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भारत और अमेरिका के बीच सबमरीन रोधी एवं उपकरण के लिए ₹443 करोड़ का सौदा: बायडेन सरकार बोली- हमारे साझेदार और प्रशांत क्षेत्र की शक्ति के लिए जरूरी

अमेरिका ने भारत को एंटी सबमरीन हथियार जिसे एंटी सबमरीन वारफेयर Sonobuoys देने की मंजूरी दे दी है। यह रक्षा सौदा लगभग 52.8 मिलियन डॉलर (443 करोड़ रुपए) का है। फिलहाल भारतीय नौसेना में बहु-मिशन एमएच-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों के लिए यह पनडुब्बीरोधी युद्ध (ASW) और उससे संबंधित उपकरणों को बेचने की मंजूरी दी गई है। इससे भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ जाएगी।

यह रक्षा सौदा उस समय हुआ है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चार दिन पर अमेरिका में हैं। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि आज (यानी शनिवार) को कॉन्ग्रेस को इस संभावित बिक्री के बारे में सूचित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी अमेरिका के रक्षा विभाग के अंतर्गत एक एजेंसी है।

एजेंसी ने कहा कि एंटी सबमरीन वारफेयर सोनोब्वॉयज भारत को बेचने के लिए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संभावित विदेशी सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी है। भारत सरकार ने अमेरिका से AN/SSQ-53G हाई एल्टीट्यूड एंटी सबमरीन वारफेयर (HAASW) सोनोब्वॉयज, AN/SSQ-62F HAASW सोनोब्वॉयज, AN/SSQ-36 सोनोब्वॉयज, टेक्निकल और पब्लिकेशंस एवं डाटा डॉक्यूमेंटशन, कॉन्ट्रैक्टर इंजीनियरिंग, टेक्निकल सपोर्ट, लॉजिस्टिक, सर्विस एवं सपोर्ट की खरीद करने का अनुरोध किया था।

बिडेन प्रशासन की अधिसूचना में कहा गया कि प्रस्तावित बिक्री द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और एक प्रमुख रक्षा साझेदार भारत की सुरक्षा में सुधार करने में मदद करके वॉशिंगटन की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगी, जो ‘भारत-प्रशांत और दक्षिण एशियाई क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति’ बना हुआ है।

अमेरिका यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (23 अगस्त) को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात की थी। राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, “मेरे प्रिय मित्र अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ शानदार बैठक हुई। हमने मौजूदा रक्षा सहयोग गतिविधियों की समीक्षा की तथा इसे प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।”

उन्होंने आगे कहा था, “आपूर्ति सुरक्षा व्यवस्था पर हस्ताक्षर तथा प्रमुख अमेरिकी कमान में भारतीय अधिकारियों की तैनाती के लिए समझौता ऐतिहासिक घटनाक्रम हैं।” दरअसल, राजनाथ सिंह दोनों देशों के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार (22 अगस्त) को अमेरिका पहुँचे। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत की।

तेलंगाना में कॉन्ग्रेस सरकार ने गिराया सुपरस्टार नागार्जुन का कन्वेंशन हॉल, झील पर अतिक्रमण को बताया जिम्मेदार: एक्टर बोले – ‘कार्रवाई अवैध, ये पट्टे की जमीन’

तेलुगु फिल्मों के सुपरस्टार और नॉर्थ इंडिया में भी अच्छी खासी फैन-फॉलोइंग वाले नागार्जुन को तेलंगाना की कॉन्ग्रेस सरकार ने बड़ा झटका दिया है। तेलंगाना में हैदराबाद आपदा प्रबंधन एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) ने नागार्जुन के कन्वेंशन हॉल पर बुलडोजर चला दिया है। हाइड्रा और पुलिस के इस जॉइंट एक्शन में कन्वेंशन हॉल को ध्वस्त कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, यह हॉल रंगारेड्डी जिले के शिल्परामम के पास बनाया गया था। बताया जा रहा है कि 10 एकड़ में फैले इस कन्वेंशन सेंटर ने तम्मिडीकुंटा झील पर अतिक्रमण कर रखा था। जाँच में पाया गया कि केंद्र का 1.12 एकड़ क्षेत्र झील के फुल टैंक लेवल के भीतर था, जबकि 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र झील के बफर जोन में आता है।

