंसारी के चित्रकूट आने पर फराज ने ही उसने मकान दिलाया था। जेल अधिकारियों को कार देने की बात भी सामने आ रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में तीन टीमें जाँच कर रहीं हैं।

वहीं, एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा है कि निकहत अंसारी अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ 18 दिसंबर, 2022 को चित्रकूट आई थी। इसके बाद उसने अब्बास अंसारी से मिलने के लिए कई जगह संपर्क बनाने की कोशिश की। लेकिन, दिसंबर में संपर्क नहीं बन पाए। हालाँकि, जनवरी की शुरुआत में ही उसके जेल अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए।

एसपी वृंदा शुक्ला ने आगे कहा है कि जनवरी माह में जेल अधिकारियों से निकहत के संपर्क इतने अच्छे हो गए थे कि वह अब्बास से मिलने आए दिन जेल पहुँच जाती थी। जनवरी में वह अब्बास से 25 दिन, वहीं फरवरी में 9 दिन मिलने गई थी। 10 फरवरी को गिरफ्तार होने से पहले निकहत जनवरी में 9 दिन तथा फरवरी में महज 1 दिन ही वह अब्बास से मिलने नहीं पहुँची।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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