Friday, July 10, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष सत्ता के लिए कागज़ दिखाएँगे वरना 'कागज बकरी खा गई, बकरी अब्बा खा गए'...

सत्ता के लिए कागज़ दिखाएँगे वरना ‘कागज बकरी खा गई, बकरी अब्बा खा गए’ चिल्लाएँगे

मतदान के लिए बुर्के और टोपी में उमड़ी हुई भीड़ इस बात का सबूत है कि सत्ता और ताकत की 'च्वाइस' इंसान को क्या कुछ करने के लिए मजबूर कर सकती है। करीब दो महीनों से 'कागज़ नहीं दिखाएँगे' और 'कागज बकरी खा गई और बकरी अब्बा खा गए' जैसे नारे लगाने वाले आज...

ये भी पढ़ें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

शाहीन बाग़, जामिया नगर में मतदान के लिए बुर्के और टोपी में उमड़ी हुई भीड़ इस बात का सबूत है कि सत्ता और ताकत की ‘च्वाइस’ इंसान को क्या कुछ करने के लिए मजबूर कर सकती है। करीब दो महीनों से ‘कागज़ नहीं दिखाएँगे’ और ‘कागज बकरी खा गई और बकरी अब्बा खा गए’ जैसे नारे लगाने वाले आज सुबह से मतदान केंद्रों की लाइन पर लगे हैं। वो भी बकायदा दस्तावेज (वोटर कार्ड) हाथ में लेकर।

शाहीन बाग़ को धरती पर ही जन्नत बताने वाले विचारक पत्रकारों ने भी ये मंजर देखकर एक बार खुद को चूँटी जरूर काटी होगी कि अचानक से ये इतने सारे कागज़ लेकर कहाँ से उमड़ पड़े। वरना ‘बिरियानी बाग़’ में विरोध-प्रदर्शन के नाम पर बाँटी जा रही बिरयानी के लिए तो पात्रता ही कागजों का ना होना था।

शरीयत की ‘सेक्युलेरियत’ को कितना भी नकारते रहें लेकिन जब शुक्रवार की शाम मौलवियों ने घोषणा जारी करते हुए दिल्ली में मतदान करने के आदेश दिए तो उसके बाद मजहबी साथियों के लिए इस आदेश को नकारना बहुत कठिन था। या यह कहें कि चूँकि यह आदेश संविधान निर्माताओं द्वारा बनाए गए कानून से नहीं, बल्कि मस्जिद के सेक्युलर स्पीकर्स से जारी किए गए, इसलिए इनकी अवहेलना करने का तो कोई विकल्प ही मौजूद नहीं होता है।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर आम आदमी पार्टी ने शाहीन बाग़ को खड़ा किया है, यह बात चुनाव आते-आते पूरी तरह से स्पष्ट होती गई। लेकिन ध्यान देने की बात यह है कि एक ऐसा आदमी, जिसके राजनीतिक करियर की शुरुआत ही धरना-प्रदर्शन से हुई थी, उसने अपना पहला कार्यकाल पूरा होते-होते दिल्ली को एक आधिकारिक धरना राजधानी में तब्दील कर ही दिया।

इससे भी दिलचस्प बात यह कि एक विधानसभा चुनाव से दूसरे विधानसभा चुनाव के बीच दिल्ली ने इन विरोध-प्रदर्शनों के बीच शायद ही कुछ देखा हो और आज जब चुनाव की बारी एक बार फिर से आई, तो लोग धरना राजधानी में धरने से ही उठकर मतदान देने भी जा रहे हैं।

इस सब के बावजूद भी अरविंद केजरीवाल से इससे भी बड़ी उपलब्धि की उम्मीद अगर कोई अभी भी कर रहा है, तो उसे जाकर पहली फुरसत में कॉन्ग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए। क्योंकि आज की तारीख में ना कॉन्ग्रेस का कोई भविष्य नजर आता है, और ना ही केजरीवाल से धरना-प्रदर्शन के अलावा कोई और उम्मीद करने वाले का कोई सुनहरा भविष्य हो सकता है। जो आदमी राहुल गाँधी से उम्मीद लगाए बैठे हों, वे अगर एक बार के लिए केजरीवाल से भी उम्मीद लगा ले तो कोई गुनाह है क्या?