नागार्जुन ने कार्रवाई को बताया अवैध

नागार्जुन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कार्रवाई को अवैध और गलत बताया है। नागार्जुन ने कहा कि वो इस कार्रवाई से दुखी हैं। उन्होंने लिखा, “एन कन्वेंशन के संबंध में किए गए अवैध तरीके से किए गए विध्वंस से दुखी हूँ, जो मौजूदा स्टे-ऑर्डर और जारी न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ है। मैंने अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए कुछ तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने और यह इंगित करने के लिए यह बयान जारी करना उचित समझा कि हमने कानून का उल्लंघन करते हुए कोई भी कार्य नहीं किया है। भूमि एक पट्टा भूमि है, और एक इंच भी टैंक योजना का अतिक्रमण नहीं किया गया है। निजी भूमि के अंदर निर्मित भवन के संबंध में किसी भी बिना पूर्व नोटिस के अवैध विध्वंस के खिलाफ स्टे-ऑर्डर दिया गया है। आज स्पष्ट रूप से गलत सूचना के आधार पर गलत तरीके से विध्वंस किया गया था।”

उन्होंने कहा, “आज सुबह विध्वंस करने से पहले कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था। एक कानून का पालन करने वाले नागरिक के रूप में यदि न्यायालय, जिसके समक्ष मामला लंबित है, ने मेरे खिलाफ फैसला दिया होता, तो मैं खुद ही निर्माण को तोड़ देता। मैं हमारे द्वारा गलत निर्माण या अतिक्रमण के बारे में किसी भी सार्वजनिक रूप से फैलाई गई गलत बातों को खंडित करने के उद्देश्य से ये बातें रिकॉर्ड पर रख रहा हूँ। हम अधिकारियों द्वारा की गई गलत कार्रवाइयों के संबंध में न्यायालय से उचित राहत की माँग करेंगे।”

जानकारी के मुताबिक, इन कन्वेंशन हॉल को बड़े कार्यक्रमों, महंगी शादियों में इस्तेमाल किया जाता था। इस कन्वेंशन हॉल का निर्माण सरकार से मिली पट्टे की भूमि पर कराया गया था, जिसके मालिक नागार्जुन हैं। इस हॉल का लगभग एक तिहाई हिस्सा तोड़ दिया गया है।

‘मेरी बुआ के बेटे से करो दोस्ती, फिर चलो केरल-देवबंद’: सरकारी नौकरी कर रही हिन्दू लड़की को अपहरण-हत्या की धमकी दे रही मुस्लिम सहेली, भेजती है लड़कों की तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में ‘द केरल स्टोरी’ जैसा ही एक मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू लड़की की माँ ने आरोप लगाया है कि एक मुस्लिम महिला उनकी बेटी को इस्लाम कबूल करवाने का प्रयास कर रही है। आरोपित महिला का नाम आरजू सलमानी है। हिन्दू लड़की सरकारी नौकरी करती है जिसे आरजू अपने साथ देवबंद, कश्मीर और केरल ले जाने का दबाव बना रही है। मना करने पर पीड़िता को अपहरण और हत्या जैसी धमकियाँ दी जा रहीं है। आरजू पीड़िता से कई बार पैसे भी ऐंठ चुकी है।

पुलिस ने इस मामले में बुधवार (21 अगस्त, 2024) को FIR दर्ज कर ली है। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता की माँ ने बताया कि उनकी बेटी को नमाज़ पढ़ने तक के लिए उकसाया गया था।

यह मामला मेरठ के थाना क्षेत्र मवाना का है। यहाँ एक हिन्दू परिवार की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में महिला ने बताया है कि उनकी बेटी सरकारी नौकरी करती है। डिग्री कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पीड़िता की मुलाकात आरजू सलमानी नाम की एक मुस्लिम लड़की से हुई। कुछ ही समय बाद आरजू का पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हो गया। हालाँकि पीड़िता व उनके घर वालों को यह आना-जाना पसंद नहीं था। कुछ ही दिनों बाद आरजू पीड़िता पर अपनी बुआ के लड़के से दोस्ती का दबाव बनाने लगी। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

इसी बीच आरजू ने कई बार अलग-अलग बहानों से पीड़िता के घर वालों से कई हजार रुपए भी ऐंठ लिए। आरोप है कि आरजू आए दिन पीड़िता को देवबंद, कश्मीर और केरल जैसी जगहों पर अपनी बुआ के बेटे के साथ जाने की जिद करने लगी। इसके अलावा पीड़िता के मोबाइल पर अलग-अलग लड़कों की तस्वीरें भी भेजी जाने लगीं। जब पीड़िता ने इंकार किया तो उसको अपहरण और कत्ल करने जैसी धमकियाँ दी जाने लगीं। जब पीड़िता की माँ ने आरजू को समझाना चाहा तो उनको भी धमकी दी गई कि पूरे मवाना में उनकी बेटी का जुलूस निकाला जाएगा।

शिकायत की कॉपी में पीड़िता की माँ ने आरजू को ब्लैकमेलर और गलत किस्म की महिला बताया है। दावा किया गया है कि आरजू का उनके शौहर से तलाक हो चुका है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता की माँ ने आरजू द्वारा भेजे गए तमाम संदेशों के स्क्रीनशॉट लगाए हैं और अरोपिता पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस केस में आरजू सलमानी को नामजद किया गया है। आरजू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 316 (2), 351 (2) और 351 (3) के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

