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पटना में नरेंद्र मोदी की जनसभा में हुआ था ब्लास्ट…10 साल बाद मेहरे आलम दरभंगा से गिरफ्तार: NIA हिरासत से हुआ था फरार, अब STF ने पकड़ा

आलम पर NIA ने मुजफ्फरपुर के नगर थाना में 30 अक्टूबर, 2013 को कांड संख्या 612/13 दर्ज किया गया था और इसी के बाद उसे NIA ने मेहरे आलम को गिरफ्तार भी किया, लेकिन वो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को चकमा देकर फरार हो गया। माना जा रहा है कि जल्द ही NIA व अन्य एजेंसियाँ भी मेहरे आलम से पूछताछ कर सकती हैं।

10 साल पहले बिहार के पटना में नरेंद्र मोदी की प्रचार सभा में बम ब्लास्ट के आरोपित मेहरे आलम को बिहार की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। आलम की गिरफ्तारी शनिवार (20 मई 2023) को दरभंगा से हुई है। आलम इससे पहले NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था लेकिन वहाँ से वो चकमा दे कर फरार हो गया था। इस केस में 3 आरोपितों को कोर्ट ने पहले ही सजा सुना रखी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेहरे आलम के फरार होने के बाद उसकी तलाश लगातार जाँच एजेंसियाँ कर रहीं थी। इस बीच शनिवार को बिहार STF को आलम के दरभंगा में होने की सूचना मिली। पुलिस को पता चला कि वह अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिंधौली गाँव में रुका हुआ था। STF की टीम मौके पर पहुँची तो सूचना सही मिली और शनिवार देर रात दबिश दे कर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया। फ़िलहाल मेहरे आलम से पूछताछ की जा रही है।

आलम पर NIA ने मुजफ्फरपुर के नगर थाना में 30 अक्टूबर, 2013 को कांड संख्या 612/13 दर्ज किया गया था और इसी के बाद उसे NIA ने मेहरे आलम को गिरफ्तार भी किया, लेकिन वो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को चकमा देकर फरार हो गया। तब वह NIA के साथ बतौर गवाह गया था। तब से आलम लगातार फरार ही था। माना जा रहा है कि जल्द ही NIA व अन्य एजेंसियाँ भी मेहरे आलम से पूछताछ कर सकती हैं। फिलहाल बिहार STF केस में जरूरी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है।

क्या था मामला

दरअसल 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गाँधी मैदान में तब बम ब्लास्ट हुआ था जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मोदी की सभा के अलावा एक ब्लास्ट पटना जंक्शन पर भी हुआ था। इन धमाकों में कुल 6 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 82 लोग घायल हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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