राहुल गाँधी का जिक्र आते ही कि दिल्ली चुनाव और ‘कागज नहीं दिखाएँगे’ के इस पूरे ड्रामे के बीच एक राजनीतिक दल ऐसा भी था, जिसे ना ही किसी को कागज़ दिखाने थे और ना ही किसी से कागज माँगने थे; वो है कॉन्ग्रेस! कॉन्ग्रेस जिस तरह से इस पूरे प्रकरण के बीच सोई हुई नजर आई, उसे देखकर तो यही लगता है कि वो वर्षों तक इस देश में सत्ता में रहने की थकान उतार रही है और जिम्मेदारी का यह बोझ राजमाता सोनिया और चिर-युवा युवराज राहुल गाँधी के ही कन्धों पर था।

इस चुनाव में कॉन्ग्रेस के हालात ये हैं कि आज मतदान देकर जब सॉल्ट न्यूज़ के एक सस्ते फैक्ट चेकर ने EVM पर कॉन्ग्रेस का निशान दबाया तो बदले में मशीन से हँसने की आवाजें आई। इस घटना से दहशत में जब फैक्ट चेकर मतदान देकर बाहर निकला, तो उसे तुरंत चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इसकी सूचना ‘न्यूज़लॉन्डी’ नामक हास्य व्यंग्य का फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट ने दी है।

इस राज परिवार को शाहीन बाग़ से कोई ख़ास लेना देना नहीं रहा। सुनने में तो यह भी आ रहा है कि कॉन्ग्रेस कार्यालय में इस बात की मिठाइयाँ बाँटी जा रहीं कि उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुछ भी ना कर के कम से कम इतने रुपए तो बचा ही लिए हैं, जिससे वो राहुल गाँधी की एक और थाईलैंड यात्रा का इंतजाम कर सकें।

अगर इस चुनाव में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत होती है, तो अरविन्द केजरीवाल को सब कुछ (फिल्म रिव्यु, बेवजह हर जगह कंटाप खाना, आदि आदि) पहली फुरसत में छोड़कर एक ‘धरना मंत्रालय’ का गठन करना चाहिए। जिस स्ट्राइक रेट से पिछले पाँच सालों में दिल्ली में धरना प्रदर्शन होते रहे, उससे तो यही संदेश जाता है कि दिल्ली को एक मुख्यमंत्री की नहीं बल्कि एक धरना मंत्री की ज्यादा जरूरत है।

इन सभी तथ्यों के बावजूद केजरीवाल के मीडिया प्रमुख अपने प्राइम टाइम में यह भी कहते सुने और देखे गए कि दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल को हरा पाना नामुमकिन है। लेकिन सॉल्ट न्यूज़ द्वारा सत्यापित आँकड़ों वाली ग्राउंड रिपोर्ट तो यही बताती है कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली में सिर्फ एक ही कंडीशन में हार सकते हैं, अगर भाजपा उन्हें दिल्ली में अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर देती।

खैर, सॉल्ट न्यूज़ और सभी आँकड़े क्या कुछ नहीं कहते। ये तो यह भी कहते थे कि पाँच साल में केजरीवाल दिल्ली को लंदन बना देने वाले थे। वो तो भला हो मोदी सरकार, दिल्ली के गवर्नर, हाशमी दवाखाना और हर उस आदमी का जिन्होंने अरविन्द केजरीवाल को कभी कुछ करने ही नहीं दिया, वरना शाहीन बाग़ वालों को लंदन में बिरियानी के लिए लंगर लगाने और धरना प्रदर्शन करने की इजाजत ही कैसे मिल पाती, क्योंकि लंदन में तो हर काम के लिए कागज दिखाने पड़ते हैं और शाहीन बाग़ वालों के कागज़ तो कब की बकरी खा गई थी।

मतदान के बाद बाबा भीमराव आम्बेडकर और संविधान निर्माताओं पर आखिरी एहसान ये ‘शाहीन बाग़’ अब सिर्फ यही कर सकता है कि जिन कागजों को लेकर वो पोलिंग बूथ पहुँचे हैं, उन्हीं कागजों को उस वक़्त भी दिखा दें, जब NRC और CAA के लिए कागज माँगे जाएँगे। क्योंकि संविधान के अनुसार नागरिकता की पहचान के लिए यही कागज़ वहाँ भी दिखाने हैं, जिन्हें हाथ में लेकर आप मतदान करने गए हैं।

NDTV में आखिर क्यों हाशिए पर ढकेले गए रवीश कुमार

टुकड़े-टुकड़े गैंग का अगला RTI: ऊँट के मुँह में आखिर जीरा डाला किसने था और क्यों? गृह मंत्री जवाब दें