ईश्वर का धन्यवाद है कि मेरी बेटी बच गई

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता की माँ से बात की। हमसे बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर का धन्यवाद है कि आरजू सलमान की तमाम साजिशों के बावजूद उनकी बेटी बाल-बाल बच गई। पीड़िता की माँ को आशंका है कि आरजू सलमानी ने कई अन्य हिन्दू लड़कियों को अपना शिकार बनाया होगा जिसकी गहराई से जाँच होनी चाहिए। पीड़िता का परिवार अपनी सुरक्षा को ले कर चिंतित है। हमें यह भी बताया गया कि आरजू पीड़िता को नमाज़ पढ़ने और बुर्का पहनने का भी दबाव दिया करती थी।

फिलहाल आरजू को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

अल्ताफ ने हिंदू लड़की को इंस्टाग्राम से फँसाया, नशीला पदार्थ देकर बेहोशी में किया रेप: पुलिस ने दोस्त जुबैरा संग दबोचा, 2 की तलाश

कर्नाटक के उडुप्पी जिले में 21 वर्षीया एक हिन्दू महिला का अपहरण करके उसका रेप करने का मामला सामने आया है। रेप का आरोप अल्ताफ और उसके साथियों पर लगा है। अपहरण से पहले पीड़िता को बेहोश किया गया था। शुक्रवार (23 अगस्त 2024) को पुलिस ने अल्ताफ और उसके साथी जुबैरा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 2 आरोपित फरार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना उडुप्पी के कर्कला कस्बे की है। लगभग 3 महीने पहले हिंदू पीड़िता की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए अल्ताफ से हुई थी। कुछ दिनों की बातचीत के बाद दोनों ने एक-दूसरे को अपना नंबर शेयर किया था। इस बीच एक दिन अल्ताफ ने पीड़िता को विश्वास में लेकर मिलने के लिए बुलवाया।

अल्ताफ अपने 3 दोस्तों को साथ पीड़िता से मिलने के लिए पहुँचा था। तीनों ने पीड़िता को गाड़ी में बैठाया और उसे पीने के लिए नशीला पेय दे दिया। नशीला पेय पीते ही पीड़िता बेसुध हो गई थी। दरअसल, जुबैरा ही कोल्डड्रिंक और बीयर लाया था। अल्ताफ ने बेहोशी की हालत में भी पीड़िता से बलात्कार किया।

शिकायत के मुताबिक, रेप के बाद इन आरोपितों ने पीड़िता को उसके घर के पास सड़क के किनारे बेसुध हालत में फेंक दिया। स्थानीय लोगों ने पीड़िता को अस्पताल पहुँचाया। कुछ ही देर में इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को हुई तो वो हंगामा करने लगे। शुक्रवार को पुलिस ने FIR दर्ज कर के अल्ताफ और जुबैरा को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना में शामिल अल्ताफ के 2 अन्य साथियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अल्ताफ के उस वाहन सहित एक अन्य गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। इसी गाड़ी से पीड़िता का अपहरण किया गया था। मीडिया से बात करते हुए उडुपी के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

जिस फिल्म में मलयालम सुपरस्टार ममूटी का ट्रिपल रोल, उसके डायरेक्टर ने की बंगाली अभिनेत्री के यौन शोषण की कोशिश: रिपोर्ट में केरल की फ़िल्मी दुनिया के काले कारनामे

प्रसिद्ध मलयालम फिल्म निर्देशक और केरल सरकार के केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष रंजीत पर 2009 में बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने दुर्व्यवहार और यौन शोषण की कोशिश का आरोप लगाया है। शुक्रवार (23 अगस्त 2024) को चित्रलेखा ने 2009 में रंजीत की फिल्म ‘ पलेरी माणिक्यम: ओरु पथिरकोलापथाकाथिन्ते कथा’ की शूटिंग के समय हुई घटना को उजागर किया और बताया कि कैसे रंजीत ने उनका शोषण करने की कोशिश की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलेखा ने कहा कि वो उस घटना के बाद बेहद डर गई थी और किसी तरह होटल में रात बिताकर वो दूसरे दिन वहाँ से सुरक्षित निकल गई। उनके ये आरोप हेमा समिति की रिपोर्ट के जारी होने के बाद सामने आए हैं, जिसमें मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर यौन शोषण की घटनाओं को उजागर किया गया है।

रंजीत के साथ अपार्टमेंट में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए श्रीलेखा ने कहा, “वह (रंजीत) फोन पर बात कर रहे थे। वहाँ बहुत सारे लोग थे। वह उस सिनेमैटोग्राफर से फोन पर बात कर रहे थे, जिसके साथ मैंने काम किया था। मुझसे पूछा कि क्या मैं उनसे (सिनेमैटोग्राफर से) बात करना चाहती हूँ, उन्होंने (रंजीत) मुझे दूसरे कमरे में बुलाया।” इसके बाद वो दूसरे कमरे में आ गया और वो उसके पीछे-पीछे वहाँ पहुँची।

