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‘चमा$न साल!… किसी को बताया तो मार डालूँगा’: स्कूल जाती छात्रा का वसीम ने पकड़ा कमर, मस्जिद के मौलवी ने हिन्दू महिला से की गंदी बात

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से मुस्लिम समुदाय के आरोपितों द्वारा हिन्दू महिलाओं के उत्पीड़न के 2 अलग-अलग मामले सामने आए हैं। यहाँ एक मस्जिद के मौलवी ने झाड़-फूँक करवाने आई हिन्दू महिला से अश्लील बातें शुरू कर दीं। जब महिला और उसके पति ने मौलवी आलमगीर से विरोध जताया तो उसने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी है। वहीं दूसरे मामले में वसीम अहमद ने स्कूल जा रही एक दलित छात्रा से अश्लील हरकतें की हैं। विरोध करने पर पीड़िता को जातिसूचक शब्द बोले गए और मार डालने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

पहला मामला महराजगंज जिले के थानाक्षेत्र भिटौती का है। यहाँ सोमवार (19 अगस्त 2024) को एक हिन्दू महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि 6 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। इस शादी से उसे 2 बच्चे हुए। कुछ दिन पहले पीड़िता की तबियत खराब हो गई थी, जिसका इलाज चल रहा था। इस बीच किसी ने पीड़िता को भिटौली की मस्जिद में रहने वाले मौलवी आलमगीर से झाड़-फूँक करवाने की सलाह दी। इस सलाह पर अमल कर के पीड़िता ने मौलवी से बातचीत शुरू कर दी।

आरोप है कि थोड़े ही दिन की बातचीत में मौलवी पीड़िता से गंदी-गंदी बातें करने लगा। महिला ने इसकी जानकारी अपने पति और ससुराल के अन्य लोगों को दी। पीड़िता का पति मस्जिद जाकर मौलवी को ऐसा करने से मना किया। हालाँकि मौलवी पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। उल्टे उसने पीड़िता के पति को गालियाँ बकीं और भगा दिया। इसके बाद मौलवी आलमगीर पीड़िता को वीडियो कॉल कर के अश्लील हरकतें करने का दबाव बना रहा है। मना करने पर वह महिला और उसके पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी भी देने लगा।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस से गुहार लगाते हुए आलमगीर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की माँग की है। पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मौलवी आलमगीर को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। आलमगीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78, 351 (2) और 352 के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई व जाँच कर रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

दलित छात्रा से वसीम की छेड़खानी

दूसरा मामला भी महराजगंज के थानाक्षेत्र भिटौली का ही है। यहाँ शनिवार (23 अगस्त 2024) को एक महिला ने पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि गुरुवार (20 अगस्त) को उनकी 18 वर्षीया बेटी अपने स्कूल जा रही थी। तभी रास्ते में गाँव के ही वसीम अहमद ने पीड़िता को रोक लिया। उसने छात्रा की कमर में हाथ डाला और छेड़खानी शुरू कर दी। लड़की ने इस हरकत का विरोध किया तो वसीम अहमद आग बबूला होकर उसे गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा।

शिकायत के मुताबिक वसीम अहमद ने पीड़िता से कहा, “चमा$न साल!, यदि किसी से बताया तो तुझे जान से मार डालूँगा।” जैसे-तैसे पीड़िता वसीम से बच कर घर आई और परिजनों को सारी जानकारी दी। पीड़िता की माँ से आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

इस शिकायत पर पुलिस ने वसीम अहमद को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 126 (2), 352 और 351 (2) के साथ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस इस मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

जर्मनी में ‘अरबी’ हमलावर ने 9 लोगों की गर्दन पर मारा चाकू: 3 की मौत, 5 की हालत गंभीर – मई में इस्लामी हमलावर ने पुलिस पर किया था अटैक

जर्मनी में एक बार फिर संदिग्ध आतंकी हमला हुआ है। देश के पश्चिमी शहर सोलिंगेन में शुक्रवार (23 अगस्त) की रात को एक कार्यक्रम के दौरान कई लोगों पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। इनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि हमलावर अरबी मूल जैसा दिख रहा था। उसकी तलाश में ऑपरेशन जारी है।

दरअसल, सोलिंगेन शहर अपनी स्थापना के 650 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था। फ्रॉनहोफ चौक पर कार्यक्रम में करीब 10,000 लोग पहुँचे थे। लाइव बैंड बज रहा था। तभी स्थानीय समय रात के 9:30 बजे एक शख्स ने भीड़ में शामिल लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। वह राह चलते लोगों को चाकू घोंपते रहा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार होने हो गया है।

