दिलीप सिंह जूदेव की मौत के बाद से आदिवासियों की घर वापसी के अभियान को प्रबल प्रताप आगे बढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं- न कन्वर्ट होंगे, न किसी को करने देंगे।
9 नवंबर 1989 को राम मंदिर का शिलान्यास भले उस जगह से कुछ मीटर दूर करना पड़ा था जहाँ रामलला विराजमान थे, लेकिन इसी तारीख ने यह तय कर दिया था कि भव्य राम मंदिर इस देश में बनकर जरूर खड़ा होगा।