श्रीलेखा ने आगे बताया, “बेडरूम में अंधेरा था और एक बालकनी थी। जब मैंने सिनेमेटोग्राफर से फोन पर बात की, तो वह (रंजीत) मेरे बगल में खड़ा था। वह मेरी चूड़ियों से खेल रहा था और मुझे छू रहा था। हम महिलाओं में छठी इंद्री होती है। मुझे असहज महसूस हुआ, लेकिन मैंने सोचा कि वो शायद मेरी चूड़ियाँ देखना चाहता है। मैं कुछ नहीं बोली। उसने देखा कि मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही, तो उसने मेरी गर्दन और बालों के साथ खेलने की कोशिश की। मैंने तुरंत वहाँ से निकलना ठीक समझा।” उन्होंने कहा, “यह चौंकाने वाला नहीं था, लेकिन मैं जानती हूँ कि फ़िल्म उद्योग किस तरह से काम करता है। अच्छे और बुरे लोग होते हैं।”

श्रीलेखा मित्रा के आरोपों पर रंजीत ने कहा कि श्रीलेखा ऑडिशन के लिए आई थीं। रंजीत ने आगे कहा, “फिल्म निर्माता शंकर रामकृष्णन और अन्य लोग फ्लैट पर मौजूद थे। ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उनका ऑडिशन सही नहीं था और उन्हें इस बारे में बता दिया गया था कि हम उन्हें काम नहीं दे रहे हैं। इस समय ऐसे मामलों को उठाने के पीछे कोई एजेंडा है। अगर वो कानूनी कार्रवाई करती हैं, तो उसका कानूनी तौर पर जवाब दिया जाएगा।”

बता दें कि जिस फिल्म के बारे में श्रीलेखा ने बताया है, उस फिल्म में मलयालम सुपरस्टार ममूटी ट्रिपल रोल में थे और उस फिल्म में कई बड़े अवॉर्ड भी मिले थे। श्रीलेखा ने कहा है कि उन्होंने इस घटना के बारे में एक डॉक्यूमेंट्री डायरेक्टर को भी बताया था, लेकिन किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया। यही नहीं, उन्होंने कहा है कि अगर केरल में कोई उनकी सहायता करेगा, तो वो केस भी दर्ज कराएँगी।

इस बीच, विपक्ष ने केरल चलचित्र अकादमी से रंजीत के इस्तीफे की माँग की है। वहीं, केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने शनिवार (24 अगस्त 2024) को ये कहते हुए रंजीत का बचाव किया है कि “आरोपों के आधार पर” कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। साजी चेरियन ने कहा, “हम महिलाओं के हितों के लिए हैं। किसी भी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत होनी चाहिए। यह पार्टी ( भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी -मार्क्सवादी) पर निर्भर है कि वह इस बारे में निर्णय ले कि रंजीत को अकादमी के अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए या नहीं। रंजीत ने आरोपों का जवाब दिया है। वह देश के सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्माताओं में से एक हैं।”

‘मशहूर एक्टर अपनी कार से कॉलेज की लड़कियों को लेने आता था’

इस बीच, फाइनेंसियल एक्सपर्ट और शिक्षिका मैरी जॉर्ज ने एक बड़े मलयालम अभिनेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उन पर 1980 के दशक में तिरुवनंतपुरम महिला कॉलेज की युवतियों को फिल्म भूमिकाओं का वादा करके बहलाने का आरोप लगाया है। मातृभूमि को दिए इंटरव्यू में मैरी जॉर्ज ने खुलासा किया कि उस एक्टर के सरकार के साथ महत्वपूर्ण संबंध थे। वो अक्सर अपनी महंगी कार में कॉलेज आता था और लड़कियों को अपने साथ ले जाता था।

मैरी जॉर्ज ने कहा, “रोजाना एक महंगी कार में आता था और कॉलेज के गेट के बाहर इंतजार करता था, जहाँ कुछ लड़कियाँ फिर उस गाड़ी में बैठ जाती थीं। शिक्षकों को छात्रों के माध्यम से इस व्यवहार के बारे में पता चला और उन्होंने स्थिति पर बारीकी से नज़र रखना शुरू कर दिया। एक बार जब शिक्षकों को घटना की सच्चाई का पता चला, तो उन्होंने प्रिंसिपल को इसकी सूचना दी। प्रिंसिपल ने अभिनेता की हरकतों को देखा और पहचाना कि कौन सी लड़कियाँ इसमें शामिल थीं, लेकिन इसके बावजूद, वह हस्तक्षेप करने में असमर्थ महसूस कर रही थीं। जब वो मामले को नहीं संभाल पाईं, तो उन्होंने बाकी शिक्षकों को भी चुप रहने की सलाह दी।”