इस घटना के बाद पुलिस ने 3 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम को रद्द करा दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को इलाका खाली करने को भी कहा है। अज्ञात हमलावर की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस 40 टैक्टिकल व्हीकल के साथ-साथ हेलीकॉप्टर को भी तलाशी अभियान में लगाया है। हमलावर की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि हमलावर के बारे में फिलहाल बहुत कम जानकारी है, लेकिन यह घटना अकेले हमलावर का है। उसके मकसद के बारे में भी अभी पता नहीं चला है। पुलिस ने इसे आतंकवादी घटना से इनकार नहीं किया है। जर्मनी की मीडिया का कहना है कि हमलावर ने कुछ लोगों की गर्दन पर चाकू से वार किया है, जिसकी वजह से घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सोलिंगन में लगभग 1,60,000 लोग रहते हैं। यह उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया राज्य में है, जो जर्मनी का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। इसके बगल में कोलोन और डसेलडोर्फ जैसे जर्मनी के बड़े शहर स्थित हैं। राज्य के गृहमंत्री हर्बर्ट रूल ने घटनास्थल का दौरा किया है और कहा कि ऐसा लगता है कि हमलावर कई लोगों को मारने के मकसद से ही यहाँ आया था।

इससे पहले भी हो चुका है जर्मनी में हमला

इस साल 31 मई को जर्मनी के मैनहेम में भी इसी तरह का एक हमला हुआ था। एक अज्ञात हमलावर ने इस्लाम विरोधी प्रदर्शन के दौरान चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित 7 लोग घायल हो गए थे। दरअसल, इस्लाम विरोधी कार्यकर्ता माइकल स्टूरजेनबर्गर मैनहेम शहर के सेंट्रल स्क्वायर पर एक दक्षिणपंथी विरोध प्रदर्शन को संबोधित करने की तैयारी कर रहा थे।

उसी दौरान इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा वाले मुस्लिम आतंकी ने चाकू निकाल कर कई लोगों पर हमला कर दिया था। जब एक पुलिस अधिकारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने अधिकारी पर भी हमला कर दिया था। हमलावर ने पुलिस अधिकारी सहित लोगों के गर्दन पर वार किया। हालाँकि, उस दौरान एक अन्य पुलिस अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया था।

तालाब में डूब कर मर गया तफजुल इस्लाम, बेहोश होने तक 14 साल की बच्ची का किया था गैंगरेप: 2 फरार आरोपितों की तलाश में असम पुलिस

असम के नौगाँव जिले में पुलिस कस्टडी से भाग रहे गैंगरेप के एक आरोपित की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतक का नाम तफजुल इस्लाम है। ताफुजल पर 14 साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप है। घटना के समय पुलिस उसे सीन रिक्रिएशन के लिए अपने साथ ले गई थी। वो एक कॉन्स्टेबल को घायल कर के फरार हो गया था। घटना शनिवार (24 अगस्त 2024) की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना नौगाँव जिले के ढींग इलाके की है। यहाँ शुक्रवार को पुलिस ने 14 साल की बच्ची से हुए गैंगरेप में तफजुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपित को अगले दिन शनिवार की सुबह 4 बजे पुलिस घटनास्थल पर जाँच प्रक्रिया के तहत सीन रिक्रिएट करवाने ले गई थी। पुलिस के मुताबिक यहाँ तफजुल ने कस्टडी से भागने का प्रयास किया। उसने एक कॉन्स्टेबल को घायल किया और हाथ छुड़ा कर अँधेरे में भाग निकला। पुलिस टीम ने आरोपित को खोजने के लिए अभियान छेड़ा।

बताया जा रहा है कि लगभग 2 घंटे के अंदर तमाम प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुँच चुका था। इसमें SDRF की टीम भी थी। आखिरकार मौका-ए-वारदात के पास एक तालाब में से तफजुल की लाश बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक कस्टडी से भाग रहा तफजुल बचने के लिए तालाब में कूद गया और ठीक से तैर न पाने की वजह से उसकी मौत हो गई। फिलहाल लाश को निकाल कर अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की जाँच भी चल रही है।

गैंगरेप के 2 अन्य आरोपित अभी भी फरार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना गुरुवार (22 अगस्त) की है। ढींग इलाके में कक्षा 8 में पढ़ने वाली 14 वर्षीया बच्ची साइकल से अपने घर आ रही थी। तभी रास्ते में एक बाइक पर सवार 3 आरोपितों ने उसे रोक लिया। इन सभी ने सुनसान में ले जाकर पीड़िता से गैंगरेप किया। बच्ची मरणासन्न हालत में सड़क के किनारे बेसुध मिली थी। पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहाँ गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा है। इस बीच घटना से इलाके में तनाव फैल गया था।

स्थानीय लोगों ने दुकानें बंद कर के विरोध जताया था। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू की तो सबसे पहले आरोपित तफजुल इस्लाम की पहचान की। ताफुजल को शुक्रवार (23 अगस्त) को अरेस्ट कर लिया गया। इस मामले में फरार चल रहे 2 अन्य आरोपितों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

RG कर अस्पताल के गर्ल्स होस्टल में महिला डॉक्टरों को रेप की धमकी: BJP नेता बोले- CM ममता चलाती हैं नेक्सस, सेक्स रैकेट के पैसे TMC पार्टी फंड में

कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर की रेप-हत्या मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। कैंपस की अधिकांश महिला डॉक्टर एवं नर्स अपना सामान लेकर जा चुकी हैं। जो वहाँ रहने को मजबूर हैं, वो दहशत में जी रही हैं। कहा जा रहा है कि 14 अगस्त की रात को कैंपस में घुसी हजारों की भीड़ ने महिला हॉस्टल में भी तोड़फोड़ की थी और महिला डॉक्टरों को रेप की धमकी दी थी।

दरअसल, 8-9 अगस्त की रात को ट्रेनी डॉक्टर की बर्बरता से रेप करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में RG कर मेडिकल के डॉक्टर कैंपस में विरोध प्रदर्शन पर बैठे थे। 14 अगस्त की रात की हजारों की संख्या में बाहरी लोग कैंपस में घुस आए और डॉक्टरों पर हमला कर दिया। उन्होंने इमरजेंसी वॉर्ड सहित कई जगहों पर तोड़फोड़ की। इनमें से कुछ सत्ताधारी TMC से भी जुड़े थे।

वहाँ की एक महिला डॉक्टर ने आजतक को बताया कि घटना वाले दिन हुड़दंगियों ने अस्पताल के गर्ल्स हॉस्टलों में भी पहुँच गए थे। कहा जा रहा है कि इस दौरान हॉस्टल में रहने वाली महिला रेजिडेंट डॉक्टरों को डराया-धमकाया गया और उन्हें रेप की धमकी दी गई। रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया, “उस दिन हम लोग टॉयलेट में और बेड के नीचे छिप गए थे। जहाँ जगह मिल रही थी, जान बचाने के लिए लोग वहाँ भाग रहे थे।”

घटना से महिला डॉक्टर डर गईं और कैंपस छोड़कर या तो वे अपने घर चली गईं या दूसरी जगह शिफ्ट हो गईं। कहा जा रहा है कि वहाँ 160 महिला डॉक्टर थीं, जिनमें से अब केवल 17 बचीं हैं। जूनियर डॉक्टरों की वकील अपराजिता सिंह ने इस हालात के बारे में कहा था कि 700 रेजिडेंट डॉक्टरों में से सिर्फ 30-40 महिला डॉक्टर और 60-70 पुरुष डॉक्टर ही कैंपस में बचे हैं।

इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कैंपस में केंद्रीय बल CISF को नियुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद कैंपस में 150 से अधिक CISF सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। महिला डॉक्टर का कहना है, “हमें अभी भी डर है कि गुंडे यहाँ फिर से हमला कर सकते हैं। हमें ये भी डर है कि यहाँ जो घटना हुई है, वह हमारे साथ भी घट सकती है।”

रेजिडेंट या अन्य डॉक्टर भले ही हॉस्टल से चले गए हों, लेकिन मेडिकल कॉलेज की नर्सिंग स्टाफ के पास कोई विकल्प नहीं हैं। वे एडमिट किए गए मरीजों की देखभाल में जुटी हैं। नर्सों का कहना है कि 14 अगस्त की घटना के बाद कोई भी स्टाफ रात में ड्यूटी करने के लिए तैयार नहीं है। नर्स भी हॉस्टल छोड़कर जाना चाहती हैं, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर में दो नर्सिंग हॉस्टल अभी भी भरे हुए हैं। यहाँ नर्सें रहने के लिए मजबूर हैं। रेप-मर्डर जैसी भयावह घटना के बाद भी वह रात में काम कर रही हैं। एक नर्स ने बताया कि वॉर्ड में उन्हें डर लगता है। नर्सों को लगता है कि इस घटना में कई लोग शामिल हैं। उसने बताया कि हंगामे के बाद से महिला डॉक्टरों के बदले पुरुष डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन मेल नर्स नहीं है।

भाजपा का आरोप

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एक बड़ा नेक्सस चल रहा है। हॉस्टल से लेकर अस्पताल तक सेक्स रैकेट जैसी चीजें चल रही हैं और इस धंधे से आने वाला पैसा सत्ताधारी टीएमसी के पार्टी फंड में जाता है। उन्होंने कहा कि यह नेक्सस ममता बनर्जी के इशारे पर चल रहा है।

उन्होंने कहा, “एसपी दास से पूछताछ होनी चाहिए। ये ममता के सबसे खास डॉक्टर हैं। अपनी बेटी को किस तरह से नौकरी दिलवाई और प्राइम पोस्ट पर रखा है। यहाँ डॉक्टरों को फेल करने की धमकी दी जाती है। क्राइम सीन के पास तोड़फोड़ की गई। जब खोजी कुत्ता वहाँ गया तो वह और आगे जा रहा था और कुछ ढूंढ रहा था, लेकिन उसे आगे नहीं ले गए। इसमें कोलकाता पुलिस कमिश्नर सबसे बड़ा दोषी हैं।” 

