9 कुल लेख

आशीष कुमार 'अंशु'

पत्रकार, लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। आम आदमी के सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों तथा भारत के दूरदराज में बसे नागरिकों की समस्याओं पर अंशु ने लम्बे समय तक लेखन व पत्रकारिता की है। अंशु मीडिया स्कैन ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।

साहित्य अकादमी या वामपंथियों का वैचारिक अखाड़ा? ममता कालिया को ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिले पुरस्कार से छिड़ी बहस

साहित्य अकादमी 2025 में ममता कालिया को मिले सम्मान के बाद वामपंथी पक्षपात, स्वायत्तता और चयन प्रक्रिया पर नई बहस छिड़ गई है।

47 देशों की 140 फिल्में… दिल्ली का सिनेमाई महोत्सव राजधानी को बनाएगा ‘ग्लोबल फिल्म हब’, IFFD से पर्यटन-कारोबार-अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल जारी है। दिल्ली सरकार ने फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कला संस्कृति विभाग के साथ मिलकर इसका आयोजन किया है।

1994 के प्रण से 2026 की हुंकार तक: अखंड भारत के लिए देश मनाता है ‘POJK संकल्प दिवस’, पढ़ें ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सामरिक महत्व

POJK का संकल्प मात्र राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रभुसत्ता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का जीवंत प्रमाण है।

रोहतक से दिल्ली की ओर: परफॉर्मिंग आर्ट्स में हरियाणा का नया केंद्र बन रहा सुपवा

मोदी सरकार के साथ ही 2014 में अस्तित्व में आया यह संस्थान 'कला साधना परम दैवतम्' के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

जनता दरबार में ही निलंबन, ‘नो वर्क नो पे’ और जाँच की धमकी से काम पर लौटते CO: बिहार में जमीन विवादों की जड़ों...

विजय सिन्हा के सख्त रुख और ईमानदारी से भरे संकल्प ने भ्रष्ट तत्वों में खौफ पैदा कर दिया है। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।

रायपुर साहित्य उत्सव: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और राष्ट्रीय संवाद का अनुपम संगम

राजधानी रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23-25 जनवरी तक आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव 2026 एक ऐतिहासिक और अत्यंत सफल आयोजन साबित हुआ।

शब्दोत्सव: भारत अभ्युदय की वैचारिक क्रांति का प्रारंभ, एक नया साहित्यिक मंच-एक स्पष्ट दिशा

तीन दिनों में 100 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, 40 से ज्यादा पुस्तकों का विमोचन हुआ, लोकनृत्य, भक्ति संगीत और ओपन माइक जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को आकर्षित किया।

जो जीसस को पति मान कर जाती हैं चर्च, उन्हें पादरियों को ‘खुश करने’ का दे दिया जाता है काम: तेज़ी से घट रही...

फेडरिका ने चर्च में ननों के बीच बनने वाले समलैंगिक संबंधों पर और चर्च परिसर में होने वाले बलात्कारों पर लिखा। इसाबेल के साथ की थी समलैंगिक शादी।