मैरी जॉर्ज ने यह भी कहा कि जिस अभिनेता के बारे में वो बात कर रही हैं, वो आज भी फिल्मी दुनिया में सक्रिय है और बड़ा नाम रखता है। मैरी जॉर्ज ने ये खुलासे हेमा रिपोर्ट के सामने आने के बाद किए हैं, जिसमें मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के यौन शोषण के बारे में जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट को केरल सरकार ने करीब साढ़े 4 साल तक दबाए रखा और जारी करने के समय इस रिपोर्ट के कई अहम हिस्से भी गायब हैं।

बांग्लादेश में हिन्दुओं से माँगी जा रही रंगदारी, लड़कियाँ भी माँग रहे BNP-जमात वाले: ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा, कह रहे पीड़ित – अब भारत का ही सहारा

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा अब भी जारी है। एक व्यक्ति ने बताया कि 15 अगस्त के दिन 10-12 बाइक सवार चाकू, हथौड़ा और दराँती जैसे हथियार लेकर उसके घर पर पहुँचे और जब उन्हें पता चला कि वो घर पर नहीं हैं तो चले गए, फिर दोबारा भी वो लोग आए। बाद में फोन कर के धमकी देने लगे। उक्त शख्स को एक रिश्तेदार के यहाँ छिपना पड़ा था। जसोर के इस हिन्दू शख्स ने अपना पहचान उजागर करने की अपील की, क्योंकि वहाँ भय का माहौल है।

‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी एक एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में बांग्लादेश में हिन्दुओं की पीड़ा के विषय में बताया है। ये पीड़ित हिन्दू भारत से वीजा की माँग कर रहे हैं, ये बिना वीजा के भी सीमा पार करने को तैयार हैं। 17 करोड़ जनसंख्या वाले बांग्लादेश में 1.35 करोड़ हिन्दू हैं। गोपालगंज (26%), मौलवी बाजार (24%), ठाकुरगाँव (22%) और जसोर (20%) में सबसे अधिक हिन्दू हैं। जसोर जमात-ए-इस्लामी और ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ (BNP) का भी गढ़ है।

वहाँ एक आश्रम में मत्यपालन के पेशे से जुड़े 2 हिन्दुओं ने पत्रकार वैभव पलनीटकर को बताया कि उनसे 2-3 लाख रुपए की माँग की जा रही है, वरना बेटे के अपहरण की धमकी दी जा रही है। कॉल पर गालियाँ भी दी जा रही हैं। गाँव से फोन कर के कहा गया कि पैसे देकर सुलह कर लो तो छोड़ दिया जाएगा। जमात-ए-इस्लामी से जुड़े एक लड़के को इन्होंने 15,000 रुपए भी दिए। इन्होंने कहा कि बांग्लादेश में इनका कोई भविष्य नहीं है, वो अपनी सारी जमीन-जायदाद छोड़ कर भारत में बसना चाहते हैं।

वहाँ उनका कामकाज भी बंद हो गया है। वहीं मत्यपालन से जुड़ी कंपनी में काम करने वाले एक हिन्दू शख्स ने बताया कि कंपनी का मालिक की धमकियों के कारण छिपा हुआ है। अब इनसे कहा जा रहा है कि अपने मालिक से पैसा निकलवाओ, वरना अब तुम्हारी गाय ले जाएँगे। धमकी देने वाले इनके जान-पहचान के ही लोग हैं, वो BNP से जुड़े हुए हैं। वो सोना, पैसों और लड़कियों की माँग कर रहे हैं। पीड़ित हिन्दू ने बताया कि बहुत सी लड़कियों की इज्जत लूटी गई है लेकिन वो बता नहीं पा रही हैं।

इस व्यक्ति ने भी BNP वालों को पैसे दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार पर हमें कोई भरोसा नहीं है, बांग्लादेश में हिन्दुओं को अब नौकरी भी मिलने से रही। सरकार के लोग ही परेशान कर रहे हैं, फौज और पुलिस का कोई अता-पता नहीं है। एक प्राथमिक शिक्षक पर भी हमला हुआ है। उन्हें पलायन करना पड़ा। गाँव के मंदिर की सुरक्षा करनी पड़ रही है। थानाधिकारी भी पीड़ित हिन्दुओं से मुलाकात के लिए राज़ी नहीं हो रहे। कई थाने फ़ौज की मदद से चल रहे हैं।

एक अन्य छात्र ने बताया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के घरों को चिह्नित कर लिया गया है और रंगदारी माँगी जा रही है। उक्त छात्र के माता-पिता बुजुर्ग हैं और चटगाँव में रहते हैं। महाराष्ट्र के कॉलेज से इंजीनियरिंग कर ढाका में कार्यरत उक्त हिन्दू छात्र के परिवार से बांग्लादेश छोड़ने के लिए ही कहा गया है। 5 लाख टका की माँग करने वाले ने खुद को फोन पर एक इस्लामी समूह का सदस्य बताया। अन्य हिन्दुओं को भी ऐसे फोन कॉल्स आ रहे हैं।

