Home Blog Page 5698

जमशेद ने मुझे घसीटा, बदतमीजी की, गालियाँ दीं: कोलकाता की अभिनेत्री हुई Uber driver से अभद्रता की शिकार

कोलकाता की एक लड़की ने ‘समुदाय विशेष’ के व्यक्ति की बदतमीज़ी की आपबीती फेसबुक पर शेयर की है। पेशे से अभिनेत्री स्वास्तिका दत्ता ने फेसबुक पर बताया है कि कैसे जमशेद नामक Uber ड्राइवर उन्हें उनके गंतव्य पर ले जाने की बजाए अपने इलाके में ले गया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अन्य लोगों को इकठ्ठा कर उन्हें धमकाया।

गंतव्य पर छोड़ने से कर दिया मना

स्वास्तिका के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने जमशेद की गाड़ी कैब बुक करने वाले एप्प उबर से बुक की थी। सुबह सवा आठ बजे उन्हें घर से पिकअप करने के बाद जमशेद को उन्हें उनके स्टूडियो (Dassani 2, Rania) पहुँचाना था। लेकिन, स्वास्तिका के मुताबिक उसने बीच में ही उनकी यात्रा अपनी ओर से समाप्त कर दी और उनसे गाड़ी से उतर जाने को कहा। स्वास्तिका के इनकार करने पर उसने गाड़ी अचानक ही उल्टी दिशा में घुमा दी। अपने इलाके में वह गाड़ी ले गया और स्वास्तिका का आरोप है कि उसने उन्हें गालियाँ देनी शुरू कर दीं।

स्वास्तिका के मुताबिक ड्राइवर ने उन्हें ज़बरदस्ती गाड़ी से खींच कर निकाला। स्वास्तिका को जब गुस्सा आया और उन्होंने मदद की गुहार लगाई तो उसने उन्हें धमकी दी और अन्य लड़कों को बुला लिया। स्वास्तिका का कहना है कि उसने कहा, “की कोरबि कॉर, देखि की कोरते पारिश” (देखता हूँ क्या कर लेती हो)

स्वास्तिका का कहना है कि चूँकि उन्हें शूटिंग के लिए देर हो रही थी, तो वह वहाँ से चलीं आईं और उन्होंने अपने पिता को फ़ोन किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह उचित कानूनी कार्रवाई करेंगी।

गोवा में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका, 15 में से 10 MLA भाजपा में शामिल

कर्नाटक में जेडीएस के साथ गठबंधन सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी कॉन्ग्रेस को गोवा में बड़ा झटका लगा है। गोवा में पार्टी के 15 विधायकों में से दो तिहाई यानी 10 सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो गए हैं।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि विपक्ष के नेता सहित कॉन्ग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 27 हो गई है। सावंत ने बताया कि कॉन्ग्रेस विधायक राज्य और अपने क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा में बिना किसी शर्त के शामिल हुए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकान्त कावेलकर के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस से अलग हुए विधायकों के गुट ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में इन विधायकों ने कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी दी। जब विधायक विधानसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे तो सदन के उपाध्यक्ष माइकल लोबो और सीएम सावंत भी मौजूद थे।

कावलेकर ने कॉन्ग्रेस छोड़ने का कारण बताने से इनकार करते हुए कहा कि वे बाद में बयान जारी करेंगे। इससे पहले जून में गोवा भाजपा के अध्यक्ष विजय तेंदुलकर ने दावा किया था कि कॉन्ग्रेस के 10 विधायकों ने पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई है। उस वक्त उन्होंने कहा था कि विधानसभा में बहुमत होने के कारण पार्टी ने इस प्रस्ताव पर ​फिलहाल फैसला नहीं किया है।

मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद इस साल मार्च में सावंत गोवा के मुख्यमंत्री बने थे।