दिलीप घोष ने आरोप लगाया, “(ट्रेनी डॉक्टर की) लाश को बुरी तरह से घसीट कर परिवार के सामने लाया गया था। ऐसे कौन करता है? पुलिस को सस्पेंड क्यों नहीं किया। अस्पताल में जितना नेक्सस चल रहा है, सब कुछ तो ममता के इशारे पर ही हो रहा है। डॉक्टर बेटी को भी फेल करने की धमकी दे गई थी।” दिलीप घोष ने इस दौरान TMC के पूर्व प्रवक्ता शांतनु सेन का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “शान्तनु सेन की बेटी को भी फेल करने की धमकी दी गई थी। पूरे बंगाल में खुला खेल चल रहा है। डॉक्टर एसपी दास और कोलकाता पुलिस कमिश्नर इसका हिस्सा हैं। घटना के समय और भी डॉक्टर मौजूद थे, उनको पकड़ो। जल्दी कुछ करो बंगाल के लिए। रोहिंग्या घुसपैठ से लेकर हर डिपार्टमेंट में हर तरफ लूटपाट है, इसको रोकना चाहिए।”

बता दें कि शांतनु सेन और उनकी पत्नी पत्नी काकाली सेन आरजी मेडकल कॉलेज एवं अस्पताल से ही पढ़ाई किए हैं। वहाँ पर उनकी बेटी भी पढ़ाई कर रही है। इस घटना के बाद प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का उन्होंने साथ दिया था। इसके बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कॉन्ग्रेस ने उन्हें तत्काल पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया था।

उन्होंने कहा था, “कॉलेज में एक रैकेट चलता है और अगर आप उसमें शामिल नहीं देते हैं तो आपको निशाना बनाया जाता है। अगर आप साथ देते हैं तो आप जो चाहें कर सकते हैं। मैं किसी विशेष प्रोफेसर का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन अगर आप उनकी नजर में अच्छे हैं तो आप परीक्षा में नकल भी कर सकते हैं। अगर आप निशाने पर हैं तो आप चाहे कितने भी अच्छे हों, आपकी डिग्री रद्द कर दी जाएगी।”

‘तुम हिन्दू कुछ ज्यादा ही कूद रहे हो, कट कर ही बाज आओगे’: सामान खरीदने गए 10 साल के बच्चे को दुकानदार दानिश की धमकी, बकी गंदी-गंदी गालियाँ

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नाबालिग हिन्दू लड़के को बाकी हिन्दुओं सहित काट देने की धमकी दी गई है। यह धमकी शहर में सिलाई-कढ़ाई का सामान बेचने वाले दुकानदार दानिश ने दी है। 10 साल का ये पीड़ित बच्चा मुस्लिम बहुल इलाके में पड़ने वाली दानिश की दुकान पर कुछ सामान लेने गया था। मामले की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना शुक्रवार (23 अगस्त 2024) की है। दानिश के अब्बा केस वापसी के लिए बार-बार पीड़ित के घर का चक्कर लगा रहे हैं।

यह मामला बिजनौर जिले के थानाक्षेत्र कोतवाली नगर का है। यहाँ शुक्रवार को पीड़िता बच्चे के पिता दीपक सैनी ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि 23 अगस्त को उनका बेटा पास की दुकान पर कुछ सामान लेने गया था। इस दुकान का मालिक दानिश है। दुकानदार दानिश ने पीड़ित से कहा, “तुम हिन्दू कुछ ज्यादा ही कूद रहे हो। कट कर ही बाज आओगे।” आरोप है कि इसी दौरान दानिश ने बच्चे को गंदी-गंदी गालियाँ भी दीं। पीड़ित डर कर वहाँ से लौट आया और घर वालों को सारी बात बताई।

पीड़ित बच्चे के पिता दीपक सैनी ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि वो मिश्रित आबादी वाले इलाके में रहते हैं। कुछ ही दूरी पर दानिश की भी दुकान है, जो मुस्लिम बहुल इलाके में है। वह सिलाई और कढ़ाई के तमाम आइटम बेचता है। घटना के दिन पीड़ित बच्चा दानिश के यहाँ चेन (जिप) खरीदने गया था। देरी होता देख कर पीड़ित ने दानिश से सामान जल्दी देने को कहा। इसी बात पर दानिश भड़क गया और उसने नाबालिग को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए सभी हिन्दुओं को काटने जैसी बातें की।

पीड़ित पिता ने तहरीर में जान का खतरा बताते हुए यह भी कहा है कि भविष्य में उनके बेटे के साथ किसी भी अनहोनी का जिम्मेदार दानिश ही होगा। फिलहाल मामले की शिकायत का पुलिस ने संज्ञान लेकर दानिश के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302, 351 (2) और 352 के तहत दर्ज की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। डिप्टी एसपी सिटी ने बताया है कि मामले में जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ऑपइंडिया को दीपक ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद दानिश के अब्बा उनके घर 4 बार समझौते का प्रस्ताव लेकर आ चुके हैं। हालाँकि पीड़ित के पिता ने हमें बताया कि वो किसी भी हाल में समझौते के लिए राजी नहीं हैं। उन्होंने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

‘बांग्लादेश बना देंगे’: 400+ मुस्लिमों ने हिंदू युवती के घर बोला धावा, इंस्टाग्राम पर मैसेज भेज रहे मुज्जमिल का किया था विरोध, सहमे हिंदुओं ने ‘मकान बिकाऊ है’ का लगाया बोर्ड