POCSO में जेल की सजा काटकर लौटे PT टीचर को स्कूल ने फिर रखा, बच्ची के साथ फिर की रेप की कोशिश: प्रिंसिपल और ट्रस्टी सहित 7 गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पुणे जिले के औद्योगिक शहर पिंपरी चिंचवड़ में 12 साल की नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। जिस शिक्षक ने स्कूल की लड़की के साथ इस घटना को अंजाम दिया है, वह यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका है। हालाँकि, रिहा होने के बाद स्कूल ने उसे फिर रख लिया था। अब पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना का मुख्य आरोपित PT शिक्षक है। वहीं, अन्य गिरफ्तार लोगों में स्कूल का प्रिंसिपल, स्कूल का ट्रस्टी, पीटी शिक्षक और चार अन्य लोग शामिल हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि इन आरोपितों को शुक्रवार (23 अगस्त 2024) को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी एक प्राइवेट स्कूल से जुड़े हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित पीटी टीचर स्कूल की एक छात्रा का पिछले दो सालों से उत्पीड़न कर रहा है। पुलिस ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब पीटी शिक्षक पर इस तरह के आरोप लगे हैं। उस पर पहले भी छेड़छाड़ और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया था और वह जेल भी जा चुका है।”

अधिकारी का आगे कहना है, “उस मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने पीटी टीचर को फिर से अपने स्कूल में रख लिया। इसके कारण स्कूल के प्रिंसिपल और ट्रस्टी सहित कुल सात स्टाफ सदस्यों को मामले में लापरवाही और मिलीभगत के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है।”

पुलिस अधिकारी का कहना है कि पीटी टीचर छात्रा को ना सिर्फ गलत नियत से छूता था, बल्कि उन्हें धमकाता भी था। पुलिस ने कहा, “आरोपित ने शारीरिक शिक्षा कक्षाओं के दौरान लड़की को कथित तौर पर अनुचित तरीके से छुआ और महिला शौचालय के बाहर उसका इंतजार करता था। उसने कई मौकों पर उसे धमकाया भी।”

पीड़िता ने पीटी टीचर की हरकतों के बारे में अपने परिजनों को बताया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने इस मामले की औपचारिक शिकायत पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस आयुक्तालय में की। निगडी पुलिस स्टेशन में पॉक्सो अधिनियम और बीएनएस की धारा 74, 78, 79, 351(2) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

निगडी पुलिस ने जिन लोगों को पकड़े गए हैं, उनमें निवृत्ति कालभोर कीर्ति विद्यालय नाम के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल अशोक जाधव, ट्रस्टी चेयरमैन रोहिदास जाधव, लक्ष्मण हेंड्रे, अरविंद निकम, गोरख जाधव, हनुमंत निकम और विद्यालय की एक महिला सदस्य को गिरफ्तार किया है।

बताते चलें कि महाराष्ट्र के बदलापुर में एक स्कूल में भी दो बच्चियों से रेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप स्कूल के सफाई कर्मचारी अक्षय शिंदे पर है। यह घटना 12 और 13 अगस्त की बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद ठाणे सहित पूरे राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हुए और आरोपित को कड़ी सजा देने की माँग की।

इस मामले में जाँच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों बच्चियों का हाइमन टूटा हुआ था। बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों में दोनों बच्चियों के साथ सफाई कर्मी अक्षय शिंदे ने कई बार यौन उत्पीड़न किया था।

रूस की जेल पर ISIS आतंकियों ने किया कब्जा, स्नाइपर्स ने मार गिराया : 4 वॉर्डन समेत 8 की मौत

रूस की एक जेल में कैद इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के 4 कैदियों ने हमलावर रुख अपनाते हुए कुछ कैदियों को बंधक बना लिया, तो जेल के एक हिस्से पर नियंत्रण कर लिया। आईएसआईएस के आतंकियों के इस हमले के दौरान जेल की सुरक्षा में लगे 4 वॉर्डन की जान चली गई, तो रूस के हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटी फोर्स के स्नाइपर्स ने चारों आईएस आतंकियों को भी जहन्नुम पहुँचा दिया।

राज्य समाचार एजेंसी आरआईए ने नेशनल गार्ड के हवाले से कहा, “वोल्गोग्राद क्षेत्र में रूसी नेशनल गार्ड के विशेष बलों के निशानेबाजों ने चार सटीक शॉट्स के साथ चार कैदियों को मार गिराया, जिन्होंने जेल कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। बंधकों को रिहा कर दिया गया है।”