PAK को IMF ने दी चेतावनी- 6 अरब डॉलर भी डूबने से नहीं बचा पाएगा

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भले पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने के लिए राजी हो गया हो पर इससे उसकी आर्थिक हालत सुधरने की उम्मीद नहीं है। पाकिस्तान में आर्थिक गतिविधियाँ इस हद तक सुस्त पड़ती जा रही हैं कि खुद आईएमएफ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उसका भारी-भरकम पैकेज भी पाकिस्तान को नहीं बचा जाएगा। आईएमएफ ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए तो वहाँ की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। ऐसे में आम लोगों पर महँगाई का बोझ कई गुना बढ़ जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद से पिछले 10 महीने में पाकिस्तानी रुपए में 30% की गिरावट आई है। पिछले साल 18 अगस्त को पाकिस्तानी रुपया 123.35 पर था, जो 26 मई, 2019 को 160 के पार चला गया। पाकिस्तान के इतिहास में इतनी छोटी अवधि में इतनी बड़ी गिरावट पहली बार हुई है।

नकदी के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ 6 अरब डॉलर यानी लगभग 41 हजार करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज देने पर राजी हो गया है। पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की जीवन दशा को सुधारने के मकसद से यह कर्ज मंजूर किया गया है।

पाकिस्तान का वजूद विदेश से मिलने वाली सहायता पर ही टिका है। विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान का संकट सिर्फ वित्तीय नहीं, बल्कि सिस्टेमिक और स्ट्रक्चरल भी है। इसके कारण उसके अस्थिर होने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में राहत पैकेज भले ही उसे फौरी संकट से उबार ले, लेकिन इससे आने वाले संकट की जमीन तैयार होगी, जिसे संभालना और मुश्किल होगा।

“मुझे अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था”

पिछले साल सितंबर में आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिक यौन संबंध के सम्बन्ध में) को हटाने के बावजूद भारत में एलजीबीटीक्यूआई (LGBTQI) लोगों का उत्पीड़न जारी है। सामाजिक उत्पीड़न से निराश अविंशु की फेसबुक पोस्ट से पता चलता है कि भले ही कानून बदल जाए, लेकिन समाज खुद को बदलने में हमेशा देर कर देता है।

समलैंगिक होने के कारण कथित भेदभाव से दुखी मुंबई के 20 साल के अविंशु पटेल की आत्महत्या और उसके खुदकुशी नोट ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अविंशु ने समुद्र में कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मंगलवार (जुलाई 09, 2019) को यह जानकारी दी। उसका शव पिछले सप्ताह (बुधवार) तमिलनाडु की राजधानी चेन्नै के नीलंकरई बीच पर मिला। उसने कथित तौर पर समलैंगिक होने के कारण अपनी जान दी। मौत को गले लगाने से पहले उसके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को जिसने भी पढ़ा, वह सतब्ध रह गया। अविंशु पटेल ने फेसबुक पर हिन्दी और अंग्रेजी में किए दो पोस्ट में कहा है कि उसकी खुदकुशी के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

अविंशु ने दो जुलाई को हिन्दी में किए पोस्ट में लिखा, ”मैं एक लड़का हूँ, सभी यह जानते हैं। लेकिन मैं जिस तरह से चलता हूँ, सोचता हूँ, भाव व्यक्त करता हूँ, बात करता हूँ, वह लड़की की तरह है। भारत के लोगों को यह पसंद नहीं आता है।”

“लोग मेरे हाव-भाव से नफ़रत करते हैं”

अविंशु को प्यार से लोग अवी कहते थे। वह मूलरूप से मुंबई का रहने वाला था और पिछले महीने ही चेन्नै के एक स्पा में काम करने गया था। फेसबुक पर 1750 शब्दों के सुसाइड नोट में उसने कहा कि वह गे है, इसलिए उसे परेशान किया जा रहा। उसने लिखा, “लोग मेरे शारीरिक हाव-भाव से नफरत करते हैं। मैं अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करता हूँ, लेकिन यह स्वाभाविक रूप से मेरे शरीर की गतिविधियों में दिखाई देती है। वे (लोग) मुझसे नफरत करते हैं, वे मेरे पीठ पीछे मेरा मजाक उड़ाते हैं…वे मुझे हिजड़ा, छक्का और बैलया कहते हैं…मुझे बहुत अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था।”

“मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है”