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मुजम्मिल नाम के मुस्लिम लड़के ने एक हिंदू लड़की को इंस्टाग्राम पर अश्लील मैसेज भेज-भेज कर जीना मुहाल कर दिया। इस बात की जब शिकायत की गई, तो 300-400 मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदू परिवारों पर हमला बोल दिया और जमकर मारपीट की।

मुस्लिमों ने ‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’ पैदा करने की धमकी दी। इसके बाद कई हिंदू परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊँ है’ के बोर्ड लगा दिए, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल प्रशासन मामले में जाँच की लिए लिखा है। इस मामले में पुलिस ने मुजम्मिल को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला बिजनौर जिले के चाँदपुर के सराय रफी मोहल्ले का है। एक हिंदू परिवार की बेटी को मोहम्मद मुजम्मिल नाम के युवक ने अश्लील सामग्री चैट पर भेजी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उसकी चैटिंग से परेशान होकर उनकी बेटी ने परिवार वालों से पूरे मामले की शिकायत की।

इस मामले में पीड़ित लड़की के चचेरे भाई ने जब मुजम्मिल के खिलाफ ऑडियो मैसेज भेजा, तो मुस्लिम पक्ष के लोगों ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। यही नहीं, करीब 300-400 की संख्या में मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदुओं पर धावा बोल दिया, जिसके बाद तनाव फैल गया।

इस झगड़े ने 19 अगस्त 2024 को बड़ा रूप ले लिया, जब मुस्लिमों ने हिंदुओं के घरों पर धावा बोला। इस हमले में कई हिंदू युवक घायल हो गए। मुस्लिमों ने की भीड़ ने महिलाओं के साथ भी मारपीट की है। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने “बांग्लादेश जैसी स्थिति” पैदा करने की धमकी दी। यह घटना तब सांप्रदायिक मुद्दे में बदल गई जब उसी मोहल्ले के करीब 20 परिवारों ने उत्पीड़न के खिलाफ विरोध किया और अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया।

बिजनौर के एसपी ग्रामीण राम अर्ज ने जानकारी देते हुए बताया कि चांदपुर के सराय रफी मोहल्ले में 19 अगस्त को एक समुदाय के लड़के एक लड़की के साथ अश्लील आपत्तिजनक चैटिंग की थी। जिससे आहत होकर लड़की के भाई ने आरोपी लड़के को मैसेज भेजा था। इस मैसेज में भी आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया गया। इस मैसेज पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। अब दूसरे पक्ष की ओर से भी गंभीर आरोपों के तहत शिकायत दी गई है।

पुलिस ने कहा कि हिंदू परिवारों ने विरोध में ‘मकान बिकाऊ है’ लिखा था जिसे माहौल शांत कराने के बाद हटवाया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है ताकी शांति और लॉ एंड ऑर्डर बना रहे।

नेशनल कॉन्फ्रेंस से गठजोड़ कर आरक्षण पर घिरे राहुल गाँधी, अमित शाह ने दागे 10 सवाल: पूछा- क्या जम्मू-कश्मीर के लिए अलग झंडे का समर्थन करती है कॉन्ग्रेस?

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही दिन के भीतर राहुल गाँधी ने कश्मीर का दौरा किया। उनके इस दौरे के साथ ही कॉन्ग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन की घोषणा की गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कॉन्ग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस से 10 सवाल पूछे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, “सत्ता के लालच में बार-बार देश की एकता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के साथ गठबंधन करके एक बार फिर अपने छिपे हुए इरादों को उजागर किया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र में किए गए वादों को देखते हुए कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी से मेरे 10 सवाल हैं।”

  1. क्या कॉन्ग्रेस नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू-कश्मीर के लिए अलग झंडे के वादे का समर्थन करती है?
  2. क्या राहुल गांधी और कॉन्ग्रेस पार्टी JKNC के अनुच्छेद 370 और 35A को बहाल करने और इस तरह जम्मू-कश्मीर को अशांति और आतंकवाद के युग में धकेलने के फैसले का समर्थन करते हैं?
  3. क्या कॉन्ग्रेस कश्मीर के युवाओं के बजाय पाकिस्तान के साथ बातचीत में शामिल होकर फिर से अलगाववाद को बढ़ावा देने का समर्थन करती है?
  4. क्या कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गांधी नेशनल कॉन्फ्रेंस के पाकिस्तान के साथ ‘एलओसी व्यापार’ शुरू करने के फैसले का समर्थन करते हैं, जिससे सीमा पार आतंकवाद और उसके पारिस्थितिकी तंत्र का पोषण होता है?
  5. क्या कॉन्ग्रेस आतंकवाद और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में बहाल करने का समर्थन करती है, जिससे आतंकवाद, उग्रवाद और हड़तालों का युग वापस आ जाएगा?
  6. गठबंधन ने कॉन्ग्रेस पार्टी के आरक्षण विरोधी रुख को उजागर कर दिया है। क्या कॉन्ग्रेस दलितों, गुज्जरों, बकरवालों और पहाड़ी समुदायों के लिए आरक्षण समाप्त करने के जेकेएनसी के वादे का समर्थन करती है, जिससे उनके साथ अन्याय होगा?
  7. क्या कॉन्ग्रेस चाहती है कि ‘शंकराचार्य हिल’ को ‘तख्त-ए-सुलेमान’ और ‘हरि हिल’ को ‘कोह-ए-मारन’ के नाम से जाना जाए?
  8. क्या कॉन्ग्रेस जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भ्रष्टाचार में धकेलने और इसे चुनिंदा पाकिस्तान समर्थित परिवारों को सौंपने की राजनीति का समर्थन करती है?
  9. क्या कॉन्ग्रेस पार्टी जम्मू और घाटी के बीच भेदभाव की जेकेएनसी की राजनीति का समर्थन करती है?
  10. क्या कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कश्मीर को स्वायत्तता देने की जेकेएनसी की विभाजनकारी राजनीति का समर्थन करते हैं?