यह घटना दक्षिणी वोल्गोग्राद क्षेत्र के सुरोविकिनो शहर में स्थित IK-19 जेल में हुई। इसे “कठोर शासन” वाला जेल घोषित किया गया है, जिसमें 1,241 पुरुष कैदियों को रखने की क्षमता है। चारों आईएस आतंकियों की पहचान उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के नागरिकों के रूप में की गई। इनकी पहचान रामजीदीन तोशेव (28), रुस्तमचोन नवरुजी (23), नाजिरचोन तोशोव (28) और तेमुर खुसिनोव (29) के रूप में हुई। 

हाल के महीनों में यह दूसरी ऐसी घटना है, इससे पहले जून में रोस्तोव क्षेत्र की एक जेल में भी इसी तरह की बंधक बनाने की घटना हुई थी, जहाँ आईएसआईएस से जुड़े कैदियों ने ऐसी ही कार्रवाई की थी। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने 5 आतंकियों को मार गिराया था, तो 1 को गिरफ्तार कर लिया था।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उन्हें “स्थिति” के बारे में जानकारी दे दी गई है और वे इस पर चर्चा करने के लिए अपने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई बोचारोव ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर एक बयान में कहा, “अपराधियों का सफाया कर दिया गया है, दुर्भाग्य से इस घटना में जेल की सुरक्षा से जुड़े 4 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हुई है।” उन्होंने कहा कि इस हमले से आम नागरिकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।

अलीगढ़ में दलित बच्ची को झाड़ियों में ले जाकर रेप की कोशिश, मुरादाबाद में 7 साल के बच्चे के साथ कुकर्म: शकील गिरफ्तार, अताउर के बेटे पर FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के 2 अलग-अलग जिलों ने नाबालिग बच्चों और बच्चियों के यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। अलीगढ़ जिले में दलित समुदाय की 6 वर्षीया बच्ची से रेप की कोशिश करने के आरोप में शकील को 45 साल के शकील को गिरफ्तार किया गया है। वहीं मुरादाबाद जिले में 7 वर्षीय नाबालिग बच्चे के साथ कुकर्म के आरोप में अताउर रहमान के बेटे मुझीपर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है।

अलीगढ़ में जाटव समाज की बच्ची का यौन शोषण

पहला मामला अलीगढ़ जिले के थाना क्षेत्र कोतवाली नगर का है। यहाँ 21 अगस्त (बुधवार) को जाटव समुदाय के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि बुधवार को उनकी 6 वर्षीया बेटी घर के बाहर खेलते हुए अचानक गायब हो गई। परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो काफी दूर झाड़ियों में उन्हें शकील उर्फ़ चेटा बच्ची के साथ दिखाई दिया। आरोप है कि शकील नाबालिग बच्ची के कपड़े उतारते हुए अश्लील हरकतें कर रहा था। जब पीड़िता के परिजन वहाँ पहुँचे तो शकील उनको भी गाली बकने के साथ जातिसूचक शब्द बोलने लगा।

हंगामा होता देख कर आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों की मदद के शकील को पकड़ कर थाने लाया गया। रास्ते में वो पीड़ितों को जान से मार डालने की धमकी देता रहा। पीड़ित परिवार ने शकील पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने शकील को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 76, 115 (2), 351 (2), 351 (3) और 352 के साथ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। शकील को जेल भेज दिया गया है।

अताउर के बेटे ने किया 7 वर्षीय बच्चे से कुकर्म

दूसरा मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र मूढ़ापाण्डे का है। यहाँ सोमवार (19 अगस्त, 2024) को एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले अताउर रहमान के बेटे मुझीपर ने उनके 7 वर्षीय बेटे के साथ कुकर्म किया है। पीड़ित को कुछ खिलाने का लालच दे कर सुनसान जगह ले जाया गया था। कुकर्म में मुझीपर के साथ एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। जब बच्चा दर्द से कराहने लगा तो उसे कहीं मुँह न खोलने की भी धमकी दी गई।

पीड़ित की माँ ने पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने मुझीपर को नामजद करते हुए एक अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

कॉरपोरेटर से वेरीफाई करके बनवाया फर्जी कागजात, फिर चली गई पाकिस्तान, ऐसे धराई नगमा: बांग्लादेशियों को बसाने के लिए सपा MLA इरफान अपनाता था यही तरीका

फर्जी कागजात से नाम बदलकर पासपोर्ट बनवाने वाली सनम खान उर्फ नगमा नूर मकसूद अली के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नगमा ने नाम बदलवाने के बाद उसे गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित नहीं करवाया था और ना ही समाचार पत्र में जारी किया था। इतना ही नहीं, उसने आधार कार्ड बनवाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था।