अंग्रेजी पोस्ट में अवि ने लिखा, “मुझे उन देशों पर गर्व है जो समलैंगिक लोगों और ट्रांसजेंडरों को सम्मान देते हैं। मुझे अपने सहयोगी भारतीयों पर भी गर्व है। यह मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है। मुझे अपनी जिंदगी से नफरत है।”

अविंशु अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। वह नंदुरबार जिले के शाहदा में रहता था। उनके पिता रवींद्र सब्जी विक्रेता थे, लेकिन दिल की बीमारी से पीड़ित होने के कारण काम नहीं कर पाते। अवि के बचपन का नाम अमोल था। आत्महत्या करने से पहले दो जुलाई की शाम 5 बजे के आसपास उसने अपने रूममेट सहित कुछ अन्य लोगों से इस बात का जिक्र किया था कि वह मरने जा रहा है। अवि के चाचा दीपक ने बताया कि लगभग पाँच महीने पहले अवि की माँ ने उसके ऊपर शादी करने का दबाव बनाया था तब वह उनके पास आया था। घर में तनाव था, लेकिन बाद में वह चेन्नै काम करने चला गया।

कर्नाटक: बेंगलुरु से मुंबई तक शह-मात का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट पहुँचे बागी MLA

कर्नाटक में चल रहे हाई-वोल्टेज सियासी नाटक में नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। एक तरफ़ कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन में पड़ी फूट बढ़ने के संकेत आ रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यसभा के नेता विपक्ष और कॉन्ग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने जेडीएस नेता और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा को गले भी लगाया। देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

आज़ाद, डीके शिवकुमार हिरासत में

प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु में राजभवन के निकट प्रदर्शन करने के दौरान आज़ाद सहित कई कॉन्ग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें केंद्र में सत्तासीन भाजपा के इशारे पर काम करने वाला बताया। आज़ाद कॉन्ग्रेस नेताओं की बैठक में भी शामिल हुए।

वहीं, बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुँचे कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह बागी विधायकों के ‘कैम्प’ में तब्दील होटल रेनेसां के बाहर से न हटने पर अड़ गए थे।

येदियुरप्पा ने माँगा इस्तीफा, राज्यसभा में कॉन्ग्रेस का हंगामा

पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की माँग की है। उनके मुताबिक संख्या बल अब भाजपा के पास है और कुमारस्वामी को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष को उचित कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इस बीच, इस मुद्दे पर राज्य सभा में कॉन्ग्रेस ने जमकर हंगामा किया। इसके कारण सदन को दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित करना पड़ा था।

बागी सुप्रीम कोर्ट में, जेडीएस विधायक कर रहे योग

जहाँ एक ओर बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, वहीं बेंगलुरु के प्रेस्टीज गोल्फशायर क्लब में रुके जेडीएस विधायक योग कर रहे हैं।

बागी विधायकों की शिकायत है कि उनके स्वैच्छिक इस्तीफ़े के बाद भी विधानसभा स्पीकर केआर कृष्ण कुमार तत्काल निर्णय नहीं ले रहे और मामले को लटका रहे हैं।

खलिस्तानी संगठन SFJ पर भारत ने लगाया बैन, पंजाब के CM व सिख संगठनों ने किया स्वागत

केन्द्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) नामक संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा संगठन के अलगाववादी एजेंडे को देखते हुए किया गया है। ‘सिख जनमत संग्रह 2020’ इसके एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पंजाब व अन्य राज्य सरकारों से सलाह-मशविरे के बाद केन्द्र सरकार ने एसएफजे पर प्रतिबंध लगाया है। उसकी अलगाववादी गतिविधियों को लेकर कई सिख संगठनों ने भी चिंता जताई थी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है।

सूत्रों के हवाले से एएनआई ने बताया है कि एसएफजे की गतिविधियों को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है। हालॉंकि पाकिस्तान ने इसी साल अप्रैल में एसएफजे को प्रतिबंधित करने का दावा किया था। लेकिन, सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में प्रतिबंध लगाए जाने के ठोस साक्ष्य नहीं हैं। अपने अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए एसएफजे करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने की फिराक में भी था।