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होंगे। नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएँगे। पहले चरण के लिए नामांकन 27 अगस्त, दूसरे चरण के लिए 5 सितंबर और तीसरे चरण के लिए 12 सितंबर से दाखिल किए जाएँगे। इस चुनाव में कश्मीरी प्रवासियों के लिए दिल्ली, जम्मू और उधमपुर में स्पेशल पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिनमें से 74 जनरल, 9 अनुसूचित जाति और 7 अनुसूचित जनजाति के लिए हैं। केंद्रशासित प्रदेश में मतदाताओं की संख्या कुल 87.09 लाख हैं जिसमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिला मतदाता हैं। जम्मू-कश्मीर में युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख है। पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

अब अंग्रेज जमाने के ‘काले लिबास’ में नहीं होंगे दीक्षांत समारोह, मोदी सरकार ने AIIMS सहित अन्य संस्थानों को ‘देसी परिधान’ के दिए निर्देश

देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विशेषकर मेडिकल कॉलेजों में होने वाले दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को काला गाउन और हैट पहनने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर सभी केंद्रीय अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे दीक्षांत समारोह में ब्रिटिश औपनिवेशिक चिह्न अपनाने के बजाय भारतीय पोशाक को अपनाएँ।

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि काले गाउन और हैट पहनना औपनिवेशिक काल की देन है। ये भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं। दीक्षांत समारोह में पहनी जाने वाली पोशाक उस राज्य की वेशभूषा और परंपराओं पर आधारित होनी चाहिए जहाँ संस्थान स्थित है। निर्देश में कहा गया कि अब इस औपनिवेशिक विरासत को बदलने की जरूरत है।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वर्तमान में मंत्रालय के विभिन्न संस्थानों द्वारा दीक्षांत समारोह के दौरान काले गाउन और टोपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस ड्रेस का चलन मध्य युग में यूरोप में शुरू हुआ था। बाद में यह ब्रिटिश के जरिए उपनिवेश वाले देशों में फैला। यह फैसला भारत की औपनिवेशिक विरासत से दूर जाने की दिशा में एक कदम है।

इस फैसले के साथ भारत के शिक्षण संस्थान अब अपनी संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित कर पाएँगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने संस्थान के दीक्षांत समारोह के लिए उपयुक्त भारतीय ड्रेस कोड तैयार करें। यह ड्रेस कोड राज्य की स्थानीय परंपराओं पर आधारित होना चाहिए।

बताते चलें कि कई सरकारी व निजी संस्थान अपने दीक्षांत समारोहों में पहले से ही पारंपरिक वस्त्रों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। आईआईटी हैदराबाद ने साल 2011 में ही ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा को खत्म कर दिया था। साल 2011 से वहाँ दीक्षांत समारोह में पारंपरिक पोशाक पहनी जाती है। 

भारत में इस्लामी शासन लाना चाहता था डॉक्टर इश्तियाक, राजस्थान से UP तक तैयार कर रखे थे आतंकी: रिपोर्ट में दावा- जिस जमीन घोटाले में गिरफ्तार हुए थे CM हेमंत सोरेन, उसी केस में जेल में बंद बबलू खान से भी हैं रिश्ते

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए, झारखंड एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट (AQIS) के जिस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, उसका मुखिया राँची के अस्पताल में काम करने वाला डॉक्टर इश्तियाक निकला है। वो आतंकियों को हमले की ट्रेनिंग भी दे रहा था, जिसमें से 6 आतंकी राजस्थान के भिवाड़ी में ट्रेनिंग करते पकड़े गए हैं। तो झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। एक आतंकवादी की गिरफ्तारी यूपी से की गई है। अब तक इस मॉड्यूल के 16 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट (AQIS) के आतंकी डॉ इश्तियाक के लिंक हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की वजह बनी जमीन घोटाले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में बबलू खान नाम के शख्स को समन किया है। ईडी अब यह जाँच कर रही है कि जमीन घोटाले से अर्जित राशि से कहीं आतंकी संगठन को फंडिंग तो नहीं हुई है।