मोदी जी बने रहे, शाहीनबाग सजा रहे: आजादी के मजे ले रही सबा नक़ली और इकतरफा ख़ानम

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

ख़ास ख़बरें

एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे: STF की गाड़ी पलटने के बाद दुबे ने की थी पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश, देखें वीडियो

गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने घायल यूपी एसटीएफ के पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में गोली लगने से बुरी तरह घायल विकास दुबे की मौत हो गई।

MLA कृष्णा पूनिया को जेड सिक्योरिटी: खाकी को दबाने का आरोप, अब 2 SI सहित 35 पुलिसकर्मी करेंगे सुरक्षा

राजस्थान के सबसे जांबाज पुलिसकर्मी विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड को लेकर आरोपों में घिरीं कृष्णा पूनिया को गहलोत सरकार ने जेड सिक्योरिटी प्रदान की है।

गुजरात ने दिखाई आत्मनिर्भर भारत की राह: अजंता घड़ी वाला मोरबी चीनी टॉय मार्केट की लेगा जगह

मोरबी सेरेमिक टाइल्स का हब है। अब यहॉं की फर्मों ने बाजार में चीनी खिलौनों की जगह लेने का बीड़ा उठाया है।

जिस्म दो, मजदूरी लो: आज तक ने चित्रकूट की खदानों में यौन शोषण की रिपोर्ट के नाम पर किया गुमराह?

आज तक का दावा था कि चित्रकूट के खदानों में नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण हो रहा है। 'पीड़िता' ने कहा है कि उसे सवाल ही समझ में नहीं आए थे।

सीएम की सुपारी लेने वाला श्रीप्रकाश शुक्ला, पुलिसकर्मियों को मारने वाला विकास दुबे: यूपी के क्रिमिनल कैसे-कैसे

विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला दोनों ही अपराधियों में कई बातें एक जैसी हैं, दोनों के जीवन का शुरूआती जीवन हो या अंत, एनकाउंटर के अलावा ऐसी तमाम बातें हैं जब दोनों एक जैसे ही नज़र आते हैं।

प्रिय राजदीप, पप्पू का नाम सुना है, वो नेपाल भाग गया था, जानते हो उसके साथ क्या हुआ?

विकास दुबे पर कॉन्स्पिरेसी थ्योरी के सरताजों को पप्पू देव के बारे में जानना चाहिए, क्योंकि उनके सूत्र भी उनकी तरह का ही चश्मा पहनते हैं।

प्रचलित ख़बरें

क्या है सुकन्या देवी रेप केस जिसमें राहुल गाँधी थे आरोपित, कोर्ट ने कर दिया था खारिज

राजीव गाँधी फाउंडेशन पर जाँच को लेकर कल एक टीवी डिबेट में बीजेपी के संबित पात्रा और कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ के बीच बहस आगे बढ़ते-बढ़ते एक पुराने रेप के मामले पर अटक गई जिसमें राहुल गाँधी को आरोपित बनाया गया था।

शोएब अख्तर के ओवर में काँपते थे सचिन, अफरीदी ने बिना रिकॉर्ड देखे किया दावा

सचिन ने ऐसे 19 मैच खेले, जिसमें शोएब पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। इसमें सचिन ने 90.18 के स्ट्राइक और 45.47 की औसत से 864 रन बनाए।

‘गुप्त सूत्रों’ से विकास दुबे का एनकाउंटर: राजदीप खोजी पत्रकारों के सरदार, गैंग की 2 चेली का भी कमाल

विकास दुबे जब फरार था, तभी 'खोजी बुद्धिजीवी' अपने काम में जुट गए। ऐसे पत्रकारों में प्रमुख नाम थे राजदीप सरदेसाई, स्वाति चतुर्वेदी और...

रवीश कुमार जैसे गैर-मुस्लिम, चाहे वो कितना भी हमारे पक्ष में बोलें, नरक ही जाएँगे: जाकिर नाइक

बकौल ज़ाकिर नाइक, रवीश कुमार हों या 'मुस्लिमों का पक्ष लेने वाले' अन्य नॉन-मुस्लिम... उन सभी के लिए नरक की सज़ा की ही व्यवस्था है।

हमने कंगना को मौका नहीं दिया होता तो? पूजा भट्ट ने कहा- हमने उतनों को लॉन्च किया, जितनों को पूरी इंडस्ट्री ने नहीं की