पंजाब पुलिस ने एसएफजे के खिलाफ भारत में आतंकी गतिविधियों को लेकर डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज कर रखे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इस संगठन के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। एसएफजे के लीगल हेड और प्रवक्ता गुरपतवंत पन्नू ने हाल में पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता को एक वीडियो मैसेज के जरिए धमकी दी थी। भारत द्वारा आग्रह करने के बाद पन्नू के ट्विटर हैंडल को हटा दिया गया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि एसएफजे को प्रतिबंधित करना पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई की छत्रछाया में पल रहे भारत-विरोधी संगठनों से देश को बचाने की दिशा में उठाया गया क़दम है।

गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लेने से पहले सभी सिख संगठनों से विचार-विमर्श किया, जिन्होंने इस क़दम का स्वागत किया है। यह कार्रवाई ‘ग़ैरक़ानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA)’ के तहत की गई है।

मैनचेस्टर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच के दौरान भी कुछ लोगों ने खलिस्तानी नारे लगाए थे, जिन्हें स्टेडियम से निकाल बाहर किया गया था। सूत्रों के अनुसार, वांछित खलिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा भारत-इंग्लैंड मैच के दौरान दिखा था। वह भी एसएफजे से जुड़ा है।

राहुल गाँधी अमेठी में, वायनाड में एक और किसान ने की आत्महत्या

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है। केरल के वायनाड से किसान के खुदकुशी करने की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब राहुल अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी के एक दिन के दौरे पर हैं।

पीढ़ियों से गाँधी-नेहरू परिवार के गढ़ रहे अमेठी में इस बार लोकसभा चुनाव में राहुल को भाजपा की स्मृति ईरानी ने 55 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी थी। हालॉंकि, वायनाड से जीतकर वे लोकसभा पहुँचने में कामयाब रहे। हार के बाद पहली बार अमेठी पहुँचे राहुल ने पार्टी के स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की।

इसी दौरान, पुल्लापल्ली में 55 वर्षीय एक किसान के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की खबर सामने आई। पीटीआई के मुताबिक, मृतक की पहचान अंकितन के तौर पर हुई है। बताया जाता है कि उसने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में दाखिल कराया, जहाँ बुधवार सुबह अंकितन ने दम तोड़ दिया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बीते छह महीने में वायनाड में 5 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इससे पहले मई में वायनाड के कर्ज में डूबे 53 वर्षीय किसान दिनेश कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। दिनेश ने तीन बैंकों से 10 लाख रुपए का कर्ज लिया था और कथित तौर पर बैंक वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। इससे आजिज आकर उसने आत्महत्या कर ली थी।

यह मामला सामने आने के बाद राहुल ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र लिखकर मृतक के परिवार को सहायता देने की माँग की थी। 28 मई को लिखे अपने पत्र में राहुल ने कहा था कि आत्महत्या की इस घटना से वह ‘‘बेहद दुखी’’ हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ मामले की जाँच कराने का भी अनुरोध किया था। इसके जवाब में विजयन ने कहा था कि इस मुद्दे को संसद में उठाए जाने की आवश्यकता है।

2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गॉंधी ने भाजपा पर किसानों की दुर्दशा की अनदेखी का आरोप लगाया था। हालॉंकि, उन राज्यों में जहॉं भाजपा की सरकार नहीं है, वहाँ किसानों की हालत पर वे चुप ही रहते हैं। यहॉं तक कि 2018 में तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी कॉन्ग्रेस सरकारों ने किसानों की हालत में सुधार लाने के लिए कुछ खास नहीं किया। कर्ज माफी के राहुल के वादे के बावजूद काफी कम किसानों को लाभ मिला है और इन राज्यों में भी किसान आत्महत्या को मजबूर हैं।

अब ठुमके लगाने वाली BJP के लिए वोट लाएगी: दिग्विजय की टिप्पणी से महिला आयोग नाराज़

