जिस श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को देश को समर्पित करेंगे, वहाँ के उत्सवी वातावरण, दिव्यता, भव्यता और जीवंत आध्यात्मिकता की ग्राउंड रिपोर्ट।
दिलीप सिंह जूदेव की मौत के बाद से आदिवासियों की घर वापसी के अभियान को प्रबल प्रताप आगे बढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं- न कन्वर्ट होंगे, न किसी को करने देंगे।
9 नवंबर 1989 को राम मंदिर का शिलान्यास भले उस जगह से कुछ मीटर दूर करना पड़ा था जहाँ रामलला विराजमान थे, लेकिन इसी तारीख ने यह तय कर दिया था कि भव्य राम मंदिर इस देश में बनकर जरूर खड़ा होगा।