पूजा भट्ट ने दावा किया कि वो एक ऐसे 'परिवार' से आती हैं, जिसने उतने प्रतिभाशाली अभिनेताओं, संगीतकारों और टेक्नीशियनों को लॉन्च किया है, जितनों को पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने मिल कर भी नहीं किया होगा।

बेटों ने अपनाया ईसाई धर्म तो पिता ने संपत्ति से बेदखल कर थाने में दर्ज कराया मुकदमा, कहा- नहीं देंगे फूटी कौड़ी

पिता का आरोप है कि भूसुर गाँव के एक व्यक्ति द्वारा हमारे बटों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि यदि हमारे बेटे ने धर्म परिवर्तन किया तो उन्हें पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया जाएगा।

एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे: STF की गाड़ी पलटने के बाद दुबे ने की थी पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश, देखें वीडियो

गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने घायल यूपी एसटीएफ के पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में गोली लगने से बुरी तरह घायल विकास दुबे की मौत हो गई।

Covid-19: भारत में 24 घंटे में सामने आए 24879 नए मामले, अब तक 21129 की मौत

भारत में कोरोना संक्रमण के अब तक 7,67,296 मामले सामने आ चुके हैं। बीते 24 घंटे में 24,879 नए मामले सामने आए हैं और 487 लोगों की मौत हुई है।

MLA कृष्णा पूनिया को जेड सिक्योरिटी: खाकी को दबाने का आरोप, अब 2 SI सहित 35 पुलिसकर्मी करेंगे सुरक्षा

राजस्थान के सबसे जांबाज पुलिसकर्मी विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड को लेकर आरोपों में घिरीं कृष्णा पूनिया को गहलोत सरकार ने जेड सिक्योरिटी प्रदान की है।

गुजरात ने दिखाई आत्मनिर्भर भारत की राह: अजंता घड़ी वाला मोरबी चीनी टॉय मार्केट की लेगा जगह

मोरबी सेरेमिक टाइल्स का हब है। अब यहॉं की फर्मों ने बाजार में चीनी खिलौनों की जगह लेने का बीड़ा उठाया है।

जिस्म दो, मजदूरी लो: आज तक ने चित्रकूट की खदानों में यौन शोषण की रिपोर्ट के नाम पर किया गुमराह?

आज तक का दावा था कि चित्रकूट के खदानों में नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण हो रहा है। 'पीड़िता' ने कहा है कि उसे सवाल ही समझ में नहीं आए थे।

गैंगस्टर व‍िकास दुबे की पत्‍नी और बेटे को लखनऊ में एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, नौकर को भी दौड़ाकर पकड़ा

गैंगस्टर विकास दुबे की आज सुबह उज्‍जैन में गिरफ़्तारी के बाद अब शाम को उसकी पत्‍नी और बेटे को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर ल‍िया है।

पश्चिम बंगाल: भ्रष्टाचार पर ममता सरकार की पोल खोलने वाले पत्रकार शफीकुल इस्लाम समेत 3 गिरफ्तार

आरामबाग टीवी राज्य सरकार के निशाने पर पहले से था। क्योंकि, चैनल ने ममता बनर्जी सरकार द्वारा कई सभाओं को दिए डोनेशन पर सवाल उठाए थे।

कौन है मनोज यादव, सपा से क्या है रिश्ता: विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद उज्जैन से मिली यूपी नंबर वाली कार

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद उज्जैन में यूपी नंबर की कार मिली जो मनोज यादव के नाम से रजिस्टर्ड है। उसका संबंध सपा से बताया जा रहा।

‘तेरी माँ रं*’: कैनी सेबेस्टियन की गालीबाजी पर फूटा गुस्सा, कॉमेडियन ने स्क्रीनशॉट को बताया फेक

कैनी सेबेस्टियन पर महिलाओं को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। हालॉंकि इससे जुड़े स्क्रीनशॉट को उसने फेक बताया है।

सीएम की सुपारी लेने वाला श्रीप्रकाश शुक्ला, पुलिसकर्मियों को मारने वाला विकास दुबे: यूपी के क्रिमिनल कैसे-कैसे

विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला दोनों ही अपराधियों में कई बातें एक जैसी हैं, दोनों के जीवन का शुरूआती जीवन हो या अंत, एनकाउंटर के अलावा ऐसी तमाम बातें हैं जब दोनों एक जैसे ही नज़र आते हैं।

हमसे जुड़ें

237,080FansLike
63,322FollowersFollow
272,000SubscribersSubscribe