जननायक जनता पार्टी के नेता दिग्विजय चौटाला ने सपना चौधरी के भाजपा में शामिल होने को लेकर तंज कसा है। हरियाणा की मशहूर गायिका और नृत्यांगना सपना चौधरी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में रविवार (जुलाई 7, 2019) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सपना चौधरी दिल्ली में भाजपा के ताज़ा सदस्यता अभियान के तहत पार्टी में शामिल होने वाली पहली सदस्य थीं। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान ख़बर आई थी कि सपना कॉंग्रेस में शामिल होने वाली हैं लेकिन बाद में उन्होंने इसका खंडन किया। जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने सपना पर तंज कसते हुए कहा:

“अब ठुमके लगाने वाली भाजपा के लिए वोट लाएगी।”

दिग्विजय चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला के पौत्र हैं और उनके पिता अजय सिंह चौटाला भी सांसद रह चुके हैं। उनके भाई दुष्यंत चौटाला भी सांसद रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद महिलाओं के प्रति बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा जताया। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनकी टिप्पणी को महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया।

दिग्विजय ने सपना चौधरी के गानों व नृत्य को अश्लील बताते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। हालाँकि, हरियाणा भाजपा के प्रमुख सुभाष बराला ने सपना का बचाव करते हुए चौटाला की टिप्पणी को ग़लत बताया और कहा कि किसी भी कलाकार को राजनीति में आने का हक़ है।

पार्सल में RDX भेजा जा रहा था पंजाब, वडोदरा में एयरपोर्ट पर आतंकियों की साजिश नाकाम

गुजरात के वडोदरा एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक संभावित आतंकी हमले की साजिश को विफल कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरक्राफ्ट कार्गो में एक पार्सल में RDX बरामद किया गया। यह पार्सल पंजाब के किसी पते पर भेजा जा रहा था।

सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक संदेहास्पद पार्सल मिला, जिसे अलग कर लिया गया। जाँच के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने देखा कि पार्सल में विस्फोटक की संभावना है। इसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS) एयरपोर्ट पहुँचा।

सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि पार्सल में मौजूद RDX को पंजाब भेजा जा रहा था और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना का सम्बन्ध खालिस्तान आंदोलन के साथ जोड़ा जा रहा है। दिसम्बर, 2018 में खालिस्तान गदर फोर्स के शबनमदीप सिंह से पूछताछ में भी पंजाब में फिर से खालिस्तानी आतंकवाद को सक्रीय करने की बात स्वीकार की थी। खालिस्तान गदर फ़ोर्स के तार पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से जुड़े हुए हैं।

CBI ने की लालू यादव की सज़ा बढ़ाने की माँग, हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

सीबीआई ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की सज़ा बढ़ाने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। झारखण्ड हाईकोर्ट की एक बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए ख़ुद को इससे अलग कर लिया। मंगलवार (जुलाई 9, 2019) को इस याचिका के आने के बाद जस्टिस केपी देव ने कहा कि वह काउंसल के तौर पर चारा घोटाला मामले में सीबीआई की तरफ से पैरवी कर चुके हैं, इसलिए वह ख़ुद को इस सुनवाई से अलग करते हैं।

इसके बाद जस्टिस केपी देव व जस्टिस अपरेश कुमार की खंडपीठ ने इस याचिका को किसी अन्य पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया। सीबीआई की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद सहित अन्य पर उच्च-स्तरीय षडयंत्र रचने का आरोप है, ऐसे में सजा भी बड़ी होनी चाहिए। सीबीआई लालू सहित 6 अन्य आरोपितों के लिए 7 वर्ष सश्रम कारावास की माँग कर रही है। लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला के अन्य मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद राँची में जेल की हवा खा रहे हैं।

फिलहाल, स्वास्थ्य कारणों से लालू राँची स्थित रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर जेल से ही हस्तक्षेप करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उनके वार्ड की गहन तलाशी ली गई थी। चुनाव से पहले उनसे मिलने के लिए विपक्षी नेताओं व राजद से टिकट के दावेदारों की लम्बी लाइन लगी रहती थी। वैसे अभी मीडिया में ऐसी ख़बरें भी चल रही हैं कि लालू की तबियत ज्यादा ख़राब हो गई है।