दरअसल, ठाणे निवासी 27 वर्षीय की नगमा ने साल 2015 में अवैध रूप से अपना जन्म का नाम बदलकर सनम खान रख लिया था। इसके बाद वह साल 2022 की शुरुआत में एक पाकिस्तानी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन निकाह करके अपनी पहले निकाह से जन्मी दो बेटियों को लेकर पाकिस्तान के एबटाबाद चली गई थी।

इसके बाद 17 जुलाई 2024 को नगमा अपनी बीमार माँ की देखभाल के लिए ठाणे लौटी। पाकिस्तान की यात्रा करने के कारण अधिकारियों ने उसके दस्तावेज़ों की तो उसमें इस तरह की अवैधता का पता चला। ठाणे के वर्तक नगर पुलिस स्टेशन ने नगमा के खिलाफ़ जाली दस्तावेज़ों का उपयोग करके आधार कार्ड हासिल करने का मामला दर्ज करके उसे 25 जुलाई को गिरफ़्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछा कि उसने पासपोर्ट और पैन कार्ड समेत अपने आधिकारिक दस्तावेज सनम खान के नाम से कैसे हासिल किए, जबकि उनका आधिकारिक नाम अभी भी नगमा ही था। उसने पुलिस को बताया कि दुकानदार ने उसके जन्म के वर्ष 1997 से 2001 करके सनम खान के नाम पर जन्म प्रमाण पत्र बनवा दिया। इसके साथ पैन कार्ड और आधार कार्ड के लिए उससे 20,000 रुपए लिए थे।

एक अधिकारी के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जब हमने दुकानदार से पूछा कि वह उसके (नगमा के) नए नाम पर आधार कार्ड कैसे बनवाने में कामयाब रहा, जबकि उसके पास उसके मूल जन्म प्रमाण पत्र सहित कोई सहायक दस्तावेज नहीं था। तब उस दुनकानदार ने कहा कि उसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्थानीय पार्षद से केवल एक हस्ताक्षरित पत्र लेकर जमा कर दिया था।”

अधिकारी ने आगे बताया, “नाम बदलने की सही प्रक्रिया गजट नोटिफिकेशन और अखबारों में नोटिस देना है। हालाँकि, नगमा ने पासपोर्ट के लिए आवेदन करने सहित ऐसा किए बिना अपने नए दस्तावेजों का उपयोग करना शुरू कर दिया। चूँकि वह पाकिस्तान गई थी, इसलिए उसके दस्तावेजों की जाँच की गई और इस तरह अवैधता का पता चला।” इस मामले में उसे अगस्त पहले सप्ताह में जमानत मिल गई।

दरअसल, पासपोर्ट, आधार आदि बनवाने के लिए उसके समर्थन में उसी नाम-पता आदि वाले किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में फर्जी निवास प्रमाण पत्र का उपयोग धड़ल्ले से किया जाता है। निवास प्रमाण पत्र के लिए स्थानीय पार्षद, विधायक या सासंद से सत्यापित करवाना होता है और फिर उस पर नाम, पता और जन्म तिथि आदि अंकित हो जाता है।

नगमा का सनम खान से दस्तावेज बनवाने के लिए उस दुकानदार ने भी यही तरीका अपनाया था। उसने स्थानीय कॉरपोरेटर से सनम खान के नाम से सत्यापित करवाकर उसका जन्म प्रमाण बनवा लिया था। उसके आधार पर उसने सनम खान के नाम से पैन कार्ड, आधार कार्ड और फिर पासपोर्ट बनवा दिया। इस दुकानदार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यह खेल पूरे देश में खेला जाता है, खासकर म्यांमार से आने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों को भारत में बसाने के लिए इसी तरह से उनके फर्जी दस्तावेज बनवाए जाते हैं। हाल में उत्तर प्रदेश के कानपुर में कई बांग्लादेशी पकड़े गए थे। उन्हें भारत में बसाने के लिए जरूरी कागजातों पर सत्यापन का काम समाजवादी पार्टी का स्थानीय विधायक इरफान सोलंकी करता था।

दरअसल, दिसंबर 2022 में कानपुर पुलिस ने अवैध तौर पर रह रहे 5 बांग्लादेशी मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपितों में 2 पुरुष, 2 महिलाएँ और एक नाबालिग किशोर शामिल थे। ये सभी घुसपैठिए फर्जी पहचान के साथ भारत में रह रहे थे। इनके पास से कई पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद किए गए थे।

इनमें से एक बांग्लादेशी नागरिक कई देशों की यात्रा भी कर चुका था और उसके पास तमाम देशों की करेंसी भी बरामद हुई थी। कानपुर विधायक इरफ़ान सोलंकी ने इन सभी के कागजातों को वेरिफाई किया था। पूछताछ की गई तो आरोपितों ने बताया कि वो मूल रूप से बांग्लादेश के खुलना जिले के निवासी हैं। पुलिस को आरोपितों ने बताया था कि वे साल 2016 से भारत में रह रहे हैं।