चूँकि जमीन घोटाले में जेल में बंद अफसर खान और ताल्हा खान का बबलू खान रिश्तेदार है। वहीं, डॉ इश्तियाक बबलू खान के अस्पताल से जुड़ा रहा है। दोनों की पारिवारिक रिश्तेदारी भी है। इसके साथ ही अफसर अली और ताल्हा खान सेना जमीन घोटाला और हेमंत सोरेन से जुड़े जमीन घोटाले में चार्जशीटेड हैं। ऐसे में ईडी ने अपनी जाँच को आतंकवाद की फंडिंग की तरफ भी घुमा दिया है। अब बबलू खान से पूछताछ कर ईडी और अन्य एजेंसियाँ ये पता करेंगी कि कहीं जमीन घोटाले के पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए तो नहीं किया।

डॉ इश्तियाक ने की थी खिलाफत की तैयारी

अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेन्ट (AQIS) के इस मॉड्यूल का संचालन रांची निवासी डॉ. इश्तियाक कर रहा था और उसने इस मॉड्यूल का विस्तार राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक कर लिया था। डॉ. इश्तियाक रांची के प्रतिष्ठित मेडिका अस्पताल में सेवा दे रहा था। हालाँकि एटीएस की कार्रवाई के बाद 22 अगस्त को ही मेडिका के मैनेजमेंट ने डॉ. इश्तियाक अहमद को टर्मिनेट कर दिया।

राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी इस मॉड्यूल के आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों के पास से एके-47 सहित कई हथियारों की बरामदगी की भी सूचना है। झारखंड के आईजी ऑपरेशन अमोल होमकर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आठ लोगों से पूछताछ की जा रही है। डॉक्टर इश्तियाक देश में खिलाफत घोषित करने के साथ कई आतंकी हमलों की फिराक में था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट पर झारखंड एटीएस ने रांची के बरियातू जोड़ा तालाब के अल हसन रेसीडेंसी में दबिश देकर डॉक्टर इश्तियाक को गिरफ्तार किया, इसके बाद उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन की जाँच की। जाँच में कई संदिग्ध चीजें मिलने के बाद एटीएस उसे गुप्त ठिकाने पर ले गई, जहाँ पूछताछ कर यूपी, राजस्थान समेत अन्य शहरों में गतिविधि की जानकारी उससे जुटाई गई। डॉक्टर इश्तियाक को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया जा रहा है।

डॉ इश्तियाक अहमद अलकायदा इन इंडियन सब कॉटिनेंट के इस मॉडयूल को लीड कर रहा था। उसने राजस्थान के भिवंड़ी में भी छह संदिग्धों को ट्रेनिंग के लिए भेजा था। इन सभी की गिरफ्तारी भी राजस्थान पुलिस ने की है। मौके से पुलिस ने एके 47 राइफल, प्वाइंट 38 बोर की रिवाल्वर और छह जिंदा कारतूस , .32 बोर की 30 जिंदा कारतूस, एके 47 की 30 कारतूस, डमी इंसास, एयर राइफल, आयरन एल्बो पाइप, हैंड ग्रेनेड समेत अन्य चीजें जब्त की हैं। खास बात ये है कि राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किए गए 6 आतंकी भी झारखंड के ही निकले हैं।

डॉ इश्तियाक के बारे में जानिए

  • डॉ इश्तियाक पेशे से रेडियोलॉजिस्ट है, जिसने राँची के RIMS से मेडिकल की पढ़ाई की
  • मेडिका अस्पताल में 3 साल तक फुल टाइम कर चुका है काम
  • बीते 3 साल से पार्ट टाइम दे रहा था मेडिका अस्पताल में सेवा
  • हजारीबाग में भी क्लीनिक चलाता है इश्तियाक
  • भारत को इस्लामिक देश बनाने की कर रहा था कोशिश

झारखंड से इन आतंकियों की गिरफ्तारी

झारखंड एटीएस की टीम ने गुरुवार (22 अगस्त 2024) लोहरदगा में कुडू के हेंजला कौवाखाप गाँव अलताफ उर्फ इल्ताफ की तलाश में पहुँची थी। उसके घर से दो हथियार और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। इसके साथ ही राँची के चान्हों इलाके में एटीएस की टीम ने कई जगहों पर दबिश दी। एटीएस ने चान्हों के बलसोकरा के मोहम्मद मोदब्बीर, रिजवान, चटवल के मुफ़्ती रहमतुल्लाह मजहिरी और पिपराटोली के मतिउर रहमान को हिरासत में लिया है।

एटीएस की टीम ने एक साथ चान्हों के बलसोकरा, चटवल, पिपराटोली के अलावा पकरियो गाँव के एनामुल अंसारी, शहबाज अंसारी तथा शहबाज अंसारी के घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मोहम्मद मोदब्बिर, मोहम्मद रिजवान, मुफ़्ती व मतीउर रहमान को उनके घर से और मुफ्ती रहमतुल्लाह को एटीएस ने उसके मदरसा से हिरासत में लिया। इस दौरान पकरियो में छापेमारी में एनामुल अंसारी और शहबाज घर में नहीं मिले। परिजनों की ओर से बताया गया कि जेयारत अंसारी का बेटा शहबाज परीक्षा के लिए दिल्ली गया हुआ है, जबकि शहबाज और एनामुल अंसारी तबलीगी जमात में गए हुए हैं।

जेलेंस्की से मुलाकात के बाद PM मोदी ने दिया शांति का संदेश, रूस से युद्ध में घायलों को दिया BHISHM उपचार: भारत-यूक्रेन के बीच चार समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (23 अगस्त 2024) को युद्धग्रस्त यूक्रेन पहुँचे और राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के मुलाकात की। इस दौरान चार समझौते पर हस्ताक्षर हुए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है। जेलेंस्की से करीब तीन घंटे की मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले पीएम हैं, जिन्होंने यूक्रेन की यात्रा की है।

जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने रूस के साथ यूक्रेन की लगभग ढाई वर्षों से जारी जंग को रोकने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं ग्लोबल साउथ और करीब 120 देशों की ओर से भी शांति का संदेश लेकर आया हूँ। शांति के हर प्रयास में भारत का सक्रिय योगदान रहा है। हमारा स्पष्ट मानना है कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हमारे लिए सर्वोपरी है। हम उसका समर्थन करते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिला था तो मीडिया के सामने आँख से आँख मिलाकर मैंने उनको कहा था कि ये युद्ध का समय नहीं है। पिछले दिनों मैं रूस गया था। वहाँ भी मैंने अपनी बात साफ-साफ शब्दों में कही है कि किसी भी समस्या का समाधान रणभूमि में कभी नहीं होता है। समाधान… रास्ता बातचीत से ही निकलता है। डायलॉग से निकलता है… डिप्लोमेसी से निकलता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “हमें बिना समय गँवाए उस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। दोनों पक्षों को सामने बैठकर इस संकट से निकलने के लिए रास्ते तलाशने होंगे। शांति के हर प्रयास में भारत अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। व्यक्तिगत रूप से मैं भी इसमें कोई योगदान दे सकता हूँ तो मैं एक मित्र के रूप में ये जरूर करना चाहूँगा।”

प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी के शांति के संदेशों की बात करते हुए कहा, “हम जंग पर कभी भी तटस्थ नहीं रहे हैं। हम पहले दिन से शांति के पक्ष में रहे हैं। हम बुद्ध की धरती से आए हैं, जहाँ युद्ध का कोई स्थान नहीं है। हम महात्मा गाँधी की धरती से आते हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है।”

पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा से दुनिया भर देशों को उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच अब शांति आएगी, क्योंकि दोनों के साथ भारत के करीबी संबंध हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनी गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी का यूक्रेन दौरा शांति लाने में मददगार साबित होगा। यह यात्रा अपना असर दिखाएगी।

भारत और यूक्रेन के बीच कृषि, चिकित्सा, संस्कृति और मानवीय सहायता में सहयोग के लिए कुल चार समझौते हुए हैं। इससे पहले ही पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल चुकी थी। यह समझौता कृषि और खाद्य उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का प्रावधान करता है। इसके अलावा, दोनों देशों पर कई अन्य मुद्दों पर बातचीत हुई।

इस दौरान PM मोदी ने जंग के बीच यूक्रेन की मानवीय सहायता के लिए जेलेंस्की को BHISHM मेडिकल क्यूब दिए। यह कॉम्पैक्ट किट जंग में घायल लोगों और सैनिकों के इलाज में मदद करेगी। भारत और यूक्रेन के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को दोबारा बनाने के लिए इंटर गवर्नमेंटल टास्क टीम बनाई गई है। इसमें भारत और यूक्रेन के विदेश मंत्री शामिल हैं और जयशंकर ही इसके चेयरपर्सन होंगे। 

BHISHM Cube एक पोर्टेबल मोबाइल अस्पताल की तरह है, जिसे आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट के लिए डिजाइन किया गया है। इसे ‘प्रोजेक्ट BHISHM’ यानी भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित, एंड मैत्री के तहत विकसित किया गया है। यह परियोजना फरवरी 2022 में घोषित की गई थी।

बता दें कि साल 1991 में सोवियत संघ का विघटन हुआ था। इसके कारण कई देश बने थे, जिनमें से एक यूक्रेन भी है। यूक्रेन की स्थापना से लेकर आज तक कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री वहाँ नहीं गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने यूक्रेन की यात्रा की है। वहाँ जाकर उन्होंने शांति का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए भारतीय समुदाय के लोग कीव में मौजूद रहे। भारतीयों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुलाकात की। इसके साथ भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया। वहाँ ‘जय श्रीराम‘ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे।सुरक्षा को देखते हुए पीएम मोदी का दौरा काफी सीक्रेट रखा गया है।